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मरणव्रत पर बैठीं महिला किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
Updated Wed, 20 Jan 2016 09:43 PM IST
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शुगर मिलों से बकाया न मिलने के विरोध में पगड़ी संभाल जट्टा लहर के सरपरस्त मास्टर गुरनाम सिंह की अगुवाई में महिला किसान हरभजन कौर, गुरमीत कौर, बलबीर कौर, सुखविंदर कौर, महेंद्र कौर ने बुधवार से डीसी कार्यालय के समक्ष मरणव्रत शुरू कर दिया। साथ ही एलान किया गया कि यह संघर्ष अदायगी होने तक जारी रहेगा।
इस मौके पर पगड़ी संभाल जट्टा लहर के कनवीनर कंवलप्रीत सिंह काकी ने कहा कि गन्ने की अदायगी न होने के कारण गरीबी की मार में आया किसान और भी लाचार होकर रह गया है। रोजाना किसान मौत को गले लगा रहे हैं।
ऐसे हालात में किसानों के पास निजी शुगर मिलों और सरकार के खिलाफ संघर्ष के अलावा कोई चारा नही। हम गत सात माह से अपनी मांगों की खातिर संघर्ष के रास्ते पर हैं। किसान के कीड़ी अफगाना चीनी मिल पर 33 करोड़ व मुकेरियों पर 15 करोड़ रुपये के करीब की अदायगी है।
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मरणव्रत पर बैठने वाली हरभजन कौर, गुरमीत कौर, बलबीर कौर, सुखविंदर कौर, महेंद्र कौर, मास्टर गुरनाम सिंह का सिरोपा डालकर स्वागत किया गया। हरभजन कौर ने कहा कि सरकार के सताये किसान मौत को गले लगा रहे हैं।
हम अपने पतियों और पुत्रों को सरकार के खिलाफ चल रही लहर में बलि नही चढ़ने देंगी। बल्कि खुद मरणव्रत पर बैठकर अपनी जान देने को तरजीह देंगी। सुखविंदर कौर ने हम सरकार से भिखारियाें की तरह अपने बकाये मांग रहे हैं। सरकार के सिर पर जूं नही रेंगी है।
किसान नेता गुरप्रताप सिंह ने कहा कि हम दस अगस्त से गन्ना मिलों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। किसान नेता गुरदीप सिंह मुस्तफाबाद ने कहा कि अकाली सरकार के राज में कंवलप्रीत सिंह काकी, सोहन सिंह गिल, मनजीत सिंह रियाड़ सहित कई किसानों ने दो सप्ताह के करीब जेल भी काटी। मांगें पूरी होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
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इस मौके पर पगड़ी संभाल जट्टा लहर के कनवीनर कंवलप्रीत सिंह काकी ने कहा कि गन्ने की अदायगी न होने के कारण गरीबी की मार में आया किसान और भी लाचार होकर रह गया है। रोजाना किसान मौत को गले लगा रहे हैं।
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ऐसे हालात में किसानों के पास निजी शुगर मिलों और सरकार के खिलाफ संघर्ष के अलावा कोई चारा नही। हम गत सात माह से अपनी मांगों की खातिर संघर्ष के रास्ते पर हैं। किसान के कीड़ी अफगाना चीनी मिल पर 33 करोड़ व मुकेरियों पर 15 करोड़ रुपये के करीब की अदायगी है।
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मरणव्रत पर बैठने वाली हरभजन कौर, गुरमीत कौर, बलबीर कौर, सुखविंदर कौर, महेंद्र कौर, मास्टर गुरनाम सिंह का सिरोपा डालकर स्वागत किया गया। हरभजन कौर ने कहा कि सरकार के सताये किसान मौत को गले लगा रहे हैं।
हम अपने पतियों और पुत्रों को सरकार के खिलाफ चल रही लहर में बलि नही चढ़ने देंगी। बल्कि खुद मरणव्रत पर बैठकर अपनी जान देने को तरजीह देंगी। सुखविंदर कौर ने हम सरकार से भिखारियाें की तरह अपने बकाये मांग रहे हैं। सरकार के सिर पर जूं नही रेंगी है।
किसान नेता गुरप्रताप सिंह ने कहा कि हम दस अगस्त से गन्ना मिलों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। किसान नेता गुरदीप सिंह मुस्तफाबाद ने कहा कि अकाली सरकार के राज में कंवलप्रीत सिंह काकी, सोहन सिंह गिल, मनजीत सिंह रियाड़ सहित कई किसानों ने दो सप्ताह के करीब जेल भी काटी। मांगें पूरी होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।