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कैप्टन खुद को महाराज न समझें : चीमा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 14 Dec 2015 10:17 PM IST
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पटियाला में सद्भावना रैली को लेकर अकाली दल ने प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ सियासी हमले तेज कर दिए हैं।
शिक्षा मंत्री एवं शिअद के सचिव व वक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि कैप्टन न तो महाराजा हैं और न ही बठिंडा में उनकी ताजपोशी होनी है। लोकतंत्र के इस युग में वह अपनी असलियत को पहचान कर लोगों की सेवा करना सीखें। चीमा सोमवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। चीमा पटियाला में मंगलवार को अकाली दल की होने वाली सद्भावना रैली की तैयारियों का जायजा ले आए थे।
चीमा ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी राजा नहीं है, बल्कि सभी बराबर हैं। कैप्टन को यह बात समझनी चाहिए, लेकिन अभी तक वह खुद को महाराजा समझते हैं व अपनी ताजपोशी की बातें कर रहे हैं। चीमा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से सरबत खालसा के आयोजकों को सीधे तौर पर हिमायत देकर पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया था, लेकिन शिअद की सद्भावना रैलियों ने लोगों के भ्रम दूर कर दिए हैं और पंजाब में अमन, शांति व सद्भावना प्रति लोगों का विश्वास बहाल हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को पटियाला में होने जा रही सद्भावना रैली नया मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि जिले के इतिहास में ऐसी रैली का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ।
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शिक्षा मंत्री एवं शिअद के सचिव व वक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि कैप्टन न तो महाराजा हैं और न ही बठिंडा में उनकी ताजपोशी होनी है। लोकतंत्र के इस युग में वह अपनी असलियत को पहचान कर लोगों की सेवा करना सीखें। चीमा सोमवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। चीमा पटियाला में मंगलवार को अकाली दल की होने वाली सद्भावना रैली की तैयारियों का जायजा ले आए थे।
चीमा ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी राजा नहीं है, बल्कि सभी बराबर हैं। कैप्टन को यह बात समझनी चाहिए, लेकिन अभी तक वह खुद को महाराजा समझते हैं व अपनी ताजपोशी की बातें कर रहे हैं। चीमा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से सरबत खालसा के आयोजकों को सीधे तौर पर हिमायत देकर पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया था, लेकिन शिअद की सद्भावना रैलियों ने लोगों के भ्रम दूर कर दिए हैं और पंजाब में अमन, शांति व सद्भावना प्रति लोगों का विश्वास बहाल हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को पटियाला में होने जा रही सद्भावना रैली नया मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि जिले के इतिहास में ऐसी रैली का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ।