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Mohali News: 15 किलो चूरा पोस्त तस्करी में दोषी को डेढ़ साल की सजा

Wed, 24 Apr 2024 05:30 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2024 05:30 AM IST
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One and a half year imprisonment to the culprit involved in smuggling of 15 kg poppy seeds
मोहाली। जिला अदालत ने एक नशा तस्कर युवक को 15 किलो चूरा पोस्त (भुक्की) तस्करी के आरोप में दोषी करार देते हुए उसे एक साल छह महीने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी मलकीत सिंह पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी की सजा तीन महीने और बढ़ जाएगी। पुलिस ने डेराबस्सी के गांव बोहरी के रहने वाले मलकीत सिंह को डेराबस्सी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ 6 जुलाई, 2020 को डेराबस्सी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। यह मामला मोहाली अदालत में चल रहा है।
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दोषी मलकीत सिंह के वकील ने अदालत में दलील दी है कि दोषी को केस में झूठा फंसाया है। लैब में भेजे गए नशीले पदार्थ के सैंपल से टेस्टिंग दौरान छेड़छाड़ की गई है। यहां तक कि पुलिस ने मलकीत सिंह से जाति दुश्मनी निकाली है। उन्होंने अदालत को बताया कि पुलिस ने शक पर मलकीत सिंह को पकड़ा था जिससे वह दोषी साबित नहीं होता। वहीं, अदालत में यह भी तर्क दिया गया कि आरोपी मलकीत सिंह विवाहित है, उसके तीन बच्चे हैं। उसकी मां वृद्ध है और वह उसके साथ रहती है। इसलिए उसके खिलाफ उदार दृष्टिकोण रखें।
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वहीं, अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुआ कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इसका असर किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं पड़ रहा है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ रहा है। दोषी द्वारा किए गए अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उसे दोषी ठहराया गया है। अदालत ने कहा कि रासायनिक परीक्षक को नमूना भेजने में 12 दिन की देरी यह साबित नहीं करती की नमूनों से छेड़छाड़ हुई है। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह माना गया कि नशीले पदार्थों के नमूने को रासायनिक परीक्षक के कार्यालय में भेजने में देरी यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त नहीं होगी कि नमूने के साथ छेड़छाड़ हुई है। नमूने भेजने में देरी अप्रासंगिक है और इससे आरोपी की मदद नहीं की जा सकती। बचाव पक्ष के वकील द्वारा इस संबंध में दी गई दलीलें कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है, टिकने लायक नहीं है।
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पुलिस अधिकारियों के साथ दुश्मनी का आरोप साबित नहीं हो सका है। आरोपियों द्वारा अपने को झूठा फंसाने की कोई शिकायत किसी उच्च पुलिस अधिकारी से नहीं की गई। इस प्रकार के साक्ष्यों के माध्यम से अभियोजन पक्ष ने संदेह के आधार पर अभियुक्तों की गिरफ्तारी को सफलतापूर्वक साबित कर दिया, जिसके बाद उपरोक्त तस्करी की बरामदगी हुई। तलाशी, जब्ती और बरामदगी के संबंध में किसी भी अनिवार्य प्रावधान का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है और अभियुक्तों के बिना किसी परमिट या लाइसेंस के उपरोक्त प्रतिबंधित सामग्री के कब्जे में पाए जाने के संबंध में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। इसलिए अभियोजन पक्ष ने फाइल पर ठोस, विश्वसनीय और भरोसेमंद साक्ष्य पेश करके आरोपी के खिलाफ अपना मामला साबित किया है। रिकॉर्ड पर पेश किए गए साक्ष्य यह तथ्य प्रदान करते हैं कि अभियोजन पक्ष रिकॉर्ड पर यह साबित करने में सक्षम है कि 6 जुलाई 2020 को शाम लगभग 5.40 बजे नई अनाज मंडी धनोनी रोड डेराबस्सी से आरोपी के पास बिना किसी लाइसेंस या परमिट के 15 किलोग्राम चूरा पोस्त भुक्की बरामद हुई थी। आरोपी मलकीत सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप के लिए उसे दोषी ठहराया जाता है और एनडीपीएस अधिनियम की धारा 15 के तहत दोषी मानते हुए उसे सजा सुनाई गई है।
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