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गेहूं लोन न मिलने पर भड़के नहरी कर्मचारी, धरना दिया
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 01 Jun 2016 10:14 PM IST
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पटियाला में बुधवार को अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ धरना देते मुलाजिम।
- फोटो : अमर उजाला
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मांगों को लेकर अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने पर बुधवार को नहरी विभाग के कर्मचारियों ने कार्यकारी इंजीनियर बीएमएल मंडल पटियाला के दफ्तर के आगे जोरदार धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर गेहूं लोन न मिलने पर रोष जताया गया। साथ ही सरकारी क्वार्टरों की अलाटमेंट में भेदभाव करने समेत मुलाजिमों की कई जायज मांगें उठाई गईं, जिनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
धरने को संबोधित करते हुए पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशाप वर्कर्स यूनियन के प्रदेश लीडर दर्शन सिंह बेलूमाजरा ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भाखड़ा मेन लाइन की मैनेजमेंट की ओर से अभी तक गेहूं लोन नहीं दिया गया है। जिला महासचिव छज्जू राम ने कहा कि कार्यकारी इंजीनियर की ओर से 16 फरवरी 2016 की मीटिंग के फैसले लागू करना तो दूर की बात रही, बल्कि नियमों को तोड़कर सरकारी क्वार्टर अपने चहेतों को अलाट किए जा रहे हैं।
खाली पड़े गेज रीडरों के पदों पर तरक्की नहीं की जा रही हैं। काफी समय से कर्मचारियों को वर्दियां नहीं दी जा रही हैं। इस कारण मुलाजिमों में भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्यकारी इंजीनियर बीएमएल मंडल पटियाला की ओर से मीटिंग का समय देकर मांगों का हल न किया गया, तो 10 जून के धरने में अगले तेज संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
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धरने को संबोधित करते हुए पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशाप वर्कर्स यूनियन के प्रदेश लीडर दर्शन सिंह बेलूमाजरा ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भाखड़ा मेन लाइन की मैनेजमेंट की ओर से अभी तक गेहूं लोन नहीं दिया गया है। जिला महासचिव छज्जू राम ने कहा कि कार्यकारी इंजीनियर की ओर से 16 फरवरी 2016 की मीटिंग के फैसले लागू करना तो दूर की बात रही, बल्कि नियमों को तोड़कर सरकारी क्वार्टर अपने चहेतों को अलाट किए जा रहे हैं।
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खाली पड़े गेज रीडरों के पदों पर तरक्की नहीं की जा रही हैं। काफी समय से कर्मचारियों को वर्दियां नहीं दी जा रही हैं। इस कारण मुलाजिमों में भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्यकारी इंजीनियर बीएमएल मंडल पटियाला की ओर से मीटिंग का समय देकर मांगों का हल न किया गया, तो 10 जून के धरने में अगले तेज संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
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