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पर्ल्स के सेक्टरों को विकसित करने से गमाडा पीछे हटा
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Sat, 11 Jun 2016 10:17 AM IST
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प्लॉट खरीदने के लिए लोगों को अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग गाइड करेगा।
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ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने पर्ल्स द्वारा बसाए गए सेक्टर-100 और 104 को विकसित करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस लोढ़ा कमेटी के साथ दिल्ली में हुई मीटिंग में गमाडा अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। मीटिंग में आरडब्ल्यूएस के मेंबर भी मौजूद रहे।
वहीं, अलाटियों का कहना है कि उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च करके पर्ल्स ग्रुप से प्लॉट खरीदे थे। ऐसा करके गमाडा ने उनके साथ धक्का किया है। अब अलॉटी अपने हक के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली स्थित अशोका होटल में लोढ़ा कमेटी के साथ गमाडा और पर्ल्स ग्रुप के अलॉटियों की मीटिंग हुई। यह करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान पर्ल्स ग्रुप के अलॉटियों का कहना था कि उन्होंने लाखों रुपये देकर ग्रुप से प्लॉट लिए थे। अभी तक इलाके में विकास नहीं किया गया है।
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वहीं, गमाडा के अधिकारियों का तर्क था कि यह सेक्टर पर्ल्स ग्रुप के हैं। उनका इससे कुछ लेना देना नहीं है। वह अलॉटियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मुहैया करवा सकते हैं। इसके अलावा इलाके को विकसित करना भी उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी तक इलाके में 45 अलॉटियों ने विकास के काम शुरू किए है। शेष प्लॉट खाली पड़े हैं। इसके अलावा गमाडा ने अपनी तरफ से कई अन्य दस्तावेज पेश किए।
इस मौके पर गमाडा के एसीए, सीनियर टाऊन प्लानर और एक्सईएन मौजूद थे। वहीं, जब इस बारे में गमाडा के अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने फोन तक पिक नहीं किया। जिक्रयोग कि पर्ल्स ग्रुप के चेयरमैन निर्मल सिंह भंगू व तीन अन्य को जनवरी माह में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उनपर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
800 से अधिक हैं अलॉटी
जानकारी के मुताबिक पर्ल्स ग्रुप ने दोनों सेक्टरों में आठ सौ से अधिक प्लॉट काटे है। यह प्लॉट लोगों को अलॉट किए जा चुके हैं। अभी तक इलाके में विकास नहीं हो पाया है। इससे इलाके के लोग परेशान हैं।
गमाडा सिक्योरिटी मनी जब्त करने की तैयारी में
पर्ल्स ग्रुप के सेक्टर-96 में काटे गए सेक्टर की सिक्योरिटी मनी भी जब्त करने की तैयारी की है। क्योंकि इन सेक्टर का पर्ल्स ने विकास नहीं किया है।
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वहीं, अलाटियों का कहना है कि उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च करके पर्ल्स ग्रुप से प्लॉट खरीदे थे। ऐसा करके गमाडा ने उनके साथ धक्का किया है। अब अलॉटी अपने हक के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
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जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली स्थित अशोका होटल में लोढ़ा कमेटी के साथ गमाडा और पर्ल्स ग्रुप के अलॉटियों की मीटिंग हुई। यह करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान पर्ल्स ग्रुप के अलॉटियों का कहना था कि उन्होंने लाखों रुपये देकर ग्रुप से प्लॉट लिए थे। अभी तक इलाके में विकास नहीं किया गया है।
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वहीं, गमाडा के अधिकारियों का तर्क था कि यह सेक्टर पर्ल्स ग्रुप के हैं। उनका इससे कुछ लेना देना नहीं है। वह अलॉटियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मुहैया करवा सकते हैं। इसके अलावा इलाके को विकसित करना भी उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी तक इलाके में 45 अलॉटियों ने विकास के काम शुरू किए है। शेष प्लॉट खाली पड़े हैं। इसके अलावा गमाडा ने अपनी तरफ से कई अन्य दस्तावेज पेश किए।
इस मौके पर गमाडा के एसीए, सीनियर टाऊन प्लानर और एक्सईएन मौजूद थे। वहीं, जब इस बारे में गमाडा के अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने फोन तक पिक नहीं किया। जिक्रयोग कि पर्ल्स ग्रुप के चेयरमैन निर्मल सिंह भंगू व तीन अन्य को जनवरी माह में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उनपर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
800 से अधिक हैं अलॉटी
जानकारी के मुताबिक पर्ल्स ग्रुप ने दोनों सेक्टरों में आठ सौ से अधिक प्लॉट काटे है। यह प्लॉट लोगों को अलॉट किए जा चुके हैं। अभी तक इलाके में विकास नहीं हो पाया है। इससे इलाके के लोग परेशान हैं।
गमाडा सिक्योरिटी मनी जब्त करने की तैयारी में
पर्ल्स ग्रुप के सेक्टर-96 में काटे गए सेक्टर की सिक्योरिटी मनी भी जब्त करने की तैयारी की है। क्योंकि इन सेक्टर का पर्ल्स ने विकास नहीं किया है।