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पीयू में फीसों में वृद्धि के खिलाफ स्टूडेंट्स का वीसी दफ्तर आगे धरना कैंपस में विद्यार्थियों के लिए नए हास्टलों के निर्माण की भी
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पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ छह स्टूडेंट जत्थेबंदियों पर आधारित सांझा विद्यार्थी मोर्चे ने सोमवार को वीसी दफ्तर के आगे धरना लगाया। विद्यार्थियों ने फीस बढ़ोतरी वापस लेने और परिसर में नए छात्रावास बनाने की मांग की।
सांझा विद्यार्थी मोर्चे के छात्र नेता वरिंदर खुराना, प्रितपाल और राहुल आदि ने कहा कि उनकी मांगों को पीयू प्रशासन की ओर से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी में चल रहे कोर्सों की फीसों में 3.4 प्रतिशत से लेकर 109 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। इस फैसले से ग्रामीण व गरीब विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा सभी तरह की फीसों पर जीएसटी थोप दिया गया है, जो विद्यार्थियों पर दोहरी मार है।
वहीं, पीयू परिसर में छात्रावासों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्र नेताओं का कहना है कि पीयू प्रशासन इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। खासकर लड़कियों के छात्रावासों में कमरों की क्षमता से दोगुनी भर्ती की जा रही है। ऊपर से बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, शौचालय, बेड और अलमारियों आदि की भारी कमी है। पैसे कमाने के लिए पीयू की तरफ से लाइब्रेरी में ओवरड्यू का जुर्माना पांच गुणा बढ़ा दिया गया है।
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ये हैं प्रमुख मांगें
फीसों में बढ़ोतरी को वापस लिया जाए
नए छात्रावासों का निर्माण करवाया जाए
पीएचडी की सभी सीटें भरी जाएं
एमफिल का कोर्स चालू रखें जाएं
गेस्ट फैकेल्टी की तनख्वाहों में कटौती न हो
लाइब्रेरी के जुर्माने में की वृद्धि वापस ली जाए
लाइब्रेरी का समय पहले की तरह किया जाए
शोधकर्ताओं की रोकी हुई फेलोशिप तुरंत हो
यूनिवर्सिटी में हुए घपलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए
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सांझा विद्यार्थी मोर्चे के छात्र नेता वरिंदर खुराना, प्रितपाल और राहुल आदि ने कहा कि उनकी मांगों को पीयू प्रशासन की ओर से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी में चल रहे कोर्सों की फीसों में 3.4 प्रतिशत से लेकर 109 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। इस फैसले से ग्रामीण व गरीब विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा सभी तरह की फीसों पर जीएसटी थोप दिया गया है, जो विद्यार्थियों पर दोहरी मार है।
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वहीं, पीयू परिसर में छात्रावासों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्र नेताओं का कहना है कि पीयू प्रशासन इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। खासकर लड़कियों के छात्रावासों में कमरों की क्षमता से दोगुनी भर्ती की जा रही है। ऊपर से बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, शौचालय, बेड और अलमारियों आदि की भारी कमी है। पैसे कमाने के लिए पीयू की तरफ से लाइब्रेरी में ओवरड्यू का जुर्माना पांच गुणा बढ़ा दिया गया है।
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ये हैं प्रमुख मांगें
फीसों में बढ़ोतरी को वापस लिया जाए
नए छात्रावासों का निर्माण करवाया जाए
पीएचडी की सभी सीटें भरी जाएं
एमफिल का कोर्स चालू रखें जाएं
गेस्ट फैकेल्टी की तनख्वाहों में कटौती न हो
लाइब्रेरी के जुर्माने में की वृद्धि वापस ली जाए
लाइब्रेरी का समय पहले की तरह किया जाए
शोधकर्ताओं की रोकी हुई फेलोशिप तुरंत हो
यूनिवर्सिटी में हुए घपलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए