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पंजाब में किसी भी हालत में नहीं लगने दिए जाएंगे प्रीपेड मीटर: किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की ओर से बिजली के निजीकरण और अन्य मांगों को लेकर पावरकाम के सीएमडी अजाय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें किसान नेता सरवन सिंह पंधेर समेत अन्य ने कहा कि पंजाब में चिप युक्त प्रीपेड मीटरों को किसी भी हालत में लगने नहीं दिया जाएगा। इससे बिजली क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता साफ होगा। चूंकि ये मीटर चीन में बन रहे हैं और इंटरनेट के माध्यम से संचालित होंगे, इसलिए इन्हें हैक भी किया जा सकता है। किसान नेताओं ने कहा कि एक तरह से ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन सकते हैं। साथ ही इनके लगने से हजारों मीटर रीडरों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी। बैठक में किसानों के शिष्टमंडल में प्रदेश प्रधान सुखविंदर सिंह सभरा के अलावा राणा रणबीर सिंह, सरवन सिंह पंधेर, अंग्रेज सिंह सहंसरा, बलजिंदर सिंह निपाला और कंवरदलीप सैदोलेहल शामिल रहे।
किसान नेताओं ने बताया कि पावरकाम मैनेजमेंट इस बात पर सहमत है कि आने वाले दिनों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाले बिजली दफ्तरों में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी पंजाबी भाषा में भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि खेतीबाड़ी मोटरों के लिए लोड बढ़ाने की स्कीम को 1200 रुपये प्रति हॉर्स पावर करने पर विचार किया जाएगा। बिजली कनेक्शन को दूसरे व्यक्ति के नाम पर बदलने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाने की मांग पर मैनेजमेंट ने कहा कि इस पर काम किया जा रहा है। बिजली कर्मचारियों की नई भरती की मांग पर कहा कि जल्द ही स्थायी आधार पर भरती की जाएगी और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्थायी किया जाएगा।
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पटियाला। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की ओर से बिजली के निजीकरण और अन्य मांगों को लेकर पावरकाम के सीएमडी अजाय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें किसान नेता सरवन सिंह पंधेर समेत अन्य ने कहा कि पंजाब में चिप युक्त प्रीपेड मीटरों को किसी भी हालत में लगने नहीं दिया जाएगा। इससे बिजली क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता साफ होगा। चूंकि ये मीटर चीन में बन रहे हैं और इंटरनेट के माध्यम से संचालित होंगे, इसलिए इन्हें हैक भी किया जा सकता है। किसान नेताओं ने कहा कि एक तरह से ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन सकते हैं। साथ ही इनके लगने से हजारों मीटर रीडरों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी। बैठक में किसानों के शिष्टमंडल में प्रदेश प्रधान सुखविंदर सिंह सभरा के अलावा राणा रणबीर सिंह, सरवन सिंह पंधेर, अंग्रेज सिंह सहंसरा, बलजिंदर सिंह निपाला और कंवरदलीप सैदोलेहल शामिल रहे।
किसान नेताओं ने बताया कि पावरकाम मैनेजमेंट इस बात पर सहमत है कि आने वाले दिनों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाले बिजली दफ्तरों में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी पंजाबी भाषा में भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि खेतीबाड़ी मोटरों के लिए लोड बढ़ाने की स्कीम को 1200 रुपये प्रति हॉर्स पावर करने पर विचार किया जाएगा। बिजली कनेक्शन को दूसरे व्यक्ति के नाम पर बदलने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाने की मांग पर मैनेजमेंट ने कहा कि इस पर काम किया जा रहा है। बिजली कर्मचारियों की नई भरती की मांग पर कहा कि जल्द ही स्थायी आधार पर भरती की जाएगी और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्थायी किया जाएगा।
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