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Mohali News: फर्जी जीपीए से 192 गज जमीन हड़पने का आरोप, महिला की अग्रिम जमानत खारिज
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मोहाली। एनआरआई की 192 वर्ग गज जमीन को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) के आधार पर बेचने का आरोप है। इस मामले में मोहाली की अतिरिक्त सत्र अदालत ने आरोपी अमनदीप कौर की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। जांच के इस चरण में आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। इससे पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सकेगा।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अमित नागपाल ने गांव फतेहुलापुर में 192 वर्ग गज का प्लॉट नंबर 4248 खरीदा था। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी बिक्री विलेख तैयार किया। 1 दिसंबर 2025 को यह प्लॉट अमनदीप कौर के नाम करवा दिया। अमनदीप कौर के पति दलवीर सिंह, विनोद कुमार, निर्मल चंद और करम सिंह भी इस मामले में आरोपी हैं। अदालत के रिकॉर्ड से पता चला कि करम सिंह, जिसे जमीन का मालिक बताया गया, उसकी 19 फरवरी 2021 को मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद 29 अगस्त 2025 को किसी अन्य व्यक्ति ने करम सिंह बनकर निर्मल चंद के पक्ष में जीपीए बनाया। निर्मल चंद ने 1 दिसंबर 2025 को अमनदीप कौर के नाम बिक्री विलेख कर दिया।
धोखाधड़ी के विवरण और अदालत की टिप्पणी
अदालत ने पाया कि जीपीए में प्लॉट नंबर 4248 का उल्लेख नहीं था। जबकि अमनदीप कौर के बिक्री विलेख में यही प्लॉट नंबर दर्ज था। अदालत ने कहा कि अमनदीप कौर इस लेनदेन की लाभार्थी है। उसका पति दलवीर सिंह प्रॉपर्टी डीलर है। इसलिए उसे मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी होना मुश्किल नहीं है।
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पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अमित नागपाल ने गांव फतेहुलापुर में 192 वर्ग गज का प्लॉट नंबर 4248 खरीदा था। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी बिक्री विलेख तैयार किया। 1 दिसंबर 2025 को यह प्लॉट अमनदीप कौर के नाम करवा दिया। अमनदीप कौर के पति दलवीर सिंह, विनोद कुमार, निर्मल चंद और करम सिंह भी इस मामले में आरोपी हैं। अदालत के रिकॉर्ड से पता चला कि करम सिंह, जिसे जमीन का मालिक बताया गया, उसकी 19 फरवरी 2021 को मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद 29 अगस्त 2025 को किसी अन्य व्यक्ति ने करम सिंह बनकर निर्मल चंद के पक्ष में जीपीए बनाया। निर्मल चंद ने 1 दिसंबर 2025 को अमनदीप कौर के नाम बिक्री विलेख कर दिया।
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धोखाधड़ी के विवरण और अदालत की टिप्पणी
अदालत ने पाया कि जीपीए में प्लॉट नंबर 4248 का उल्लेख नहीं था। जबकि अमनदीप कौर के बिक्री विलेख में यही प्लॉट नंबर दर्ज था। अदालत ने कहा कि अमनदीप कौर इस लेनदेन की लाभार्थी है। उसका पति दलवीर सिंह प्रॉपर्टी डीलर है। इसलिए उसे मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी होना मुश्किल नहीं है।
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