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जीरकपुर में ट्रक यूनियन और किसानों ने पौने घंटे जाम किया हाईवे
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जीरकपुर। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनते ही ट्रक यूनियनों को भंग कर दिया गया था। इसके बाद ट्रक यूनियनों की ओर से उनकी यूनियनों को बहाल करने के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा था। उस समय के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से यूनियन प्रथा को बंद कर कंपनी सिस्टम में काम करने के लिए न्योता दिया गया था। इसके बाद से अभी तक पंजाब ट्रक यूनियनों की ओर से लगातार रोष प्रदर्शन किया जा रहा है। सोमवार को मालवा बेल्ट और तरनतारन बेल्ट के ट्रक यूनियनों की ओर से जीरकपुर में रोष प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान भारी संख्या में जमा हुए ट्रक यूनियन के सदस्यों ने की संख्या बढ़ने लगी तो गुस्साए यूनियन के सदस्यों ने हाईवे जाम कर दिया। करीब पौने घंटे लगे जाम के बाद जाम खोल दिया गया।
इस मौके पर मालवा बेल्ट के यूनियन प्रधान जसविंदर सिंह बराड़ पटियाला ने बताया कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं की जातीं, तब तक वह यहां धरना लगाकर रोष प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने ने बताया कि सोई हुई पंजाब सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए मंगलवार को भी हमारी यूनियन की ओर से जाम लगाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि पंजाब में भंग किए यूनियन सिस्टम को दोबारा लागू किया जाए और ओवरलोडिंग बंद की जाए। जिससे ओवरलोडिंग के रूप में चल रहा भ्रष्टाचार खत्म हो सके। उन्होंने बताया कि ट्रक यूनियनों को आठ महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि व्यापारी उनका शोषण कर रहे हैं। उनको जितना किराया दिया जा रहा है उससे उनका खर्च पूरा नहीं हो रहा है और किस्तें भी टूट गई हैं। इसके साथ-साथ उनके परिवारों का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। प्रधान जसविंदर सिंह बराड़ ने मुख्यमंत्री चन्नी से अपील की है कि ट्रांसपोर्ट योजना लागू की जाए और उनके साथ इंसाफ किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि जब सीएम चन्नी खुद चलकर उनके पास नहीं आते और उनकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक ऐसे ही संघर्ष किया जाएगा। इसके अलावा पंजाब की किसान यूनियन डकोदा ने भी उनका समर्थन किया। किसान यूनियन डकोदा के किसान नेता भी रोष प्रदर्शन में उनके साथ रहे और संघर्ष चलने तक साथ देने की बात कही।
गांव छत के अंदर से निकाले वाहन
ट्रक यूनियन के समर्थन में किसान यूनियन की ओर से किए गए रोष प्रदर्शन के दौरान करीब 45 मिनट के जाम से लोग परेशान हुए और बसों में बैठे यात्रियों को पैदल ही जाना पड़ा। यह जाम करीब तीन किलोमीटर तक लगा रहा और इस कारण जाम में फंसी एंबुलेंस को भी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां लगा लंबा जाम देख लोग वापस मुड़ने लगे और बसों में बैठे यात्री पैदल अपने घरों को जाने लगे। जाम से बचाने के लिए पुलिस ने जीरकपुर से राजपुरा जाने वाले वाहनों को छत लाइट प्वाइंट से छत गांव के अंदर से निकाला गया। जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
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मांगें नहीं मानी तो डटे रहेंगे
हम भी आम लोगों की तरह हैं, और बेवजह किसी को परेशान नहीं करना चाहते। लेकिन पंजाब सरकार ने हमें रोष प्रदर्शन करने पर मजबूर कर दिया है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती तब तक हम यहीं डटे रहेंगे। वहीं, हमारी प्रमुख मांग है कि यूनियनों को बहाल किया जाए, ओवरलोडिंग खत्म की जाए और ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बनाई जाए। अगर चन्नी सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तब तक जाम और प्रदर्शन जारी रहेगा। -जसविंदर सिंह बराड़, प्रधान ट्रक यूनियन मालवा बेल्ट।
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इस मौके पर मालवा बेल्ट के यूनियन प्रधान जसविंदर सिंह बराड़ पटियाला ने बताया कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं की जातीं, तब तक वह यहां धरना लगाकर रोष प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने ने बताया कि सोई हुई पंजाब सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए मंगलवार को भी हमारी यूनियन की ओर से जाम लगाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि पंजाब में भंग किए यूनियन सिस्टम को दोबारा लागू किया जाए और ओवरलोडिंग बंद की जाए। जिससे ओवरलोडिंग के रूप में चल रहा भ्रष्टाचार खत्म हो सके। उन्होंने बताया कि ट्रक यूनियनों को आठ महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि व्यापारी उनका शोषण कर रहे हैं। उनको जितना किराया दिया जा रहा है उससे उनका खर्च पूरा नहीं हो रहा है और किस्तें भी टूट गई हैं। इसके साथ-साथ उनके परिवारों का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। प्रधान जसविंदर सिंह बराड़ ने मुख्यमंत्री चन्नी से अपील की है कि ट्रांसपोर्ट योजना लागू की जाए और उनके साथ इंसाफ किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि जब सीएम चन्नी खुद चलकर उनके पास नहीं आते और उनकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक ऐसे ही संघर्ष किया जाएगा। इसके अलावा पंजाब की किसान यूनियन डकोदा ने भी उनका समर्थन किया। किसान यूनियन डकोदा के किसान नेता भी रोष प्रदर्शन में उनके साथ रहे और संघर्ष चलने तक साथ देने की बात कही।
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गांव छत के अंदर से निकाले वाहन
ट्रक यूनियन के समर्थन में किसान यूनियन की ओर से किए गए रोष प्रदर्शन के दौरान करीब 45 मिनट के जाम से लोग परेशान हुए और बसों में बैठे यात्रियों को पैदल ही जाना पड़ा। यह जाम करीब तीन किलोमीटर तक लगा रहा और इस कारण जाम में फंसी एंबुलेंस को भी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां लगा लंबा जाम देख लोग वापस मुड़ने लगे और बसों में बैठे यात्री पैदल अपने घरों को जाने लगे। जाम से बचाने के लिए पुलिस ने जीरकपुर से राजपुरा जाने वाले वाहनों को छत लाइट प्वाइंट से छत गांव के अंदर से निकाला गया। जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
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मांगें नहीं मानी तो डटे रहेंगे
हम भी आम लोगों की तरह हैं, और बेवजह किसी को परेशान नहीं करना चाहते। लेकिन पंजाब सरकार ने हमें रोष प्रदर्शन करने पर मजबूर कर दिया है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती तब तक हम यहीं डटे रहेंगे। वहीं, हमारी प्रमुख मांग है कि यूनियनों को बहाल किया जाए, ओवरलोडिंग खत्म की जाए और ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बनाई जाए। अगर चन्नी सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तब तक जाम और प्रदर्शन जारी रहेगा। -जसविंदर सिंह बराड़, प्रधान ट्रक यूनियन मालवा बेल्ट।