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सरकारी स्कूलों की बन रही इमारतों में नहीं लगाई टाइलें, लगीं टपकने

Thu, 22 Oct 2020 01:39 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 01:39 AM IST
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Tiles were not installed in buildings being constructed by government schools, dripping
मोहाली। सरकारी स्कूलों में ढांचागत सुधार के लिए आनन-फानन में नई इमारतें और क्लासरूम तो बना दिए गए हैं, लेकिन इसके साथ ही इनमें लीकेज की समस्या पैदा हो गई है। सरकारी शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ढांचागत सुधार की कवायद भी सरकारी ही साबित हो रही है। इस कारण अब जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में लीकेज की समस्या से निपटने की हिदायत डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा को देनी पड़ी है।
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राज्य के सरकारी स्कूलों की शिक्षा को निजी स्कूलों के स्तर पर लाने की कोशिश कैप्टन सरकार कर रही है। इस सरकारी कवायद में पाठ्यक्रम में संशोधन, वेलकम लाइफ जैसे नए विषय की शुरूआत, क्लास रूम्स और प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट बनाने सहित स्कूलों की इमारतों के ढांचागत सुधार पर काम किया जा रहा है। सरकारी ग्रांट जारी हुई तो स्कूलों ने आनन-फानन में नए क्लासरूम और अन्य जरूरी निर्माण कर लिया। नए निर्माण के दौरान दीवारें खड़ी कर लेंटर डाल लिया गया, लेकिन इसकी मजबूती और सुरक्षा की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इस कारण इन क्लास रूम्स की छतें लीक करने लगी हैं। कोरोना काल के चलते सात महीने बाद स्कूल खुले तो शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को भी यह समस्या याद आ गई। इसके बाद पंजाब के डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा के दफ्तर से जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। जिसमें नए बनाए गए क्लास रूम्स की छतों पर टाइल न लगाए जाने पर नाराजगी जताई। क्लास रूम्स के निर्माण के दौरान छतों पर रूफ टाइल्स नहीं लगाने के कारण छतों से पानी लीक कर रहा है। जिससे इमारतों को तो नुकसान हो ही रहा है, नए करवाए गए निर्माण पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण में सामने आई इस लापरवाही के चलते जिला शिक्षा अधिकारियों को छतों की मजबूती के लिए क्रमवार हिदायतें दी गई हैं। उन्हें कहा गया है कि पहले छतों पर सीमेंट का घोल डाला जाए, फिर तारकोल डालने के बाद प्लास्टिक शीट बिछाई जाए और इसके बाद छत पर मिट्टी डालकर टाइलें लगाई जाएं, जिससे नए निर्माण को सुरक्षित रखा जा सके।
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