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Mohali News: ढिल्लों जीरकपुर परिषद के प्रधान रहेंगे या नहीं, हाईकोर्ट आज करेगा फैसला

Mon, 22 Jul 2024 07:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2024 07:07 AM IST
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High Court will decide today whether Dhillon will remain the head of Zirakpur Council or not.
जीरकपुर। नगर परिषद की प्रधानगी को लेकर चल रहे विवाद को लेकर अब सभी पार्षदों और शहरवासियों की निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
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इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज होनी है। इस संबंधी प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट की डबल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 22 जुलाई तय की थी जिसमें बड़ा फैसला आने
की संभावना है।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस के 13 बागी और अकाली दल के आठ पार्षदों सहित कुल 21 पार्षदों ने 28 जून को प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।
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प्रधान ढिल्लों ने अविश्वास पेश होने के 14 दिनों के बैठक बुलानी जरूरी होती है, इसके तहत 5 जुलाई को बैठक बुलाई गई थी। लेकिन इस बैठक में बागी पार्षद नहीं पहुंचे जबकि अध्यक्ष और उनके गुट के पार्षद दोपहर तीन बजे से शाम तक उनका इंतजार करते रहे। इस मीटिंग के लिए प्रशासन की ओर से तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट डेराबस्सी तहसीलदार ने इस मौके पर कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए रद्द कर दी थी।
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मीटिंग के बाद प्रधान ढिल्लों ने दावा किया कि बैठक में बागी पार्षदों के नहीं पहुंचने के कारण अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। इसके चलते अब नियम के मुताबिक अगले छह महीने तक अविश्वास प्रकट नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर बागी 21 पार्षदों ने मीटिंग रद्द होने का दावा करते हुए 15 जुलाई को प्रधान की ओर से 14 दिन के अंदर मीटिंग न बुलाने पर नियम के तहत अपनी बैठक बुलाई।
जिसमें प्रधान और उनके गुट का कोई भी पार्षद नहीं पहुंचा। बैठक में हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने 21 बागी पार्षदों का समर्थन करते हुए कुल 22 वोटों से अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया। दूसरी ओर इस बैठक के खिलाफ अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लों ने 15 जुलाई को इस मीटिंग को गैर

कानूनी ठहराते हुए अदालत का
दरवाजा खटखटाया।
अदालत में डेढ़ घंटे चली बहस सुनने के बाद अपने फैसले में दोनों बैठकों की वीडियोग्राफी और पूरा रिकॉर्ड 15 तारीख को कोर्ट के रजिस्ट्रार को सौंपने और 22 जुलाई को अगली सुनवाई तक डिप्टी कमिश्नर मोहाली को प्रबंधक नियुक्त करने का फैसला किया।
अब इस मामले में कोर्ट में सुनवाई अहम होगी, जिसमें यह खुलासा होगा कि प्रधान की कुर्सी बचेगी या शहर को नया प्रधान मिलेगा। संवाद
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