{"_id":"62797d583c200c5ff8022117","slug":"machines-will-remove-the-dirt-of-the-city-work-will-start-this-month-mohali-news-pkl450135056","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की गंदगी दूर करेंगी मशीनें, काम शुरू होगा इसी महीने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की गंदगी दूर करेंगी मशीनें, काम शुरू होगा इसी महीने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। शहर की खस्ताहाल चल रही सफाई व्यवस्था के सुधरने की उम्मीद जगी है। अगर सबकुछ सही रहा तो इस महीने के आखिर में मशीनों से सफाई का काम शुरू हो जाएगा। इतना ही नहीं मुख्य सड़कों के साथ ही बी रोड की सफाई भी अब मशीनो से ही होगी। इसी चीज को लेकर सोमवार को मशीनों से इलाके की सफाई के लिए उत्सुक कंपनियों की प्री-बिड मीटिंग बुलाई गई। इसमें तीन कंपनियों ने प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाई।
मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि 19 मई को टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद निगम की शर्तों को पूरा करने वाली कंपनी को काम अलॉट कर दिया जाएगा। नगर निगम भवन में सोमवार को मेयर की अगुवाई में प्रोजेक्ट के काम संबंधी प्री-बिड मीटिंग हुई। इसमें तीन कंपनियां ग्रीनवीरो, लायन सर्विसेज व प्यारा सिंह एंड संज शामिल हुईं। इस दौरान कंपनियों को प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बताया गया।
मेयर ने बताया कि मैकेनिकल स्वीपिंग संबंधी टेंडर भरने की आखिरी तिथि 18 मई तय की गई है। 19 मई को टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद इस संबंधी काम अलॉट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सफाई का ठेका देने के बाद इस काम में लगाए गए सफाई मुलाजिमों को अंदरूनी सड़कों पर लगाया जाएगा जिससे इलाके की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। इस मौके पर सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल, डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी, एसई हरकीरत सिंह, मेडिकल अफसर डॉ. तमन्ना व अन्य अधिकारी हाजिर थे।
विज्ञापन
चार महीने सफाई का स्तर गिरता ही चला गया
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के बीच जनवरी में सफाई का ठेका खत्म हो गया था। इसके बाद नए टेंडर नहीं लगाए गए थे। निगम अपने मुलाजिमों के सहारे सफाई व्यवस्था को दुरुसत करने में लगा हुआ था लेकिन पतझड़ का मौसम और मुलाजिमों की कमी से इसमें सुधार नहीं हुआ। हालात रोज ही बिगड़ते चले गए। नगर निगम के हाउस की बैठक में यह मामला गंभीरता से सभी दलों के पार्षदों ने उठाया। मेयर ने पार्षदों को विश्वास दिलाया था कि स्थिति में जल्दी ही सुधार होगा। हालांकि इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग भी बनी चुनौती
शहर में जिस हालत से सफाई व्यवस्था का काम चल रहा है। उस हिसाब से गत साल की 81वीं रैंकिंग बचाना भी चुनौती बन गया है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि सफाई व्यवस्था में सुधार हो रहा है। पूरे शहर को चार जोन में बांटा गया है। प्रत्येक सफाई मुलाजिम की जिम्मेदारी तय की गई है। ऐसे में विश्वास है कि इस बार रैंकिंग में सुधार होगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर कई चीजों में सुधार किया है।
विज्ञापन
मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि 19 मई को टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद निगम की शर्तों को पूरा करने वाली कंपनी को काम अलॉट कर दिया जाएगा। नगर निगम भवन में सोमवार को मेयर की अगुवाई में प्रोजेक्ट के काम संबंधी प्री-बिड मीटिंग हुई। इसमें तीन कंपनियां ग्रीनवीरो, लायन सर्विसेज व प्यारा सिंह एंड संज शामिल हुईं। इस दौरान कंपनियों को प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बताया गया।
विज्ञापन
मेयर ने बताया कि मैकेनिकल स्वीपिंग संबंधी टेंडर भरने की आखिरी तिथि 18 मई तय की गई है। 19 मई को टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद इस संबंधी काम अलॉट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सफाई का ठेका देने के बाद इस काम में लगाए गए सफाई मुलाजिमों को अंदरूनी सड़कों पर लगाया जाएगा जिससे इलाके की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। इस मौके पर सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल, डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी, एसई हरकीरत सिंह, मेडिकल अफसर डॉ. तमन्ना व अन्य अधिकारी हाजिर थे।
विज्ञापन
चार महीने सफाई का स्तर गिरता ही चला गया
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के बीच जनवरी में सफाई का ठेका खत्म हो गया था। इसके बाद नए टेंडर नहीं लगाए गए थे। निगम अपने मुलाजिमों के सहारे सफाई व्यवस्था को दुरुसत करने में लगा हुआ था लेकिन पतझड़ का मौसम और मुलाजिमों की कमी से इसमें सुधार नहीं हुआ। हालात रोज ही बिगड़ते चले गए। नगर निगम के हाउस की बैठक में यह मामला गंभीरता से सभी दलों के पार्षदों ने उठाया। मेयर ने पार्षदों को विश्वास दिलाया था कि स्थिति में जल्दी ही सुधार होगा। हालांकि इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग भी बनी चुनौती
शहर में जिस हालत से सफाई व्यवस्था का काम चल रहा है। उस हिसाब से गत साल की 81वीं रैंकिंग बचाना भी चुनौती बन गया है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि सफाई व्यवस्था में सुधार हो रहा है। पूरे शहर को चार जोन में बांटा गया है। प्रत्येक सफाई मुलाजिम की जिम्मेदारी तय की गई है। ऐसे में विश्वास है कि इस बार रैंकिंग में सुधार होगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर कई चीजों में सुधार किया है।