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Mohali News: वन विभाग की जमीन पर स्वास्थ्य विभाग ने दिया पार्किंग का ठेका, विभाग ने हटवाया
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जीरकपुर। ढकोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरू की गई विवादित पार्किंग व्यवस्था को वन विभाग ने हटवा दिया है। पार्किंग शुरू होते ही स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। लोगों का आरोप था कि अस्पताल के बाहर सार्वजनिक सड़क पर अवैध तरीके से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। इससे मरीजों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वीरवार को पार्किंग शुल्क को लेकर सीएचसी परिसर में जमकर हंगामा हुआ था। बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक नोटिस के दोपहिया वाहनों से 10 रुपये और कारों से 20 रुपया वसूला जाने लगा था।
इससे नाराज लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की थी। स्थानीय निवासी सुखबीर सिंह लवली ने आरोप लगाया था कि अस्पताल के सामने की सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन आती है। सार्वजनिक सड़क पर पार्किंग का बोर्ड लगाकर वसूली करना पूरी तरह गलत है। लोगों ने यह भी सवाल उठाया था कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गरीब मरीजों से पार्किंग शुल्क लेना सरकार की सेहत क्रांति के दावों के विपरीत है। विरोध बढ़ने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और वन विभाग की तरफ से अस्पताल परिसर के बाहर लगाई गई पार्किंग व्यवस्था को हटवा दिया गया। पार्किंग हटने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की वसूली बंद होनी चाहिए और प्रशासन को पहले स्पष्ट नियम व अनुमति प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए।
ढकोली सीएचसी के बाहर फोरेस्ट लैंड है। यहां पर सीएचसी की ओर से लगाए गए कुछ लोग पार्किंग की पर्चियां काट रहे थे। इसकी जानकारी फोरेस्ट विभाग को मिली थी, तो आज कार्रवाई कर पार्किंग व्यवस्था को हटाया है। -जितेंदर सिंह, फॉरेस्ट गॉर्ड, पंजाब फॉरेस्ट
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करीब एक सप्ताह पहले जब पार्किंग खोली गई थी। उससे पहले पार्किंग संबंधी अनुमति पंजाब हेल्थ कॉरपोरेशन से ली गई थी। पूरी प्रक्रिया के बाद सालाना 60 हजार रुपये में पार्किंग का ठेका दिया गया था। फिलहाल पार्किंग व्यवस्था हटा दी गई है। सीएचसी के बाहर की जमीन के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है। अगर वह वन विभाग की जगह है तो पार्किंग नहीं लगाई जाएगी। अगर वन विभाग की जगह नहीं है तो पार्किंग फिर से शुरू की जाएगी। -गगनदीप सिंह, एसएमओ , सीएचसी जीरकपुर
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इससे नाराज लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की थी। स्थानीय निवासी सुखबीर सिंह लवली ने आरोप लगाया था कि अस्पताल के सामने की सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन आती है। सार्वजनिक सड़क पर पार्किंग का बोर्ड लगाकर वसूली करना पूरी तरह गलत है। लोगों ने यह भी सवाल उठाया था कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गरीब मरीजों से पार्किंग शुल्क लेना सरकार की सेहत क्रांति के दावों के विपरीत है। विरोध बढ़ने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और वन विभाग की तरफ से अस्पताल परिसर के बाहर लगाई गई पार्किंग व्यवस्था को हटवा दिया गया। पार्किंग हटने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की वसूली बंद होनी चाहिए और प्रशासन को पहले स्पष्ट नियम व अनुमति प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए।
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ढकोली सीएचसी के बाहर फोरेस्ट लैंड है। यहां पर सीएचसी की ओर से लगाए गए कुछ लोग पार्किंग की पर्चियां काट रहे थे। इसकी जानकारी फोरेस्ट विभाग को मिली थी, तो आज कार्रवाई कर पार्किंग व्यवस्था को हटाया है। -जितेंदर सिंह, फॉरेस्ट गॉर्ड, पंजाब फॉरेस्ट
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करीब एक सप्ताह पहले जब पार्किंग खोली गई थी। उससे पहले पार्किंग संबंधी अनुमति पंजाब हेल्थ कॉरपोरेशन से ली गई थी। पूरी प्रक्रिया के बाद सालाना 60 हजार रुपये में पार्किंग का ठेका दिया गया था। फिलहाल पार्किंग व्यवस्था हटा दी गई है। सीएचसी के बाहर की जमीन के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है। अगर वह वन विभाग की जगह है तो पार्किंग नहीं लगाई जाएगी। अगर वन विभाग की जगह नहीं है तो पार्किंग फिर से शुरू की जाएगी। -गगनदीप सिंह, एसएमओ , सीएचसी जीरकपुर