फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   'Government is not restoring truck unions for the benefit of loved ones'

‘चहेतों के फायदे के लिए सरकार नहीं कर रही ट्रक यूनियनों को बहाल’

Wed, 22 Dec 2021 01:48 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 01:48 AM IST
विज्ञापन
'Government is not restoring truck unions for the benefit of loved ones'
मोहाली। पंजाब की कांग्रेस सरकार अपने चहेतों को फायदा पहुंचाना चाहती है, इसलिए ट्रक आपरेटर्स की यूनियनों को बहाल नहीं किया जा रहा और सरकार में बैठे कुछ मंत्रियों ने अपने करीबियों के नाम से कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये के टेंडर अपने नाम पर ले लिए। यह गंभीर आरोप ऑल पंजाब ट्रक एकता एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मोहाली में मंगलवार को एक प्रेसवार्ता में पंजाब सरकार पर लगाए और अपना संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी। इस मौके पर एसोसिएशन जिला प्रधान अमृतपाल सिंह कालेका, उपप्रधान गुरिन्दरपाल सिंह सोढ़ी, भरपूर सिंह रामपुरा, गुरमीत सिंह कलेर, अमन मौड़ मंडी, गुरनाम सिंह जोहल मौजूद थे।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक 2017 में पंजाब में कांग्रेस ने सत्ता संभालने के बाद पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश में ट्रक ऑपरेटरों की यूनियन को भंग कर दिया था और तर्क दिया था कि यूनियनों की ओर से बनाई जाने वाली नीतियों से औद्योगिक ईकाइयों को माल की ढुलाई करवाना महंगा पड़ता था। दूसरी ओर मंगलवार को ट्रक आपरेटर एसोसिएशन ने पंजाब सरकार के आरोपों को नकार दिया है। इनका कहना था कि ट्रक ऑपरेटर यूनियनों को भंग करने के पीछे पंजाब सरकार के मंत्री अपने चहेतों का फायदा पहुंचाना चाहते हैं। क्योंकि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जारी टेंडरों को पंजाब सरकार के मंत्रियों ने अपने करीबियों के नाम पर कंपनियां बनाकर ले लिए और इसका सीधा असर उन दो लाख ट्रक आपरेटरों पर हुआ, जो यूनियन में रहकर माल की ढुलाई करते थे। वहीं, पहले जो दाम ढुलाई के लिए ट्रक आपरेटरों को मिलते थे, उसकी जगह कंपनियां ने मनमर्जी से रेट तय कर दिए और धीरे-धीरे कंपनियों ने खुद अपनी गाड़ियां खरीदकर ट्रक ऑपरेटरों का काम बिल्कुल खत्म कर दिया।
विज्ञापन

अधिकारियों-मंत्रियों की मिलीभगत से होती है ओवरलोडिंग
इस दौरान ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी ठेकेदारों के औद्योगिक ईकाइयों के साथ सौदे होने के बाद ट्रक में तय क्षमता से अधिक माल की ढुलाई होने लगी। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मंत्रियों के चहेतों के नाम पर चलने वाले ट्रकों पर स्टिकर लगा दिए जाते हैं, जिनको ओवरलोड होने के बावजूद नहीं रोका जाता। दूसरी ओर, सड़कों से होकर निकलने वाले ओवरलोड ट्रकों की वजह से सड़कें जल्द टूटकर खस्ता हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed