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Mohali News: अमरूद बाग घोटाले के आरोपी एचडीओ जसप्रीत का पुलिस रिमांड तीन दिन बढ़ा
Sun, 04 Feb 2024 07:24 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Sun, 04 Feb 2024 07:24 PM IST
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विजिलेंस ने कहा- सिद्धू ने ही सबसे पहले जाली रिपोर्ट की थी पंच
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। अमरूद बाग घोटाले में गिरफ्तार बागवानी विकास अधिकारी जसप्रीत सिंह सिद्धू का तीन दिन का पुलिस रिमांड अदालत ने बढ़ा दिया है। पिछला रिमांड खत्म होने के बाद उसे दोबारा मोहाली अदालत में पेश किया। जहां विजिलेंस ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी काफी लंबे समय तक खरड़ में डीएचओ रहा है। उसी ने हॉर्टिकल्चर सर्वे में सबसे पहले जाली रिपोर्ट बनाकर पंच की थी।
अदालत को बताया गया कि आरोपी से मामले में पूछताछ पूरी नहीं हुई है। सिद्धू ने सितंबर में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जो जनवरी में डिसमिस हो गई। इस अंतराल में वह फरार था, जिसे बाद में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ने अब पूछताछ करनी है कि फरार होने के दौरान वह कहां-कहां रहा और छिपने में किसने उसकी मदद की। अदालत ने दलील सुनने के बाद आरोपी जसप्रीत सिद्धू का तीन दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया।
यह है पूरा मामला
अमरूद बाग मुआवजा घोटाले के मामले में विजिलेंस ने मोहाली के खरड़ और डेराबस्सी में तैनात बागवानी विकास अधिकारी (एचडीओ ) जसप्रीत सिंह सिद्धू को मोहाली से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपी जसप्रीत अमरूद बाग के मुआवजे के मामले में करोड़ों के घोटाले का आरोपी है। विजिलेंस इस मामले में अब तक 21 आरोपियों को दबोच चुकी है। विजिलेंस के मुताबिक जसप्रीत सिंह सिद्धू ने 1 सितंबर 2023 को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत प्राप्त की थी। ब्यूरो ने उसकी आगामी जमानत याचिका का विरोध किया था। हिरासत के दौरान लंबी और विस्तृत दलीलों के दौरान जवाब के तौर पर 3 जवाबी हलफनामे दायर किए गए थे।
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विजिलेंस ने सिद्धू के अन्य कर्मचारियों के साथ संबंध दिखाते हुए कॉल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, छेड़छाड़ किए गए और नकली दस्तावेज के अलावा गमाडा के समक्ष पेश रिपोर्ट और राज्य के बागवानी विभाग के पास रिपोर्ट की कार्यालय कॉपी के बीच अंतर को स्पष्ट तौर पर उजागर किया था। इसके अलावा कार्यालय दस्तावेजों में पौधों की श्रेणी गमाडा के समक्ष पेश रिपोर्ट में दिखाई श्रेणी की अपेक्षा अधिक थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 23 जनवरी, 2024 को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। याचिका खारिज होते ही आरोपी फरार हो गया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। अमरूद बाग घोटाले में गिरफ्तार बागवानी विकास अधिकारी जसप्रीत सिंह सिद्धू का तीन दिन का पुलिस रिमांड अदालत ने बढ़ा दिया है। पिछला रिमांड खत्म होने के बाद उसे दोबारा मोहाली अदालत में पेश किया। जहां विजिलेंस ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी काफी लंबे समय तक खरड़ में डीएचओ रहा है। उसी ने हॉर्टिकल्चर सर्वे में सबसे पहले जाली रिपोर्ट बनाकर पंच की थी।
अदालत को बताया गया कि आरोपी से मामले में पूछताछ पूरी नहीं हुई है। सिद्धू ने सितंबर में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जो जनवरी में डिसमिस हो गई। इस अंतराल में वह फरार था, जिसे बाद में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ने अब पूछताछ करनी है कि फरार होने के दौरान वह कहां-कहां रहा और छिपने में किसने उसकी मदद की। अदालत ने दलील सुनने के बाद आरोपी जसप्रीत सिद्धू का तीन दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया।
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यह है पूरा मामला
अमरूद बाग मुआवजा घोटाले के मामले में विजिलेंस ने मोहाली के खरड़ और डेराबस्सी में तैनात बागवानी विकास अधिकारी (एचडीओ ) जसप्रीत सिंह सिद्धू को मोहाली से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपी जसप्रीत अमरूद बाग के मुआवजे के मामले में करोड़ों के घोटाले का आरोपी है। विजिलेंस इस मामले में अब तक 21 आरोपियों को दबोच चुकी है। विजिलेंस के मुताबिक जसप्रीत सिंह सिद्धू ने 1 सितंबर 2023 को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत प्राप्त की थी। ब्यूरो ने उसकी आगामी जमानत याचिका का विरोध किया था। हिरासत के दौरान लंबी और विस्तृत दलीलों के दौरान जवाब के तौर पर 3 जवाबी हलफनामे दायर किए गए थे।
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विजिलेंस ने सिद्धू के अन्य कर्मचारियों के साथ संबंध दिखाते हुए कॉल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, छेड़छाड़ किए गए और नकली दस्तावेज के अलावा गमाडा के समक्ष पेश रिपोर्ट और राज्य के बागवानी विभाग के पास रिपोर्ट की कार्यालय कॉपी के बीच अंतर को स्पष्ट तौर पर उजागर किया था। इसके अलावा कार्यालय दस्तावेजों में पौधों की श्रेणी गमाडा के समक्ष पेश रिपोर्ट में दिखाई श्रेणी की अपेक्षा अधिक थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 23 जनवरी, 2024 को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। याचिका खारिज होते ही आरोपी फरार हो गया था।