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Mohali News: हर घर-फ्लैट के आगे क्यूआर कोड वाली नंबर प्लेट लगाने के लिए टेंडर किया रिकॉल
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जीरकपुर। नगर परिषद ने जीरकपुर शहर में जीआईएस प्रॉपर्टी ड्रोन बेस्ड सर्वे करवाने और हर एक प्रॉपर्टी के आगे क्यूआर कोड वाली नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर इस काम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नगर परिषद शहर की करीब 1,50,000 प्रॉपर्टी का सर्वे करवाकर नंबर प्लेट लगाएगी। नगर परिषद जीरकपुर के म्यूनिसिपल इंजीनियर चरणपाल सिंह ने बताया कि यह टेंडर प्रक्रिया अखबारों में नोटिस छापने के बाद 21 दिन की होती है।
उन्होंने बताया कि पहले भी दो बार इस काम का टेंडर लगाया जा चुका है, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने इस काम में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके चलते यह काम अधर में ही लटक गया। इसके बाद अब फिर से टेंडर रिकॉल किया गया है। उन्होंने बताया कि यह टेंडर 16 सितंबर को खुलेगा और देखा जाएगा के कौन सा ठेकेदार या कंपनी इस काम के लिए बिड करती है। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को जैसे ही बिड खुलेगी और जिस भी ठेकेदार को यह काम अलॉट होगा, ठेकेदार द्वारा तुरंत अपना काम शुरू कर दिया जाएगा और काम मुकम्मल करने के लिए ठेकेदार को एक वर्ष का समय दिया जाएगा।
इसमें ठेकेदार द्वारा संपत्तियों के सर्वेक्षण के लिए श्रम, भ्रमण, 45 विशेषताओं वाले मोबाइल एप्लिकेशन में सर्वेक्षण डेटा संग्रहण की शुरूआत, एक्सेल शीट और आर्कजीआईएस सॉफ्टवेयर में डेटा का सत्यापन, वैधीकरण और समावेशन सभी तरह से पूर्ण, जिसमें अलग अलग यूटिलिटीज जैसे कि प्रॉपर्टी आईडी, जल सप्लाई तथा सीवरेज, बिजली, बिल्डिंग प्लान सैंक्शन नंबर, प्लॉट सर्टिफिकेट नंबर आदि के साथ यूआईडी का एकीकरण भी शामिल है। इसके बाद ठेकेदार द्वारा अल्युमिनियम यूआईडी प्लेट्स उपलब्ध करवाई जाएगी।
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हमने जीरकपुर शहर में मौजूद करीब 1,50,000 यूनिट प्रॉपर्टीज पर क्यूआर कोड वाली नंबर प्लेट लगाने के लिए शहर में सर्वे करवाने के लिए अपनी तरफ से काम मुकम्मल कर लिया है। टेंडर रिकॉल कर लिया गया है जो कि 16 सितंबर को खुलेगा। टेंडर प्रक्रिया के बाद ठेकेदार को काम दे दिया जाएगा और इस काम के लिए ठेकेदार को एक वर्ष का समय दिया जाएगा। इस काम के मुकम्मल होने के बाद नगर परिषद को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में राजस्व का भारी फायदा होने की उम्मीद है। हर एक प्रॉपर्टी के आगे ऐसी नंबर प्लेट लगने से प्रॉपर्टी के मालिक को भी टैक्स अदा करने में आसानी होगी। -चरणपाल सिंह, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर परिषद जीरकपुर
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उन्होंने बताया कि पहले भी दो बार इस काम का टेंडर लगाया जा चुका है, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने इस काम में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके चलते यह काम अधर में ही लटक गया। इसके बाद अब फिर से टेंडर रिकॉल किया गया है। उन्होंने बताया कि यह टेंडर 16 सितंबर को खुलेगा और देखा जाएगा के कौन सा ठेकेदार या कंपनी इस काम के लिए बिड करती है। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को जैसे ही बिड खुलेगी और जिस भी ठेकेदार को यह काम अलॉट होगा, ठेकेदार द्वारा तुरंत अपना काम शुरू कर दिया जाएगा और काम मुकम्मल करने के लिए ठेकेदार को एक वर्ष का समय दिया जाएगा।
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इसमें ठेकेदार द्वारा संपत्तियों के सर्वेक्षण के लिए श्रम, भ्रमण, 45 विशेषताओं वाले मोबाइल एप्लिकेशन में सर्वेक्षण डेटा संग्रहण की शुरूआत, एक्सेल शीट और आर्कजीआईएस सॉफ्टवेयर में डेटा का सत्यापन, वैधीकरण और समावेशन सभी तरह से पूर्ण, जिसमें अलग अलग यूटिलिटीज जैसे कि प्रॉपर्टी आईडी, जल सप्लाई तथा सीवरेज, बिजली, बिल्डिंग प्लान सैंक्शन नंबर, प्लॉट सर्टिफिकेट नंबर आदि के साथ यूआईडी का एकीकरण भी शामिल है। इसके बाद ठेकेदार द्वारा अल्युमिनियम यूआईडी प्लेट्स उपलब्ध करवाई जाएगी।
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हमने जीरकपुर शहर में मौजूद करीब 1,50,000 यूनिट प्रॉपर्टीज पर क्यूआर कोड वाली नंबर प्लेट लगाने के लिए शहर में सर्वे करवाने के लिए अपनी तरफ से काम मुकम्मल कर लिया है। टेंडर रिकॉल कर लिया गया है जो कि 16 सितंबर को खुलेगा। टेंडर प्रक्रिया के बाद ठेकेदार को काम दे दिया जाएगा और इस काम के लिए ठेकेदार को एक वर्ष का समय दिया जाएगा। इस काम के मुकम्मल होने के बाद नगर परिषद को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में राजस्व का भारी फायदा होने की उम्मीद है। हर एक प्रॉपर्टी के आगे ऐसी नंबर प्लेट लगने से प्रॉपर्टी के मालिक को भी टैक्स अदा करने में आसानी होगी। -चरणपाल सिंह, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर परिषद जीरकपुर