फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   VIP district to say, no ability to deal with fire, Mohali expanded but no fire station

कहने को वीआईपी जिला, आग से निपटने की हैसियत नहीं, मोहाली दायरा बढ़ाया पर फायर स्टेशन नहीं

Sat, 17 Jul 2021 02:09 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 17 Jul 2021 02:09 AM IST
विज्ञापन
VIP district to say, no ability to deal with fire, Mohali expanded but no fire station
मोहाली। भले ही मोहाली को पंजाब का वीआईपी जिला कहा जाता है। साथ ही शहर को सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर बसाने की बातें कहीं जाती हैं, लेकिन हालात यह हैं कि अगर शहर के नए बसे इलाकों में आगजनी की कोई बड़ी घटना हो जाए तो उससे निपटने के बंदोबस्त जिले में नहीं हैं। ऐसे में तुुरंत चंडीगढ़, पंचकूला या फिर सेना की मदद लेनी पड़ती है। पिछले दिनों हुए आगजनी के हादसों से यह बात साफ हो चुकी है।
विज्ञापन

हालांकि पिछले कुछ समय में तीनों सब डिवीजन में फायर ब्रिगेड व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में थोड़ा बहुत काम जरूर हुआ है। लेकिन अभी तक भी काफी काम और होने बाकी हैं, जिससे किसी बड़ी आपदा से आसानी से निपटा जा सके। मोहाली में पहला फायर ब्रिगेड स्टेशन 1978 में स्थापित हुआ था। उस समय फेज-11 तक का इलाका भी मुश्किल से बसा था। लेकिन अब नए सेक्टर बस गए हैं। गमाडा के मास्टर प्लान के मुताबिक मोहाली का विस्तार सेक्टर-125 तक हो चुका है।
विज्ञापन

