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Mohali News: बाहरी बस सेवा मिलती नहीं अपनी चलती नहीं, विद्यार्थी होते हैं परेशान

Wed, 24 Sep 2025 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Sep 2025 02:09 AM IST
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Outside bus services are not available and our own buses are not running, causing students distress
मोहाली। सिटी बस सेवा का अभाव शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी खल रही है। सीटीयू की बस सेवा शहर के बाहरी क्षेत्रों से होकर जाती है, ऐसे में अंदरूनी इलाकों के विद्यार्थियों और यात्रियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 25 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिदिन कॉलेज और स्कूल जाते हैं, लेकिन सीटीयू की बस कुछ ही मार्गों पर उपलब्ध है। ऐसे में शहर की अपनी सिटी बस सेवा नहीं चलने से लोग परेशान हैं।
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पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बिना शहर में दैनिक यात्रा करने वाले लोग महंगे विकल्पों पर निर्भर हैं। यह न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सुरक्षा और समय की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से चंडीगढ़ और मोहाली के सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ने जाने वाले विद्यार्थियों को रोजाना बसों के लिए कम से कम 45 मिनट से एक घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो बसें पहले से ही भरी होने के कारण छात्रों को उनके स्टॉप पर बस ही नहीं मिल पाती है। व्यस्त समय होने के कारण सड़कों पर हद से ज्यादा ट्रैफिक होता है। खरड़, लांडरां, डेराबस्सी आदि स्थानों से आने वाले विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कत रहती है।
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शहर के अंदरूनी इलाकों में बस नेटवर्क विकसित किया जाए। इससे न केवल छात्रों और यात्रियों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि शहर में ट्रैफिक भी कम होगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भरोसा बढ़ेगा। -सुखदेव सिंह, विद्यार्थी
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अगर बस सर्विस शहर के भीतरी इलाकों तक पहुंचती है तो रोजाना यात्रा करने वालों को आर्थिक बोझ, समय और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी। अधिकांश लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भरोसा करते हैं। ऐसे में शहर की सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव भी कम होगा। -वंशिका मिश्रा, निवासी फेज-10


मैं रोज फेज-1 से बस में एसडी कॉलेज चंडीगढ़ जाता हूं। मुझे दो बसें बदलनी पड़ती हैं। कई बार बस भरकर आती है तो मिस भी करनी पड़ती है। मोहाली जैसे शहर के लिए कम से कम 100 बसों का होना अनिवार्य है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष विद्यार्थी बस सेवा शुरू की जानी चाहिए। -अनुराग अरोड़ा, निवासी फेज-1
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