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शहीद हुए पंजाब पुलिस के 39 जवानों को दी श्रद्घांजलि, आईजी बोले- हमें उन पर गर्व
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मोहाली। देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था का जिम्मा पुलिस के कंधों पर है। अपनी ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस के शहीदों को बुधवार को पुलिस शहीदी दिवस पर याद किया गया। पुलिस शहीदी दिवस पर कोरोना के खिलाफ जारी जंग में फ्रंट लाइन कमांडो के तौर पर अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहादत देने वाले पंजाब पुलिस के 39 अधिकारियों और मुलाजिमों को श्रद्घासुमन भेंट किए गए।
बुधवार को पुलिस शहीदी दिवस जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में मनाया गया। पुलिस के शहीदों को श्रद्घांजलि देने के लिए रोपड़ रेज के आईजी अमित प्रसाद पहुंचे। 21 अक्तूबर, 1959 को लद्दाख घाटी में चीन सीमा पर गश्त के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों की याद में पुलिस शहीदी दिवस की शुरूआत हुई थी। आईजी ने कहा कि बीते साल के दौरान देश में पुलिस और पैरा मिलटरी फोर्स के 264 जवान शहीद हुए। जिन्होंने अपनी ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
आईजी ने कहा कि जो जवान देश की खातिर जान कुर्बान कर गए, मैं उन्हें सलाम करता हूं। हमें उनकी कुर्बानी पर गर्व करना चाहिए। आईजी अमित प्रसाद ने कहा कि देश इस समय दोहरी लड़ाई लड़ रहा है। एक लड़ाई के दुश्मन तो नजर आ रहे हैं, लेकिन दूसरी लड़ाई ऐसी है, जिसमें दुश्मन दिखाई नहीं दे रहा। यह लड़ाई कोरोना महामारी के खिलाफ है। उन्होंने पुलिस मुलाजिमों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि इस अदृश्य दुश्मन के खिलाफ फ्रंट लाइन पर लड़ते हुए हम जीत हासिल करेंगे। आईजी ने पुलिस अधिकारियों और मुलाजिमों की कोविड-19 के खिलाफ जारी जंग में निभाई भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महामारी के कारण जब लोगों को घरों में सुरक्षित रखा जाना था, तब पुलिस के जवान और अधिकारी ही बाहर निकल कर अपना फर्ज निभा रहे थे।
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आईजी ने इस जंग में ड्यूटी निभाते हुए संक्रमण की चपेट में आकर शहीद हुए पंजाब पुलिस के 39 अधिकारियों और मुलाजिमों को खास तौर पर याद किया। आईजी ने इन शहीदों को श्रद्घासुमन भेंट करते हुए आतंकवाद के दौरान शहीद हुए पंजाब पुलिस के अधिकारियों और मुलाजिमों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भले ही कोविड-19 के कारण इस साल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए पंजाब पुलिस के अधिकारियों और मुलाजिमों के परिवारों को सम्मानित नहीं किया जा सका, लेकिन उनके सम्मान में कोई कमी नहीं आई है। इस अवसर पर आईजी अमित प्रसाद के साथ जिला सेशन जज आरएस राय, डीसी गिरीश दियालन और एसएसपी सतिंदर सिंह ने फूल मालाएं और पुष्प चक्र भेंटकर पुलिस के शहीदों को श्रद्घांजलि भेंट की।
एसएसपी सतिंदर सिंह ने पुलिस अधिकारियों और मुलाजिमों से अपनी ड्यूटी मेहनत और लगन से निभाने का प्रण लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब से आतंकवाद का सफाया करने के लिए पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहादत दी। उनकी शहादत के बूते ही पंजाब में अमन शांति का माहौल बन सका। इस आयोजन में मौजूद सभी अधिकारी और जवान शहीद रक्षा पुस्तक के सम्मान में खड़े हुए। इसके बाद उन्होंने परेड में जवानों की सलामी ली। एसपी आकाशदीप सिंह औलख ने शहीदों के नाम पढ़े। इस मौके पर एसपी हरमनदीप सिंह, एसपी रवजोत कौर ग्रेवाल, एसपी सरताज सिंह चाहल, एसपी ट्रैफिक केसर सिंह, एसपी सिटी हरविंदर सिंह विर्क के अलावा सभी डीएसपी और इंस्पेक्टर्स के साथ-साथ जवानों ने भी फूल मालाएं भेंट कर शहीदों को श्रद्घांजलि भेंट की।
