{"_id":"108-41553","slug":"Patiala-41553-108","type":"story","status":"publish","title_hn":"बयान से मुकरने पर सरपंच, पंच को कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बयान से मुकरने पर सरपंच, पंच को कैद
Patiala
Updated Fri, 20 Sep 2013 05:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला। जिला एवं सेशन जज राजशेखर अत्री की कोर्ट ने घर में घुसकर मारपीट करने, धमकियां देने के एक केस में पहले दिए बयान से क्रास एग्जामिनेशन के दौरान मुकरने के दोषी सरपंच व पंच को तीन-तीन दिन की कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया गया। सबूतों के अभाव के चलते कोर्ट ने केस के मुख्य आरोपी को बरी कर दिया।
सदर नाभा में 14 मार्च, 2005 में गांव गुरदित्तपुरा के रहने वाले हरभजन सिंह के खिलाफ पुलिस ने शिकायतकर्ता के घर में घुसकर मारपीट करने, लड़ाई झगड़ा करने व धमकियां देने के आरोप में केस दर्ज किया था। निचली अदालत में इस केस की सुनवाई के दौरान गांव के ही सरपंच हरबंस सिंह व पंच गुरविंदर सिंह ने पहले तो आरोपी हरभजन सिंह के खिलाफ बयान दे दिया। बाद में क्रास एग्जामिनेशन के दौरान दोनों अपने बयान से मुकर गए जिससे हरभजन सिंह बरी हो गया।
इस फैसले के खिलाफ स्टेट ने जिला एवं सेशन जज राजशेखर अत्री की कोर्ट में अपील डाली। इस पर सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी हरभजन सिंह को तो सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी करदिया जबकि बयान से मुकरने वाले सरपंच हरबंस सिंह और पंच गुरविंदर सिंह को कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया। आज कोर्ट की ओर से समन के बाद दोनों आरोपी पेश हुए। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोष साबित होने पर तीन-तीन दिन की कैद और 500-500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सदर नाभा में 14 मार्च, 2005 में गांव गुरदित्तपुरा के रहने वाले हरभजन सिंह के खिलाफ पुलिस ने शिकायतकर्ता के घर में घुसकर मारपीट करने, लड़ाई झगड़ा करने व धमकियां देने के आरोप में केस दर्ज किया था। निचली अदालत में इस केस की सुनवाई के दौरान गांव के ही सरपंच हरबंस सिंह व पंच गुरविंदर सिंह ने पहले तो आरोपी हरभजन सिंह के खिलाफ बयान दे दिया। बाद में क्रास एग्जामिनेशन के दौरान दोनों अपने बयान से मुकर गए जिससे हरभजन सिंह बरी हो गया।
विज्ञापन
इस फैसले के खिलाफ स्टेट ने जिला एवं सेशन जज राजशेखर अत्री की कोर्ट में अपील डाली। इस पर सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी हरभजन सिंह को तो सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी करदिया जबकि बयान से मुकरने वाले सरपंच हरबंस सिंह और पंच गुरविंदर सिंह को कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया। आज कोर्ट की ओर से समन के बाद दोनों आरोपी पेश हुए। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोष साबित होने पर तीन-तीन दिन की कैद और 500-500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन