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जिन गांवों में बसेगा इंडस्ट्रियल एरिया, वहां जमीन की खरीद-फरोख्त के नियम हुए सख्त
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मोहाली। वीआईपी जिले समेत पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार ने काम शुरू कर दिया है। अब एयरपोर्ट स्थित आईटी सिटी के पास ही नया इंडस्ट्रियल एरिया बसाने की तैयारी की गई है। यह सेक्टर-101 में बनेगा। इस संबंधी सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए अधिवेशन भी जारी कर दी है। उम्मीद है कि इस एरिया के बसने के बाद 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं, इससे इलाके को एक नई पहचान मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक पंजाब सरकार की ओर से करीब 5 गांवों की जमीन एक्वायर कर आईटी सिटी बसाई जा रही है। इनमें गांव दुराली, चाऊ माजरा, सैनी माजरा, रायपुर खुर्द और मनौली गांव शामिल हैं। इस दौरान 489.45833 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने तय किया है कि जिन इलाकों में जमीन अधिगृहीत की जानी है, उस एरिया की जमीन की खरीद-फरोख्त अब बिना कलेक्टर की अनुमति से नहीं हो पाएगी। वहीं, अधिग्रहण होने वाली जमीन संबंधी किसी को एतराज भी लिए जा रहे हैं, ताकि लोगों की राय भी जानी जा सके। इलाके के विधायक बलबीर सिंह सिद्धू का कहना है कि पंजाब सरकार की कोशिश युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। जिसके तहत उनकी तरफ से कोशिश की जा रही है।
सर्वे के बाद सरकार ने शुरू की प्रक्रिया
सेक्टर-101 में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने संबंधी काफी समय से सरकार की योजना चल रही थी, जिसके बाद विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी। विभाग की तरफ से अपने आदेश में साफ कहा गया है कि अधिग्रहण होने वाली जमीन संबंधी सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन करवाया गया है। इसमें साफ हुुआ है कि जिस इलाके की जमीन अधिगृहीत की जानी है, उसमें लोगों को अधिक नुकसान नहीं होना है। लोगों की रोजी-रोटी पर कम असर पड़ेगा। इसी चीज को ध्यान में रखकर राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी एन लैंड एक्वीजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट 2013 की धारा 6 के अनुसार दिया गया है। वहीं, सरकार की तरफ से उप मंडल मजिस्ट्रेट मोहाली को प्रोजेक्ट का बतौर एडमिनिस्ट्रेटर लगाया गया है। वहीं, इस जमीन पर दिलचस्पी रखने वाला व्यक्ति अपने एतराज लिखित रूप में दे सकता है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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लोकेशन काफी हटकर, नहीं आएगी ट्रैफिक की दिक्कत
जानकारी के मुताबिक जिस एरिया में इंडस्ट्रियल एरिया बसाया जाना है, उसकी लोकेशन काफी हटकर है। एक तो उसके पास ही एयरपोर्ट स्थित है। दूसरा खरड़-बनूड़ रोड भी पास में पड़ता है। इसके अलावा राजपुरा में बस रहा इंडस्ट्रियल एरिया भी साथ में है। ऐसे में उम्मीद है कि जब यह इंडस्ट्रियल एरिया बस जाएगा तो इलाके की अंदरूनी सड़कों पर ट्रैफिक की दिक्कत नहीं आएगी। सड़कों पर वाहनों का दबाव उस हिसाब से नहीं आएगा।
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जानकारी के मुताबिक पंजाब सरकार की ओर से करीब 5 गांवों की जमीन एक्वायर कर आईटी सिटी बसाई जा रही है। इनमें गांव दुराली, चाऊ माजरा, सैनी माजरा, रायपुर खुर्द और मनौली गांव शामिल हैं। इस दौरान 489.45833 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने तय किया है कि जिन इलाकों में जमीन अधिगृहीत की जानी है, उस एरिया की जमीन की खरीद-फरोख्त अब बिना कलेक्टर की अनुमति से नहीं हो पाएगी। वहीं, अधिग्रहण होने वाली जमीन संबंधी किसी को एतराज भी लिए जा रहे हैं, ताकि लोगों की राय भी जानी जा सके। इलाके के विधायक बलबीर सिंह सिद्धू का कहना है कि पंजाब सरकार की कोशिश युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। जिसके तहत उनकी तरफ से कोशिश की जा रही है।
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सर्वे के बाद सरकार ने शुरू की प्रक्रिया
सेक्टर-101 में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने संबंधी काफी समय से सरकार की योजना चल रही थी, जिसके बाद विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी। विभाग की तरफ से अपने आदेश में साफ कहा गया है कि अधिग्रहण होने वाली जमीन संबंधी सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन करवाया गया है। इसमें साफ हुुआ है कि जिस इलाके की जमीन अधिगृहीत की जानी है, उसमें लोगों को अधिक नुकसान नहीं होना है। लोगों की रोजी-रोटी पर कम असर पड़ेगा। इसी चीज को ध्यान में रखकर राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी एन लैंड एक्वीजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट 2013 की धारा 6 के अनुसार दिया गया है। वहीं, सरकार की तरफ से उप मंडल मजिस्ट्रेट मोहाली को प्रोजेक्ट का बतौर एडमिनिस्ट्रेटर लगाया गया है। वहीं, इस जमीन पर दिलचस्पी रखने वाला व्यक्ति अपने एतराज लिखित रूप में दे सकता है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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लोकेशन काफी हटकर, नहीं आएगी ट्रैफिक की दिक्कत
जानकारी के मुताबिक जिस एरिया में इंडस्ट्रियल एरिया बसाया जाना है, उसकी लोकेशन काफी हटकर है। एक तो उसके पास ही एयरपोर्ट स्थित है। दूसरा खरड़-बनूड़ रोड भी पास में पड़ता है। इसके अलावा राजपुरा में बस रहा इंडस्ट्रियल एरिया भी साथ में है। ऐसे में उम्मीद है कि जब यह इंडस्ट्रियल एरिया बस जाएगा तो इलाके की अंदरूनी सड़कों पर ट्रैफिक की दिक्कत नहीं आएगी। सड़कों पर वाहनों का दबाव उस हिसाब से नहीं आएगा।