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Mohali News: आरएल चढ़ाने पर बिगड़ी मरीज की हालत, जांच शुरू
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में आरएल (रिंगर्स लैक्टेट) चढ़ाने के दौरान मरीज में रिएक्शन का मामला सामने आया है। जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने संबंधित बैच की आरएल की बोतलों को सीज कर मामले में जांच शुरू कर दी है। फिलहाल रिएक्शन वाले मरीज की स्थिति खतरे से बाहर है। मामले को लेकर अस्पताल में खलबली मची हुई है। आरएल की जिस बोतल से आईसीयू के मरीज पर रिएक्शन हुआ, वह हॉस्पिटल सप्लाई की थी। इससे एक बार फिर हॉस्पिटल सप्लाई की दवा पर प्रश्न चिह्न लगा है। इससे पहले अगस्त 2022 में जीएमसीएच-32 में हॉस्पिटल सप्लाई वाले इंजेक्शन में गड़बड़ी मिली थी।
अस्पताल के सी ब्लॉक स्थित आईसीयू में भर्ती एक मरीज को आरएल की बोतल ड्रिप में देने पर उसे रिएक्शन और एलर्जी होने लगी। इसकी जानकारी होने पर ड्यूटी पर तैनात एनेस्थिसिया के डॉक्टर ने तत्काल आरएल का बैच नंबर चेक किया और उसकी जानकारी अस्पताल के व्हाट्सएप ग्रुप पर दी। इसमें बताया गया कि संबंधित बैच का आरएल देने पर आईसीयू के मरीज को रिएक्शन के साथ एलर्जी हुई है इसलिए उस बैच का उपयोग न किया जाए।
सूचना पर अस्पताल प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया और संबंधित बैच के आरएल की आपूर्ति रोक दी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, संबंधित बैच के आरएल की आपूर्ति रोककर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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इस बैच के आरएल से हुआ रिएक्शन
जीएमसीएच-32 में हॉस्पिटल सप्लाई की मुहर लगी 500 एमएल के आरएल की बोतल को आईसीयू के मरीज को चढ़ाया गया गया तो उसे रिएक्शन होने लगा। उक्त आरएल का बैच नंबर 3141 है। इसकी निर्माण तिथि अप्रैल 2023 और समाप्ति तिथि मार्च 2026 है। इस आरएल को बनाने वाली कंपनी हिन्दुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड है। इस आरएल की बोतल में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम क्लोराइड और बाइकार्बोनेट का मिश्रण था।
पहले भी गलत इंजेक्शन देने का मामला आया था सामने
बता दें कि अगस्त 2022 में गड़बड़ इंजेक्शन की आपूर्ति की शिकायत जीएमसीएच-32 में सामने आ चुकी है। उसके बावजूद हॉस्पिटल सप्लाई की दवाओं की गुणवत्ता जांच को लेकर अनदेखी की जा रही है जिससे इस तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं।
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अस्पताल के सी ब्लॉक स्थित आईसीयू में भर्ती एक मरीज को आरएल की बोतल ड्रिप में देने पर उसे रिएक्शन और एलर्जी होने लगी। इसकी जानकारी होने पर ड्यूटी पर तैनात एनेस्थिसिया के डॉक्टर ने तत्काल आरएल का बैच नंबर चेक किया और उसकी जानकारी अस्पताल के व्हाट्सएप ग्रुप पर दी। इसमें बताया गया कि संबंधित बैच का आरएल देने पर आईसीयू के मरीज को रिएक्शन के साथ एलर्जी हुई है इसलिए उस बैच का उपयोग न किया जाए।
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सूचना पर अस्पताल प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया और संबंधित बैच के आरएल की आपूर्ति रोक दी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, संबंधित बैच के आरएल की आपूर्ति रोककर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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इस बैच के आरएल से हुआ रिएक्शन
जीएमसीएच-32 में हॉस्पिटल सप्लाई की मुहर लगी 500 एमएल के आरएल की बोतल को आईसीयू के मरीज को चढ़ाया गया गया तो उसे रिएक्शन होने लगा। उक्त आरएल का बैच नंबर 3141 है। इसकी निर्माण तिथि अप्रैल 2023 और समाप्ति तिथि मार्च 2026 है। इस आरएल को बनाने वाली कंपनी हिन्दुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड है। इस आरएल की बोतल में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम क्लोराइड और बाइकार्बोनेट का मिश्रण था।
पहले भी गलत इंजेक्शन देने का मामला आया था सामने
बता दें कि अगस्त 2022 में गड़बड़ इंजेक्शन की आपूर्ति की शिकायत जीएमसीएच-32 में सामने आ चुकी है। उसके बावजूद हॉस्पिटल सप्लाई की दवाओं की गुणवत्ता जांच को लेकर अनदेखी की जा रही है जिससे इस तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं।