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शख्सियतः कभी डेढ़ सौ रुपये महीना लेकर करते थे नौकरी, आज खुद दे रहे हैं लोगों को रोजगार

Wed, 10 Jun 2020 12:50 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 10 Jun 2020 12:50 PM IST
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success story of industrialist ram kumar
उद्योगपति राम कुमार - फोटो : अमर उजाला
बात सन् 1977 की है। मैं दसवीं करके अपने गांव भम्भेवा जिला रोहतक हरियाणा से मोहाली में नौकरी करने के लिए आया था। डेढ़ सौ रुपये महीना वेतन पर एक कंपनी में फोरमैन के पद पर नौकरी भी लग गई। नौकरी ठीक चल रही थी, लेकिन मन में शुरू से ही यह सपना था कि मैं अपना काम करूंगा।
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इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए लंबा संघर्ष किया। कई तरह की मुश्किलें भी आईं। लेकिन 19 साल नौकरी करने के बाद आखिर अपने मन की आवाज को सुना और लोन लेकर अपना काम शुरू कर दिया। मेहनत रंग लाई और कारोबार भी चल निकला। आज वह खुद तो बेहतर जीवन जी ही रहे हैं, इसके साथ ही करीब 20 लोगों को रोजगार मुहैया करवा रहे हैं।
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जी हां, यह जानकारी देते हुए मोहाली के शाहीमाजरा में चल रही आशीर्वाद इंटरप्राइजेस कंपनी के मालिक राम कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए आगे कहा कि उनकी कंपनी ट्रैक्टर के स्पेयर पार्ट्स बनाने का काम करती है। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति अगर सपना देखता है और मेहनत करता है तो उसे कामयाबी जरूर मिलती है। उन्होंने बताया कि जो लोग कोरोना के चक्कर में अपने राज्य की ओर भाग रहे हैं, मैं उन्हें भी सलाह दूंगा कि वह यहीं पर टिक कर काम करें।
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पहली बार लोन लेकर खरीदी थी दो मशीनें
राम कुमार ने बताया कि जब वह कंपनी में काम करते थे। तो उनके मन में आता था कि वह अपना कारोबार चलाएं। लेकिन इसके लिए उन्हें शुरू में पैसे की दिक्कत थी। इसलिए सबसे पहले उन्होंने अन इंप्लायमेंट कैटेगरी के तहत एक लाख रुपये का लोन लिया था। इसके बाद ट्रैक्टर के स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली दो मशीनें खरीदी थी। उनका काम बढ़िया चल पड़ा तो उन्होंने कारोबार बढ़ाने का फैसला लिया। इसके बाद दोबारा फिर उन्होंने और लोन लेकर मशीन लगाई। इसके साथ ही कड़ी मेहनत जारी रखी।

खुद अपने मुलाजिमों के साथ मिलकर करते हैं काम

राम कुमार बताते हैं वह कंपनी के मालिक जरूर हैं। लेकिन वह खुद अपने मुलाजिमों के साथ मिलकर काम करने में किसी भी तरह की शर्म महसूस नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि अगर उनका कोई मुलाजिम छुट्टी पर हो तो वह उसकी जगह खुद काम करते हैं।

इतना ही नहीं जब उन्हें लगता है कि उनका काम फंस रहा है, तो वह आज भी खुद मशीनों को चलाने से परहेज नहीं करते हैं। उन्होंने बताया जिस कंपनी में वह काम करते थे। उनके मालिक भी ऐसा करते हुए उन्होंने देखे थे। वहीं, उन्होंने बताया कि अब उनके दोनों बेटे भी उनके कारोबार में साथ आ गए हैं।

कई नामी कंपनियां हैं उनकी क्लाइंट
ट्रैक्टर बनाने वाली एक नामी कंपनी उनकी क्लाइंट है। राम कुुमार ने बताया कि उनका मुख्य ग्राहक देश की सबसे बड़ी ट्रैक्टर स्वराज कंपनी है। जिसके लिए वह स्पेयर पार्ट्स तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि वह समय के हिसाब से अपनी इंडस्ट्री को बदलते रहते हैं, जिससे वहसमय के हिसाब से मार्केट में बने रहें।

43 साल से कर रहे हैं समाजसेवा
राम कुमार ने बताया वह 43 साल से मोहाली दशहरा कमेटी से जुड़े हुए हैैं और कमेटी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर हैं। इसके अलावा शाहीमाजरा में श्री सनातन धर्म शिव एवं विश्वकर्मा मंदिर बनाने में भी उन्होंने लंबी जंग लड़ी है। क्योंकि मंदिर की जगह को लेकर मामला अदालत में चल रहा था। वहीं, अब कोरोना काल में भी लोगों की सेवा में जुटे हैं। जितने ज्यादा वह समाज सेवा के काम कर सकते हैं, उतने कर रहे हैं।
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