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पंचायत सचिवों की भर्ती स्कैंडल मामले में पूर्व स्पीकर निर्मल सिंह काहलों सीबीआई अदालत में पेश
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 02 Sep 2016 03:08 PM IST
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कोर्ट
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सीबीआई अदालत में पंचायत सचिवों के भर्ती स्कैंडल संबंधी चल रहे केस की सुनवाई के दौरान अदालत में केस में नामजद पंजाब विधानसभा के पूर्व स्पीकर एवं पूर्व पंचायत मंत्री निर्मल सिंह काहलों पेश हुए। इस मौके पर केस में नामजद अन्य आरोपी भी हाजिर हुए।
सुनवाई सीबीआई के जज एसएस मान की अदालत में थी। जहां विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव जेएस केसर और ज्वाइंट डायरेक्टर सीएल प्रेमी की ओर से अपने खिलाफ मामला न बनता होने के कारण उनको डिस्चार्ज करने की लगाए आवेदनों पर बहस हुई। इस दौरान काहलों के केस की पैरवी कर रहे सीनियर वकील सतनाम सिंह कलेर ने बताया कि अदालत ने अगली पेशी 23 सितंबर पर डालते हुए इन आवेदनों का फैसला देना तय किया है।
यह मामला अकाली दल की 1997 से 2002 तक की सरकार के समय पंचायत विभाग की ओर से 909 पंचायत सचिवों की भर्ती के साथ संबंधित है। उस समय निर्मल सिंह काहलों पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री थे। बाद में 2002 में कांग्रेस की सरकार आने पर सीएम बने कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से पंचायत सचिवों की इस भर्ती पर लगे भ्रष्टाचार आरोपों के मद्देनजर मामले की जांच कराई गई थी। इसके तहत सीबीआई ने 14 जून 2002 को काहलों समेत तत्कालीन प्रमुख सचिव जेएस केसर, संयुक्त डायरेक्टर सीएल प्रेमी, विकास शर्मा व पीएस सोढी के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत यह केस दर्ज किया था।
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सुनवाई सीबीआई के जज एसएस मान की अदालत में थी। जहां विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव जेएस केसर और ज्वाइंट डायरेक्टर सीएल प्रेमी की ओर से अपने खिलाफ मामला न बनता होने के कारण उनको डिस्चार्ज करने की लगाए आवेदनों पर बहस हुई। इस दौरान काहलों के केस की पैरवी कर रहे सीनियर वकील सतनाम सिंह कलेर ने बताया कि अदालत ने अगली पेशी 23 सितंबर पर डालते हुए इन आवेदनों का फैसला देना तय किया है।
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यह मामला अकाली दल की 1997 से 2002 तक की सरकार के समय पंचायत विभाग की ओर से 909 पंचायत सचिवों की भर्ती के साथ संबंधित है। उस समय निर्मल सिंह काहलों पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री थे। बाद में 2002 में कांग्रेस की सरकार आने पर सीएम बने कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से पंचायत सचिवों की इस भर्ती पर लगे भ्रष्टाचार आरोपों के मद्देनजर मामले की जांच कराई गई थी। इसके तहत सीबीआई ने 14 जून 2002 को काहलों समेत तत्कालीन प्रमुख सचिव जेएस केसर, संयुक्त डायरेक्टर सीएल प्रेमी, विकास शर्मा व पीएस सोढी के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत यह केस दर्ज किया था।
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