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Mohali News: खाली प्लाॅटों में कूड़े के अंबार, बदबू और गंदगी से रहना हुआ दुश्वार
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जीरकपुर। शहर में विभिन्न क्षेत्रों में हजारों की संख्या में पड़े खाली प्लॉटों को लोग डंपिंग ग्राउंड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। कूड़े की भरमार की वजह से बरसात के मौसम में आसपास गंदगी और बदबू का आलम है। लोहगढ़, पभात के विभिन्न क्षेत्रों, पीरमुच्छला, ढकोली, बलटाना, शिवालिक विहार के खाली प्लॉटों पर कूड़ा ही कूड़ा नजर आता है। नगर परिषद द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं करने पर बीमारियां पैर फैलाने लगी हैं। नगर परिषद ने खाली प्लाॅटों के मालिकों पर कार्रवाई करने के लिए एक योजना बनाई थी। इसके अनुसार जिस प्लॉट में गंदगी मिलेगी, उस प्लाॅट के मालिक को नोटिस जारी किया जाएगा। एक हफ्ते का समय प्लाॅट की सफाई करवाने के लिए दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित प्लाॅट मालिक को पहले नोटिस पर पांच हजार और दूसरे नोटिस पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। खाली पड़े हजारों प्लाॅटों में से नगर परिषद ने मात्र 120 प्लॉट मालिकों को नोटिस जारी किए थे लेकिन नोटिस जारी करने के करीब तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी किसी प्लाॅट मालिक पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया। शहरवासियों का कहना है कि जीरकपुर शहर स्वच्छता रैंकिंग में पीछे जा रहा है। अगर नगर परिषद के अधिकारी सचमुच शहर की साफ सफाई के लिए कुछ करना चाहते हैं, स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करना चाहते हैं तो उन्हें खाली प्लाटों की अपने स्तर पर साफ-सफाई करवानी चाहिए।
खाली प्लाॅटों के 120 मालिकों की पहचान करके उन्हें नोटिस जारी कर दिए थे। 30 दिन का समय दिया था। 30 दिन का समय पूरे होने के बाद फिर से चेकिंग की जाएगी और अगली कार्रवाई की जाएगी। खाली प्लाॅटों के मालिकों की पहचान की जा रही है, लेकिन इस काम के लिए बहुत मुश्किल हो रही है। ऐसे में प्लाॅटों के मालिकों का पता ही नहीं चल रहा है। - रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर
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खाली प्लाॅटों के 120 मालिकों की पहचान करके उन्हें नोटिस जारी कर दिए थे। 30 दिन का समय दिया था। 30 दिन का समय पूरे होने के बाद फिर से चेकिंग की जाएगी और अगली कार्रवाई की जाएगी। खाली प्लाॅटों के मालिकों की पहचान की जा रही है, लेकिन इस काम के लिए बहुत मुश्किल हो रही है। ऐसे में प्लाॅटों के मालिकों का पता ही नहीं चल रहा है। - रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर
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