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मोहाली में सफाईकर्मियों की हड़ताल टली, मंत्री से मुलाकात करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Tue, 12 Jul 2016 10:01 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : demo
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सफाई कर्मचारियों की आज से होने वाली हड़ताल निगम कमिश्नर की आश्वासन के बाद स्थगित हो गई है। निगम कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री से उनकी वार्ता करवाई जाएगी। इसके बाद मुलाजिमों ने 19 जुलाई तक हड़ताल स्थगित कर दी।
कमिश्नर से मुलाकात के बाद सफाई मजदूर फेडरेशन के महासचिव पवन गोडयाल ने बताया कि संगठन कर्मचारियों के हित के लिए संघर्ष को तैयार है। गौरतलब है कि फेडरेशन ने मंगलवार से शहर में सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से ठप रखने का एलान किया था। इस संबंध में सफाई मजदूर फेडरेशन व सफाई मजदूर यूनियन ने शुक्रवार को आपात मीटिंग कर हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी।
यूनियन ने इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग के सचिव, डायरेक्टर, डिप्टी कमिश्नर, मेयर व कमिश्नर को नोटिस पहले ही भेज दिया था।
पहले भी मिल चुका है भरोसा
स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री ने सीएम से फेडरेशन की मीटिंग करवाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन यह बात भी अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। नेताओं ने बताया कि 30 अप्रैल को हुई मीटिंग में फैसला लिया गया था कि लगातार चलने वाले काम पर आउट सोर्स या ठेकेदारी के माध्यम कर्मचारी नहीं रखे जाएंगे, लेकिन नगर निगम इस पर अमल नहीं लिया जा रहा है।
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यूनियन नेता बोले इस तरह बचेंगे छह करोड़
मुलाजिम नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय विभाग ने अगस्त 2012 में मोहाली नगर में 450 सफाई सेवकों के पक्के पद मंजूर किए थे। नगर निगम द्वारा सफाई का काम ठेके पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले यह सफाई का ठेका एक साल के लिए दिया जाता था। अब यह ठेका पांच साल के लिए कर दिया गया है। ठेके पर हर साल 13 करोड़ रुपये खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि यदि 328 मुलाजिमों को रेगुलर कर दिया जाए तो सात करोड़ रुपये ही खर्च होंगे। ऐसे में निगम को छह करोड़ बच सकते थे।
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कमिश्नर से मुलाकात के बाद सफाई मजदूर फेडरेशन के महासचिव पवन गोडयाल ने बताया कि संगठन कर्मचारियों के हित के लिए संघर्ष को तैयार है। गौरतलब है कि फेडरेशन ने मंगलवार से शहर में सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से ठप रखने का एलान किया था। इस संबंध में सफाई मजदूर फेडरेशन व सफाई मजदूर यूनियन ने शुक्रवार को आपात मीटिंग कर हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी।
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यूनियन ने इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग के सचिव, डायरेक्टर, डिप्टी कमिश्नर, मेयर व कमिश्नर को नोटिस पहले ही भेज दिया था।
पहले भी मिल चुका है भरोसा
स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री ने सीएम से फेडरेशन की मीटिंग करवाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन यह बात भी अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। नेताओं ने बताया कि 30 अप्रैल को हुई मीटिंग में फैसला लिया गया था कि लगातार चलने वाले काम पर आउट सोर्स या ठेकेदारी के माध्यम कर्मचारी नहीं रखे जाएंगे, लेकिन नगर निगम इस पर अमल नहीं लिया जा रहा है।
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यूनियन नेता बोले इस तरह बचेंगे छह करोड़
मुलाजिम नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय विभाग ने अगस्त 2012 में मोहाली नगर में 450 सफाई सेवकों के पक्के पद मंजूर किए थे। नगर निगम द्वारा सफाई का काम ठेके पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले यह सफाई का ठेका एक साल के लिए दिया जाता था। अब यह ठेका पांच साल के लिए कर दिया गया है। ठेके पर हर साल 13 करोड़ रुपये खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि यदि 328 मुलाजिमों को रेगुलर कर दिया जाए तो सात करोड़ रुपये ही खर्च होंगे। ऐसे में निगम को छह करोड़ बच सकते थे।