दूसरी ओर एयरोसिटी और आईटी सिटी बस गए हैं। दोनों में रिहायशी एरिया, कंपनियां और शिक्षण संस्थान बन चुके हैं। लेकिन अभी तक मोहाली शहर के अंदर मात्र एक फायर स्टेशन ही है। जो कि फेज-1 में है। एयरोसिटी से फायर स्टेशन की दूरी करीब 15 किलोमीटर की है। ऐसे में अगर इलाके में आग लग जाती है तो कम से कम 15 मिनट का समय तो यहां पहुंचने में ही लग जाता है। ऐसे में कहीं भी हुई आगजनी की बड़ी घटना से काफी नुकसान हो चुका होगा। हालांकि शहर में दो नए फायर ब्रिगेड स्टेशन स्थापित किए जाने थे। इनमें सेक्टर-78 और एक इंडिस्ट्रयल एरिया में स्थापित किया जाना था। लेकिन यह प्रोजेक्ट पांच साल में सिर्फ फाइलों से आगे नहीं निकल पाया है। इसी तरह फायर ब्रिगेड विभाग के पास हाईड्रोलिक लैडर समेत अति आधुनिक उपकरण तो आ गए हैं। लेकिन पिछले 14 साल से कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो पाई है, इसलिए इन्हें चलाएगा कौन। टेलीफोन ऑपरेटर से लेकर अधिकारी तक 25 का स्टाफ है। कहीं भी आग लगने की स्थिति में अधिकारियों तक को खुद ही गाड़ियां चलाकर ले जानी पड़ती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- खरड़ शहर सिर्फ एक फायर टेंडर के सहारे, कुराली तो राम भरोसे
खरड़ में काफी तेज गति से विकास हो रहा है। एक से एक हाईराइजिंग बिल्डिंग बन रही हैं। आबादी तीन लाख से ज्यादा हो गई है। कॉलोनियों का जाल पूरे शहर के चारों ओर बढ़ता जा रहा है। लेकिन पूरा शहर सिर्फ एक फायर टेेंडर पर निर्भर हैं। जो फायर टेंडर मुहैया करवाया गया है, वह हाईराइजिंग बिल्डिंग की आग बुझाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में मोहाली की मदद लेनी पड़ती है। ऐसे ही हालात कुराली में हैं। वहां पर उत्तरी भारत की सबसे बड़ी पटाखा मार्केट है। इसके अलावा अनाज मंडी और रिहायशी इलाका काफी बड़ा है। लेकिन वहां पर भी आगे से निपटने के इंतजाम पूरे नहीं हैं।
हालांकि दिवाली के दिनों में एहतियात के तौर पर मोहाली से फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां पर भेजकर काम चलाया जाता है। लेकिन उचित इंतजाम नहीं है। जीरकपुर को फायर टेंडर मिला है, लेकिन वहां पर 80 से ज्यादा ऐसी बिल्डिंग हैं जो 18 मंजिला हैं। ऐसे में वहां पर भी हाल खराब है। डेराबस्सी या आसपास के शहरों की मदद से ही काम चल रहा है।
सीएम के पड़ोस में मुल्लांपुर और नयागांव में भी हालत खराब
सीएम के पड़ोस में बसे मुल्लांपुर और नयागांव की फायर सेफ्टी के मामले में हालत खराब ही है। नयागांव इलाके की आबादी लगभग डेढ़ लाख के आसपास है। लेकिन शहर का अपना फायर ब्रिगेड स्टेशन तक नहीं है। इस इलाके में घनी आबादी वाले कई इलाके हैं और बाजार भी पूरा भीड़भाड़ वाला रहता है। इस कारण इलाके में फायर ब्रिगेड स्टेशन होना बहुत जरूरी है। आपातकाल की स्थिति मे चंडीगढ़ या मोहाली से फायर ब्रिगेड की गाड़ी मंगवानी पड़ती है। यहीं स्थिति 20 मार्च को टंकी चौक पर हार्डवेयर की दुकान में लगी आग के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी मंगवाने के दौरान सामने आई। इसी तरह मुल्लांपुर में इकोसिटी, मेडिसिटी, टाटा कैंसर अस्पताल और कई नामी होटल व शॉपिंग मॉल्स खुल रहे हैं। लेकिन वहां पर भी फायर से निपटने के इंतजाम नहीं हैं।
फायर कर्मियों के लिए उचित ट्रेनिंग का अभाव
मोहाली की फायर ब्रिगेड के मुुलाजिमों के पास भले ही अति आधुनिक उपकरण आ चुुके हैं। लेकिन अभी तक उनके पास उचित ट्रेनिंग का अभाव है। यह बात फरवरी 2022 में विशाल मेगा मार्ट में लगी भीषण आग की जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने लिखी है। क्योंकि यह आग इतनी भयंकर थी कि इसे बुझाने में छह दिन लगे थे। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 में अप्रैल 2020 में एक थीनर फैक्टरी में आग लगी थी। उस दौरान भी यहीं परेशानी हुई थी। उस दौरान पूरे शहर में धुआं फैल गया था। इसके अलावा मोहाली फर्नीचर मार्केट में आग लगी थी। उस समय भी चंडीगढ़ से फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी थी। हालांकि गाड़ी बुलाने के लिए नगर निगम को अदायगी करनी पड़ती है।
क्या कहते हैं नेता
इसी महीने शुरू होगा नया फायर ब्रिगेड स्टेशन का काम
मोहाली शहर में सेक्टर-78 में नया फायर ब्रिगेड स्टेशन बनाने का काम इसी महीने शुरू हो जाएगा। इसके बाद लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा फायर ब्रिगेड के पास अति आधुनिक उपकरण हैं। कोशिश की जाएगी कि शहर की फायर ब्रिगेड को और मजबूत किया जाए। - कुलजीत सिंह बेदी, सीनियर डिप्टी मेयर नगर निगम मोहाली।
मैंने विधानसभा तक में उठाया मुद्दा
मैंने खरड़ कुराली, नयागांव और मुल्लांपुर में फायर ब्रिगेड स्टेशन का मामला विधानसभा में भी उठाया था। उसके बाद सरकार ने खरड़ को एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी उपलब्ध करवाई थी। नयागांव नगर परिषद की ओर से भी इसकी मांग उठी थी, जो मैंने सरकार तक पहुंचाई थी, लेकिन सरकार हर बार फायर ब्रिगेड की उपलब्धता नहीं होने की बात कहकर मामले को टाल देती है।
- कंवर संधू, हलका विधायक खरड़।
क्या कहते हैं शहर निवासी
फायर ब्रिगेड स्टेशन के लिए लड़ेंगे जंग
फायर ब्रिगेड इलाके की पुरानी और बहुत जरूरी मांग है। सरकार को आम जनता के हित में काम करना चाहिए। मैं लोगों के लिए फायर ब्रिगेड स्टेशन की हर संभव लड़ाई लडूंगा। नगर परिषद की बैठक में भी यह मुद्दा जरूर उठाया जाएगा। इलाके की आबादी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसलिए इलाके का अपना फायर स्टेशन होना और भी जरूरी हो गया है।

- कुलबीर बिष्ट, पार्षद नगर परिषद, नयागांव।
पहल के आधार पर बने फायर ब्रिगेड स्टेशन
मुल्लांपुर बहुत पुराना बसा हुआ है और यहां के बाजार काफी मशहूर हैं। अब इसके आसपास के इलाके को न्यू चंडीगढ़ का नाम देकर विकसित किया जा रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश इलाके में अब तक फायर ब्रिगेड स्टेशन नहीं बनाया गया है जो कि किसी भी इलाके के लिए बहुत जरूरी है।
- सतिंदर सिंह सत्ती, समाजसेवी, मुल्लांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed