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गांव मीरपुर में शनिवार रात हादसा... सोते हुए परिवार पर गिरी कच्ची छत, बेटे की मौत
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : MOHALI
डेराबस्सी। गांव मीरपुर में छत गिरने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य सोए हुए थे।
रामकुमार अपनी मां, पत्नी और तीन बच्चों के साथ गांव में रहता है। मजदूरी कर परिवार को किसी तरह पाल रहा है। शनिवार रात रामकुमार, अपनी पत्नी गीता और बच्चों के साथ अंदर जबकि मां आंगन में सो रही थी। रात करीब साढ़े 11 बजे लकड़ी की कड़ियों के सहारे टिकी कच्ची छत अचानक गिर गई। परिवार मलबे में दब गया। छत गिरने की आवाज सुनकर रामकुमार के भाई ने पड़ोसियों की मदद से उन्हें निकालकर अस्पताल पहुंचाया। रामकुमार के बेटे हरजीत को गंभीर हालत में चंडीगढ़ सेक्टर-32 रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आंगन में सोने के कारण बुजुर्ग मां सुरक्षित बच गईं। रामकुमार और उसकी पत्नी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जबकि बड़े बेटे और बेटी को चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है।
हादसे पर रोष जताते हुए गांववालों ने कहा कि मीरपुर व मुबारिकपुर में बहुत से लोग आज भी कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। सरकार ने घरों को पक्का कराने के लिए फार्म तो भरवा लिए लेकिन पैसा जारी नहीं किया। इलाके के विधायक एनके शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार से सांत्वना जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से गरीब ऐसे हालात में रह रहे हैं।
कैप्शन -गांव मीरपुर में घर की गिरी छत का दृश्य। -हादसे में मृतक बच्चे की पुरानी तस्वीर।
-हादसे के बाद विलाप करती परिवार की महिला सदस्य।
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रामकुमार अपनी मां, पत्नी और तीन बच्चों के साथ गांव में रहता है। मजदूरी कर परिवार को किसी तरह पाल रहा है। शनिवार रात रामकुमार, अपनी पत्नी गीता और बच्चों के साथ अंदर जबकि मां आंगन में सो रही थी। रात करीब साढ़े 11 बजे लकड़ी की कड़ियों के सहारे टिकी कच्ची छत अचानक गिर गई। परिवार मलबे में दब गया। छत गिरने की आवाज सुनकर रामकुमार के भाई ने पड़ोसियों की मदद से उन्हें निकालकर अस्पताल पहुंचाया। रामकुमार के बेटे हरजीत को गंभीर हालत में चंडीगढ़ सेक्टर-32 रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आंगन में सोने के कारण बुजुर्ग मां सुरक्षित बच गईं। रामकुमार और उसकी पत्नी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जबकि बड़े बेटे और बेटी को चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है।
हादसे पर रोष जताते हुए गांववालों ने कहा कि मीरपुर व मुबारिकपुर में बहुत से लोग आज भी कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। सरकार ने घरों को पक्का कराने के लिए फार्म तो भरवा लिए लेकिन पैसा जारी नहीं किया। इलाके के विधायक एनके शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार से सांत्वना जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से गरीब ऐसे हालात में रह रहे हैं।
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कैप्शन -गांव मीरपुर में घर की गिरी छत का दृश्य। -हादसे में मृतक बच्चे की पुरानी तस्वीर।
-हादसे के बाद विलाप करती परिवार की महिला सदस्य।

गांव मीरपुर में कच्चे घर की छत गिर गई। - फोटो : MOHALI
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