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बुधवार को पुलिस शहीदी दिवस जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में मनाया गया। पुलिस के शहीदों को श्रद्घांजलि देने के लिए रोपड़ रेज के आईजी अमित प्रसाद पहुंचे। 21 अक्तूबर, 1959 को लद्दाख घाटी में चीन सीमा पर गश्त के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों की याद में पुलिस शहीदी दिवस की शुरूआत हुई थी। आईजी ने कहा कि बीते साल के दौरान देश में पुलिस और पैरा मिलटरी फोर्स के 264 जवान शहीद हुए। जिन्होंने अपनी ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
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आईजी ने कहा कि जो जवान देश की खातिर जान कुर्बान कर गए, मैं उन्हें सलाम करता हूं। हमें उनकी कुर्बानी पर गर्व करना चाहिए। आईजी अमित प्रसाद ने कहा कि देश इस समय दोहरी लड़ाई लड़ रहा है। एक लड़ाई के दुश्मन तो नजर आ रहे हैं, लेकिन दूसरी लड़ाई ऐसी है, जिसमें दुश्मन दिखाई नहीं दे रहा। यह लड़ाई कोरोना महामारी के खिलाफ है। उन्होंने पुलिस मुलाजिमों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि इस अदृश्य दुश्मन के खिलाफ फ्रंट लाइन पर लड़ते हुए हम जीत हासिल करेंगे। आईजी ने पुलिस अधिकारियों और मुलाजिमों की कोविड-19 के खिलाफ जारी जंग में निभाई भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महामारी के कारण जब लोगों को घरों में सुरक्षित रखा जाना था, तब पुलिस के जवान और अधिकारी ही बाहर निकल कर अपना फर्ज निभा रहे थे।
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आईजी ने इस जंग में ड्यूटी निभाते हुए संक्रमण की चपेट में आकर शहीद हुए पंजाब पुलिस के 39 अधिकारियों और मुलाजिमों को खास तौर पर याद किया। आईजी ने इन शहीदों को श्रद्घासुमन भेंट करते हुए आतंकवाद के दौरान शहीद हुए पंजाब पुलिस के अधिकारियों और मुलाजिमों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भले ही कोविड-19 के कारण इस साल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए पंजाब पुलिस के अधिकारियों और मुलाजिमों के परिवारों को सम्मानित नहीं किया जा सका, लेकिन उनके सम्मान में कोई कमी नहीं आई है। इस अवसर पर आईजी अमित प्रसाद के साथ जिला सेशन जज आरएस राय, डीसी गिरीश दियालन और एसएसपी सतिंदर सिंह ने फूल मालाएं और पुष्प चक्र भेंटकर पुलिस के शहीदों को श्रद्घांजलि भेंट की।
एसएसपी सतिंदर सिंह ने पुलिस अधिकारियों और मुलाजिमों से अपनी ड्यूटी मेहनत और लगन से निभाने का प्रण लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब से आतंकवाद का सफाया करने के लिए पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहादत दी। उनकी शहादत के बूते ही पंजाब में अमन शांति का माहौल बन सका। इस आयोजन में मौजूद सभी अधिकारी और जवान शहीद रक्षा पुस्तक के सम्मान में खड़े हुए। इसके बाद उन्होंने परेड में जवानों की सलामी ली। एसपी आकाशदीप सिंह औलख ने शहीदों के नाम पढ़े। इस मौके पर एसपी हरमनदीप सिंह, एसपी रवजोत कौर ग्रेवाल, एसपी सरताज सिंह चाहल, एसपी ट्रैफिक केसर सिंह, एसपी सिटी हरविंदर सिंह विर्क के अलावा सभी डीएसपी और इंस्पेक्टर्स के साथ-साथ जवानों ने भी फूल मालाएं भेंट कर शहीदों को श्रद्घांजलि भेंट की।