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जब अकेले ही रह गए अकाली दल के जिला प्रधान
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Thu, 01 Sep 2016 04:36 PM IST
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पटियाला में टोहड़ा परिवार के सामाजिक बायकाट की चेतावनी देते सतविंदर टोहड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
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पंथ रतन जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा के दामाद हरमेल सिंह टोहड़ा और उनकी बेटी कुलदीप कौर के आप में शामिल होने के बाद बुधवार को अकाली दल के जिला देहाती प्रधान रणधीर सिंह रखड़ा नेएक प्रेस कांफ्रेंस रखी थी।
इसमेें उन्होंने जत्थेदार टोहड़ा के बड़ी संख्या में समर्थकों को आमंत्रित किया था, लेकिन कोई भी समर्थक नहीं पहुंचा। इसके कारण रखड़ा अकेले ही रह गए और ऐन मौके पर उन्हें प्रेस कांफ्रेंस रद्द करनी पड़ी। इसके लिए रखड़ा ने कोई तकनीकी कारण के चलते प्रेस कांफ्रेंस रद्द किए जाने का बहाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक पंथ रतन जत्थेदार टोहड़ा के समर्थक जिनको रखड़ा ने बुलाया था, वे सारे गांव टोहड़ा में एक अन्य अकाली नेता की ओर से बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में चले गए। बताया जा रहा है कि जिला प्रधान रखड़ा ने उक्त प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कराने के लिए एडी-चोटी का जोर लगाया, लेकिन हारकर उन्हें अपनी ही प्रेस कांफ्रेंस रद्द करनी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक जत्थेदार हरमेल सिंह टोहड़ा के परिवार समेत आप में शामिल होने को अकाली दल बड़ा झटका मान रहा है। इसलिए अकाली दल ने योजना बनाई कि जत्थेदार टोहड़ा के समर्थकों को साथ लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की जाए। इसके जरिये यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि हरमेल टोहड़ा के परिवार समेत आप में जाने से अकाली दल को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि टोहड़ा के समर्थक उनके साथ हैं।
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इस योजना के तहत बुधवार को अकाली दल के जिला देहाती प्रधान रणधीर सिंह रखड़ा ने गांव टोहड़ा व आसपास के अन्य गांवों से संबंधित लीडरों व वर्करों को आमंत्रण देकर गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब में प्रेस कांफ्रेंस रखी थी। जब इसकी भनक गांव टोहड़ा से संबंधित एक अन्य अकाली नेता सतविंदर सिंह टोहड़ा को लगी, तो उन्होंने भी तुरंत प्रेस कांफ्रेंस का आमंत्रण गांव टोहड़ा में ही दे दिया और सभी लीडरों व वर्करों को वहां रहने के लिए कह दिया।
जिला प्रधान की प्रेस कान्फ्रेंस का आमंत्रण मीडिया कर्मियों को जा चुका था इसलिए उन्होंने सतविंदर सिंह की प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कराने के लिए जोर डाला, लेकिन सतविंदर नहीं माने। जिला प्रधान ने अकाली दल के कई सीनियर नेताओं से भी कहलवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
टोहड़ा परिवार के सामाजिक बायकाट की चेतावनी दी
पंथ रतन जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा के दामाद, बेटी व परिवार की ओर से अकाली दल छोड़कर आप में शामिल होने का गांव टोहड़ा के लोगों ने जोरदार विरोध करते हुए परिवार के सामाजिक बायकाट की चेतावनी दी है।
जत्थेदार टोहड़ा के करीबी रहे शिरोमणि कमेटी मेंबर सतविंदर सिंह टोहड़ा, बाबा दीदार सिंह, जत्थेदार करनैल सिंह, सूबेदार ईशर सिंह व अन्य गांव के लोगों ने जत्थेदार टोहड़ा यादगारी पार्क में इकट्ठा होकर टोहड़ा परिवार पर आरोप लगाए कि उक्त परिवार ने निजी स्वार्थों के लिए सिख विरोधी पार्टी आप में शामिल होने का फैसला लिया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। गांव वासियों ने कहा कि सदा सिख कौम की प्रफुल्लता के लिए काम करने वाले जत्थेदार टोहड़ा पंथ रतन थे न कि परिवार रतन।
ऐसे में टोहड़ा परिवार को पंथ विरोधी पार्टी में शामिल होने की गलती तुरंत बख्शा कर पूरी सिख कौम से माफी मांगनी चाहिए। आने वाले दिनों में केजरीवाल की ओर से गांव में रैली करने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए सतविंदर सिंह टोहड़ा ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी जैसी घटनाओं के जिम्मेदार केजरीवाल का वह सख्त विरोध करेंगे। ऐसे व्यक्ति को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।
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इसमेें उन्होंने जत्थेदार टोहड़ा के बड़ी संख्या में समर्थकों को आमंत्रित किया था, लेकिन कोई भी समर्थक नहीं पहुंचा। इसके कारण रखड़ा अकेले ही रह गए और ऐन मौके पर उन्हें प्रेस कांफ्रेंस रद्द करनी पड़ी। इसके लिए रखड़ा ने कोई तकनीकी कारण के चलते प्रेस कांफ्रेंस रद्द किए जाने का बहाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक पंथ रतन जत्थेदार टोहड़ा के समर्थक जिनको रखड़ा ने बुलाया था, वे सारे गांव टोहड़ा में एक अन्य अकाली नेता की ओर से बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में चले गए। बताया जा रहा है कि जिला प्रधान रखड़ा ने उक्त प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कराने के लिए एडी-चोटी का जोर लगाया, लेकिन हारकर उन्हें अपनी ही प्रेस कांफ्रेंस रद्द करनी पड़ी।
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जानकारी के मुताबिक जत्थेदार हरमेल सिंह टोहड़ा के परिवार समेत आप में शामिल होने को अकाली दल बड़ा झटका मान रहा है। इसलिए अकाली दल ने योजना बनाई कि जत्थेदार टोहड़ा के समर्थकों को साथ लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की जाए। इसके जरिये यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि हरमेल टोहड़ा के परिवार समेत आप में जाने से अकाली दल को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि टोहड़ा के समर्थक उनके साथ हैं।
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इस योजना के तहत बुधवार को अकाली दल के जिला देहाती प्रधान रणधीर सिंह रखड़ा ने गांव टोहड़ा व आसपास के अन्य गांवों से संबंधित लीडरों व वर्करों को आमंत्रण देकर गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब में प्रेस कांफ्रेंस रखी थी। जब इसकी भनक गांव टोहड़ा से संबंधित एक अन्य अकाली नेता सतविंदर सिंह टोहड़ा को लगी, तो उन्होंने भी तुरंत प्रेस कांफ्रेंस का आमंत्रण गांव टोहड़ा में ही दे दिया और सभी लीडरों व वर्करों को वहां रहने के लिए कह दिया।
जिला प्रधान की प्रेस कान्फ्रेंस का आमंत्रण मीडिया कर्मियों को जा चुका था इसलिए उन्होंने सतविंदर सिंह की प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कराने के लिए जोर डाला, लेकिन सतविंदर नहीं माने। जिला प्रधान ने अकाली दल के कई सीनियर नेताओं से भी कहलवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
टोहड़ा परिवार के सामाजिक बायकाट की चेतावनी दी
पंथ रतन जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा के दामाद, बेटी व परिवार की ओर से अकाली दल छोड़कर आप में शामिल होने का गांव टोहड़ा के लोगों ने जोरदार विरोध करते हुए परिवार के सामाजिक बायकाट की चेतावनी दी है।
जत्थेदार टोहड़ा के करीबी रहे शिरोमणि कमेटी मेंबर सतविंदर सिंह टोहड़ा, बाबा दीदार सिंह, जत्थेदार करनैल सिंह, सूबेदार ईशर सिंह व अन्य गांव के लोगों ने जत्थेदार टोहड़ा यादगारी पार्क में इकट्ठा होकर टोहड़ा परिवार पर आरोप लगाए कि उक्त परिवार ने निजी स्वार्थों के लिए सिख विरोधी पार्टी आप में शामिल होने का फैसला लिया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। गांव वासियों ने कहा कि सदा सिख कौम की प्रफुल्लता के लिए काम करने वाले जत्थेदार टोहड़ा पंथ रतन थे न कि परिवार रतन।
ऐसे में टोहड़ा परिवार को पंथ विरोधी पार्टी में शामिल होने की गलती तुरंत बख्शा कर पूरी सिख कौम से माफी मांगनी चाहिए। आने वाले दिनों में केजरीवाल की ओर से गांव में रैली करने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए सतविंदर सिंह टोहड़ा ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी जैसी घटनाओं के जिम्मेदार केजरीवाल का वह सख्त विरोध करेंगे। ऐसे व्यक्ति को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।