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Mohali News: इंस्पेक्टर ने डीजीपी को लिखा पत्र, कहा-आरोपियों को बचा रहे अधिकारी व नेता
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मोहाली। सेक्टर-76 स्थित साइबर सेल की पूर्व इंचार्ज अमनजोत कौर ने डीजीपी गौरव यादव को पत्र लिखकर साै करोड़ रुपये की ठगी मामले की जांच ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन या स्टेट साइबर सेल से करवाने की मांग की है। बता दें कि अमनजोत काैर खुद 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में आरोपी हैं।
डीजीपी को लिखे पत्र में अमनजोत कौर ने कहा है कि उन्होंने 9 जनवरी को सेक्टर-108 में एक घर की बेसमेंट में चल रहे फर्जी काॅल सेंटर का भंडाफोड़ कर 100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया था लेकिन इस मामले को नेता व पुलिस के बड़े अधिकारी दबाने की कोशिश कर रहे हैं। पत्र में खुद को बेकसूर बताते हुए उन्होंने कहा है कि उन्हें फंसाया गया है ताकि वह इतनी बड़ी ठगी के जड़ तक न पहुंच सकें। पूर्व इंस्पेक्टर का कहना है कि पुलिस के बड़े आलाधिकारी व नेता ठगी के आरोपियों की मदद कर रहे हैं। अमनजोत कौर ने कहा कि उसके पास इस पूरे फेक कॉल सेंटर स्कैम के सबूत और तथ्य हैं। ऐसे में मामले की जांच मोहाली पुलिस से लेकर किसी अन्य एजेंसी से करवाई जाए।
बता दें कि फर्जी काॅल सेंटर का भंडाफोड़ करने के कुछ समय बाद अमनजोत पर पंचकूला की एक महिला ने 25 लाख रुपये की रिश्वत का मांगने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अमनजोत ने यह रिश्वत धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी को रिमांड के दौरान टार्चर न करने के एवज में मांगी थी। रिश्वत मांगने के दाैरान हुई बातचीत की रिकाॅर्डिंग कोर्ट को सौंपी गई थी। बाद में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अमनजोत काैर पर केस दर्ज किया था। मामले में डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अब तक उनके पास इंस्पेक्टर की कोई शिकायत या चिट्ठी नहीं आई है। अगर ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में आता है तो पूरे मामले की तहकीकात कराई जाएगी।
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डीजीपी को लिखे पत्र में अमनजोत कौर ने कहा है कि उन्होंने 9 जनवरी को सेक्टर-108 में एक घर की बेसमेंट में चल रहे फर्जी काॅल सेंटर का भंडाफोड़ कर 100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया था लेकिन इस मामले को नेता व पुलिस के बड़े अधिकारी दबाने की कोशिश कर रहे हैं। पत्र में खुद को बेकसूर बताते हुए उन्होंने कहा है कि उन्हें फंसाया गया है ताकि वह इतनी बड़ी ठगी के जड़ तक न पहुंच सकें। पूर्व इंस्पेक्टर का कहना है कि पुलिस के बड़े आलाधिकारी व नेता ठगी के आरोपियों की मदद कर रहे हैं। अमनजोत कौर ने कहा कि उसके पास इस पूरे फेक कॉल सेंटर स्कैम के सबूत और तथ्य हैं। ऐसे में मामले की जांच मोहाली पुलिस से लेकर किसी अन्य एजेंसी से करवाई जाए।
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बता दें कि फर्जी काॅल सेंटर का भंडाफोड़ करने के कुछ समय बाद अमनजोत पर पंचकूला की एक महिला ने 25 लाख रुपये की रिश्वत का मांगने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अमनजोत ने यह रिश्वत धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी को रिमांड के दौरान टार्चर न करने के एवज में मांगी थी। रिश्वत मांगने के दाैरान हुई बातचीत की रिकाॅर्डिंग कोर्ट को सौंपी गई थी। बाद में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अमनजोत काैर पर केस दर्ज किया था। मामले में डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अब तक उनके पास इंस्पेक्टर की कोई शिकायत या चिट्ठी नहीं आई है। अगर ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में आता है तो पूरे मामले की तहकीकात कराई जाएगी।
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