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आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान ने की आत्महत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर
Updated Tue, 11 Aug 2015 10:05 PM IST
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गांव शेरों के नौजवान किसान ने कर्ज से परेशान होकर जहरीली वस्तु निगलकर अपनी जान दे दी है। भाकियू एकता उग्राहां ने किसान की मौत के लिए सरकार की किसान विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और मुआवजे की मांग की है।
सान मनजीत सिंह (23) पुत्र आत्मा सिंह कर्ज के कारण परेशान रहता था। उसके पास करीब चार एकड़ जमीन थी और तीन लाख रुपये का सरकारी और गैर सरकारी कर्ज था। उसकी मां मुख्तियार कौर ने कहा कि कर्ज के कारण उसके बेटे ने अपनी जान दी है।
भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियां ही किसान के दयनीय हालत की जिम्मेदार हैं। यूनियन मांग कर रही है कि किसानों का सरकारी व गैर सरकारी कर्ज माफ किया जाए।
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बगैर ब्याज के कर्ज मुहय्या करवाया जाए, लेकिन सरकार इन मांगों पर गौर नहीं कर रही है। उन्होंने पीड़ित किसान परिवार को उचित मुआवजा देने, कर्ज माफ करने व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
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सान मनजीत सिंह (23) पुत्र आत्मा सिंह कर्ज के कारण परेशान रहता था। उसके पास करीब चार एकड़ जमीन थी और तीन लाख रुपये का सरकारी और गैर सरकारी कर्ज था। उसकी मां मुख्तियार कौर ने कहा कि कर्ज के कारण उसके बेटे ने अपनी जान दी है।
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भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियां ही किसान के दयनीय हालत की जिम्मेदार हैं। यूनियन मांग कर रही है कि किसानों का सरकारी व गैर सरकारी कर्ज माफ किया जाए।
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बगैर ब्याज के कर्ज मुहय्या करवाया जाए, लेकिन सरकार इन मांगों पर गौर नहीं कर रही है। उन्होंने पीड़ित किसान परिवार को उचित मुआवजा देने, कर्ज माफ करने व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।