मोहाली: पक्की नौकरी के लिए शिक्षकों का हंगामा, पेट्रोल लेकर छत पर चढ़े, महिला ने निगला जहर
पंजाब के स्कूलों में करीब 13000 ऐसे टीचर हैं, जो रेगुलर टीचरों की तरह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उनको वेतन उस हिसाब से नहीं मिलता है। इसी तरह वह अन्य सुविधाओं से भी वंचित रह जाते हैं।
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शिक्षा विभाग में स्थायी किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को पंजाब के अस्थायी अध्यापकों ने शिक्षा विभाग के दफ्तर का घेराव किया। इस दौरान एक शिक्षिका ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। इतना ही नहीं, सात अध्यापक पेट्रोल की बोतलें और सल्फास की गोलियां लेकर सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग के दफ्तर की छत पर चढ़ गए। देर शाम तक स्थिति गंभीर बनी रही। प्रदर्शनकारी अध्यापक मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मौके पर ही समाधान के लिए अड़े हुए हैं। शिक्षा विभाग सहित पंजाब शिक्षा बोर्ड के सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में ही फंसे हुए हैं।
पंजाब के सरकारी स्कूलों में पांच कैटेगरी में काम कर रहे अस्थायी अध्यापक लंबे समय से स्थायी किए जाने की मांग करते आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने 15 जून को बैठक का आश्वासन दिया था, जिसके न हो पाने के बाद बुधवार को इन अध्यापकों ने मोहाली का रुख किया। राज्य भर से कच्चे अध्यापक मोहाली में जुटे और सुबह करीब 10 बजे शिक्षा विभाग के दफ्तर की तरफ कूच किया। साढ़े 10 बजे शिक्षा विभाग के दफ्तर पहुंचे, जहां पुलिस ने इन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान अध्यापकों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
मलोट से प्रदर्शन में शामिल होने आई शिक्षिका राजविंदर कौर ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए। सात अध्यापक पेट्रोल की बोतलें व सल्फास की गोलियां लेकर शिक्षा विभाग की 7वीं मंजिल पर चढ़ गए। ये सभी छत से ही फोन से प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते रहे।
बिगड़े हालत को संभालने के लिए थाना पुलिस सहित जिले के आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, अधिकारियों ने गुरुवार को शिक्षा मंत्री के साथ बैठक का आश्वासन भी दिया लेकिन प्रदर्शनकारी अध्यापक मौके पर ही शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री के साथ बैठक के लिए अड़े रहे।
प्रदर्शन के चलते शिक्षा विभाग व पंजाब शिक्षा बोर्ड के करीब चार हजार कर्मचारी व अधिकारी कार्यालय में फंस गए। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय परिसर के सभी गेट बंद कर दिए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रही है। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
रात आठ बजे दफ्तर से निकाले गए कर्मचारी
देर शाम प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के सचिव कैप्टन संदीप संधू के साथ बैठक की सहमति बनी। इसके बाद अस्थायी अध्यापकों के पांच नुमाइंदे बातचीत के लिए रवाना हुए। रात 8 बजे पहले पंजाब शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकाला गया।