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हड़ताल के लिए दबाव बनाने पर सफाई कर्मियों में फूट
पठानकोट।
Updated Wed, 20 Aug 2014 10:39 PM IST
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अस्थायी सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कर्मचारियों मेें अब फूड की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थायी सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि अस्थायी कर्मचारी उन पर आंदोलन में शामिल होने के लिए जबरदस्ती दबाव बना रहे हैं।
मामले की पुलिस से शिकायत के बाद बुधवार को शिमला पहाड़ी स्थिति आंदोलन स्थल पहुंची पुलिस ने जबरदस्ती करने के आरोपी छह कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। इससे आंदोलित कर्मचारियों में रोष है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भी उन्होंने आंदोलन जारी रखा। साथ ही कहा कि मांग पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शिमला पहाड़ी पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन की ओर से चेयरमैन रोशन लाल सोनी के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। चेयरमैन रोशन लाल सोनी ने कहा कि पंजाब सरकार के टाल मटोल के रवैये के चलते आज तक उनकी मांगें लटकी पड़ी हैं। उन्हाेंने कहा कि कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए, बदलियों का नोटिस वापस किया जाए, सरकार द्वारा निगम को दी जाने वाली वैट राशि 20 प्रतिशत की जाए साथ ही नक्शा फीस प्रार्प्टी टैक्स माफ किया जाए।
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उन्हाेंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्दी से पूरा नहीं किया गया, तो वह अपने संघर्ष को ओर तेज करेंगे। इस बीच उनकी ओर से पंजाब सरकार के खिलाफ शहर में एक रोष रैली भी निकाली गई। इस मौके पर उनके साथ अविनाश सैनी, काका माईकल, रवि, विजय, बंटी, र्स्वण, विनोद कुमार, केवल कालिया, हरबंस लाल सहित अन्य मौजूद थे।
दूसरी ओर म्यूनिसिपल वर्कर यूनियन के प्रधान अविनाश सैनी ने कहा कि कुछ लोग कमेटी के सदस्यों में फूट डालने का कामकर रहे हैं। बिना किसी वजह के मुलाजिमों पर पर्चा दर्ज करवाना चाहते हैं। उनकी हड़ताल को रोकने की कोशिश की जा रही है। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा हड़ताल में खलल डाली गई तो आंदोलन और तेज होगा।
सरकार से कोई वास्ता नहीं : अश्वनी
विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा कि ठेकेदार द्वारा रखे गए कर्मचारियों का सरकार के साथ कोई लेना-देना नहीं है। अगर कच्चे मुलाजिमों को कोई परेशानी आती है, तो वह ठेकेदार से बात करें। पक्के मुलाजिमों काम करने से रोकना गलत है।
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मामले की पुलिस से शिकायत के बाद बुधवार को शिमला पहाड़ी स्थिति आंदोलन स्थल पहुंची पुलिस ने जबरदस्ती करने के आरोपी छह कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। इससे आंदोलित कर्मचारियों में रोष है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भी उन्होंने आंदोलन जारी रखा। साथ ही कहा कि मांग पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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शिमला पहाड़ी पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन की ओर से चेयरमैन रोशन लाल सोनी के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। चेयरमैन रोशन लाल सोनी ने कहा कि पंजाब सरकार के टाल मटोल के रवैये के चलते आज तक उनकी मांगें लटकी पड़ी हैं। उन्हाेंने कहा कि कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए, बदलियों का नोटिस वापस किया जाए, सरकार द्वारा निगम को दी जाने वाली वैट राशि 20 प्रतिशत की जाए साथ ही नक्शा फीस प्रार्प्टी टैक्स माफ किया जाए।
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उन्हाेंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्दी से पूरा नहीं किया गया, तो वह अपने संघर्ष को ओर तेज करेंगे। इस बीच उनकी ओर से पंजाब सरकार के खिलाफ शहर में एक रोष रैली भी निकाली गई। इस मौके पर उनके साथ अविनाश सैनी, काका माईकल, रवि, विजय, बंटी, र्स्वण, विनोद कुमार, केवल कालिया, हरबंस लाल सहित अन्य मौजूद थे।
दूसरी ओर म्यूनिसिपल वर्कर यूनियन के प्रधान अविनाश सैनी ने कहा कि कुछ लोग कमेटी के सदस्यों में फूट डालने का कामकर रहे हैं। बिना किसी वजह के मुलाजिमों पर पर्चा दर्ज करवाना चाहते हैं। उनकी हड़ताल को रोकने की कोशिश की जा रही है। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा हड़ताल में खलल डाली गई तो आंदोलन और तेज होगा।
सरकार से कोई वास्ता नहीं : अश्वनी
विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा कि ठेकेदार द्वारा रखे गए कर्मचारियों का सरकार के साथ कोई लेना-देना नहीं है। अगर कच्चे मुलाजिमों को कोई परेशानी आती है, तो वह ठेकेदार से बात करें। पक्के मुलाजिमों काम करने से रोकना गलत है।