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मोहाली को अगले सप्ताह मिलेगा नया मेयर, सेहत मंत्री के भाई का चुना जाना तय
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मोहाली। शहर को नया मेयर मिलने का रास्ता साफ हो गया है। संभवत: अगले हफ्ते शहर को नया मेयर मिल जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से वीरवार को इस संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई। इसमें साफ कर दिया गया कि मोहाली नगर निगम के मेयर की सीट किसी भी श्रेणी में आरक्षित नहीं है। उम्मीद है कि सोमवार को मेयर चुनाव को लेकर एजेंडा जारी होगा। साथ ही बुधवार को नया मेयर चुन लिया जाएगा। हालांकि सरकार की अधिसूचना से इस बात को मजबूती मिली है कि अब मेयर पद पर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के छोटे भाई अमरजीत सिंह सिद्धू ही काबिज होंगे। क्योंकि सीट किसी भी श्रेणी में आरक्षित नहीं। हालांकि इस पद की दौड़ में कई अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन सूत्रों की मानें सिद्धू सारे नेताओं को संतुष्ट कर चुके हैं।
14 फरवरी को मोहाली नगर निगम चुनाव नतीजे सामने आए थे। पहली बार कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम की पचास सीटों में से 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। आजाद ग्रुप 11 और निर्दलीय उम्मीदवार दो सीटें जीतने में कामयाब रहे थे। हालांकि यह भी पहली बार हुआ, जब शिरोमणि अकाली दल व भाजपा का एक भी उम्मीदवार नहीं जीता। उस समय से यह बात शहर में चल रही थी कि सेहत मंत्री के भाई अमरजीत सिंह सिद्धू शहर के नए मेयर बनेंगे। जिस हिसाब से परिणाम आए, उसमें कई पार्षद जीत की हैट्रिक बनाने में कामयाब रहे। कई उम्मीदवारों ने मजबूत उम्मीदवारों को हराया था। ऐसे में शुरू में सेहतमंत्री के लिए कुछ समय के लिए स्थिति असहज हो गई थी। दूसरी तरफ चर्चा यह भी थी कि सीट आरक्षित हो सकती है। करीब डेढ़ महीने तक कांग्रेस के दिग्गज नेता स्थिति को काबू करने में जुटे रहे।
खरड़ और नयगांव नगर काउंसिल की सीटें आरक्षित
जिले की सात नगर काउंसिलों में से खरड़ और नयागांव के प्रधान पद महिलाओं समेत अनुसूचित जाति की महिला सदस्यों के लिए आरक्षित हैं। जबकि अन्य नगर काउंसिल किसी भी कैटेगरी में रिजर्व नहीं हैं। नयागांव में शिरोमणि अकाली का नया काउंसिल प्रधान बन सकता है। जबकि खरड़ में कांग्रेस और अकाली दल में जबरदस्त टक्कर है। अन्य नगर काउंसिलों पर कांग्रेस का कब्जा है।
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14 फरवरी को मोहाली नगर निगम चुनाव नतीजे सामने आए थे। पहली बार कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम की पचास सीटों में से 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। आजाद ग्रुप 11 और निर्दलीय उम्मीदवार दो सीटें जीतने में कामयाब रहे थे। हालांकि यह भी पहली बार हुआ, जब शिरोमणि अकाली दल व भाजपा का एक भी उम्मीदवार नहीं जीता। उस समय से यह बात शहर में चल रही थी कि सेहत मंत्री के भाई अमरजीत सिंह सिद्धू शहर के नए मेयर बनेंगे। जिस हिसाब से परिणाम आए, उसमें कई पार्षद जीत की हैट्रिक बनाने में कामयाब रहे। कई उम्मीदवारों ने मजबूत उम्मीदवारों को हराया था। ऐसे में शुरू में सेहतमंत्री के लिए कुछ समय के लिए स्थिति असहज हो गई थी। दूसरी तरफ चर्चा यह भी थी कि सीट आरक्षित हो सकती है। करीब डेढ़ महीने तक कांग्रेस के दिग्गज नेता स्थिति को काबू करने में जुटे रहे।
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खरड़ और नयगांव नगर काउंसिल की सीटें आरक्षित
जिले की सात नगर काउंसिलों में से खरड़ और नयागांव के प्रधान पद महिलाओं समेत अनुसूचित जाति की महिला सदस्यों के लिए आरक्षित हैं। जबकि अन्य नगर काउंसिल किसी भी कैटेगरी में रिजर्व नहीं हैं। नयागांव में शिरोमणि अकाली का नया काउंसिल प्रधान बन सकता है। जबकि खरड़ में कांग्रेस और अकाली दल में जबरदस्त टक्कर है। अन्य नगर काउंसिलों पर कांग्रेस का कब्जा है।
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