{"_id":"3fc651a9d6ce8f08005a2efab03bbae4","slug":"pathankot-car-fall-canal-death-five-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार नहर में गिरी, पांच लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार नहर में गिरी, पांच लोगों की मौत
अमर उजाला, पठानकोट
Updated Tue, 28 Jan 2014 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव कोटली के पास अपरबारी बिस्त दोआब नहर (यूबीडीसी) में नैनो कार गिरने से बच्चे समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। नहर से चार लाशें बरामद कर ली गई हैं।
सभी लोग शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। हादसे का कारण नहर के कच्चे रास्ते पर अंधेरा होना बताया जा रहा है। कार में सवार लोग गांव खोबा के रहने वाले थे।
जानकारी के अनुसार रेलवे से रिटायर्ड ड्राइवर गांव खोबा निवासी बलबीर सिंह पुत्र सुखदयाल सिंह सोमवार रात अपने रिश्तेदार के यहां विवाह समारोह में शामिल होने गांव तारागढ़ गए थे।
देर रात बलबीर अपनी पत्नी गुलशन (60), पोते साहिल (7) कर्णवीर सिंह, भाई जगदीश सिंह (53), भतीजी दीक्षा (16) पुत्री रणबीर सिंह के साथ गांव वापस लौट रहे थे। कार जगदीश चला रहे थे।
विज्ञापन
गांव कोटली के पास सड़क पर जाम होने के कारण उन्होंने यूबीडीसी नहर के कच्चे रास्ते पर कार मोड़ ली। उनके आगे बेटा कर्णवीर सिंह अपनी पत्नी के साथ अलग कार में जा रहा था। पीछे नैनो कार को न आता देखकर कर्णवीर ने पीछे लौटकर देखा तो कार नहर में गिरी हुई थी।
जानकारी मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कार को निकालने की कोशिश की। नहर में तेज बहाव और अंधेरा होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। कार से गुलशन कुमारी और बलबीर सिंह को बाहर निकाला गया तो उनकी मौत हो चुकी थी।
जगदीश और साहिल के शव फरीदानगर के पास बरामद किए गए। दीक्षा का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। उसे ढूंढने के लिए नहर में बहाव को रुकवाया गया है। लोगों ने बताया कि कच्चे रास्ते पर ट्रांसफार्मर लगे हैं और अंधेरा होने के कारण चालक को रास्ता नहीं दिखाई दिया।
भोआ की विधायक सीमा कुमारी, जिला परिषद के चेयरमैन गोवर्द्धन गोपाल ने अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट की है।
विज्ञापन
सभी लोग शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। हादसे का कारण नहर के कच्चे रास्ते पर अंधेरा होना बताया जा रहा है। कार में सवार लोग गांव खोबा के रहने वाले थे।
जानकारी के अनुसार रेलवे से रिटायर्ड ड्राइवर गांव खोबा निवासी बलबीर सिंह पुत्र सुखदयाल सिंह सोमवार रात अपने रिश्तेदार के यहां विवाह समारोह में शामिल होने गांव तारागढ़ गए थे।
विज्ञापन
देर रात बलबीर अपनी पत्नी गुलशन (60), पोते साहिल (7) कर्णवीर सिंह, भाई जगदीश सिंह (53), भतीजी दीक्षा (16) पुत्री रणबीर सिंह के साथ गांव वापस लौट रहे थे। कार जगदीश चला रहे थे।
विज्ञापन
गांव कोटली के पास सड़क पर जाम होने के कारण उन्होंने यूबीडीसी नहर के कच्चे रास्ते पर कार मोड़ ली। उनके आगे बेटा कर्णवीर सिंह अपनी पत्नी के साथ अलग कार में जा रहा था। पीछे नैनो कार को न आता देखकर कर्णवीर ने पीछे लौटकर देखा तो कार नहर में गिरी हुई थी।
जानकारी मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कार को निकालने की कोशिश की। नहर में तेज बहाव और अंधेरा होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। कार से गुलशन कुमारी और बलबीर सिंह को बाहर निकाला गया तो उनकी मौत हो चुकी थी।
जगदीश और साहिल के शव फरीदानगर के पास बरामद किए गए। दीक्षा का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। उसे ढूंढने के लिए नहर में बहाव को रुकवाया गया है। लोगों ने बताया कि कच्चे रास्ते पर ट्रांसफार्मर लगे हैं और अंधेरा होने के कारण चालक को रास्ता नहीं दिखाई दिया।
भोआ की विधायक सीमा कुमारी, जिला परिषद के चेयरमैन गोवर्द्धन गोपाल ने अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट की है।