Zirakpur: बलटाना की फर्नीचर मार्केट में लगी आग, दमकल विभाग बुझाने में जुटा
अभी तक की जांच में सामने आया है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है जिसकी जांच के लिए अधिकारियों की टीम तैनात कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस को सूचित कर दिया गया है।
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बलटाना के फर्नीचर मार्केट में मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे एक शोरूम में आग लग गई। शोरूम में लकड़ी का फर्नीचर व फोम पड़ा होने के कारण कुछ ही मिनटो में आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। आग के फैलते ही नीचे मंजिल पर काम कर रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। यह भी पता चला है कि शोरूम मालिक के पास फायर एनओसी नहीं थी।
शोरूम मालिक मोहित कुमार ने बताया कि सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर उसे आग लगने की सूचना मिली तो फायर ब्रिगेड को सूचना दी। 15 मिनट में ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं लेकिन आग इतनी भयानक थी कि डेराबस्सी, पंचकूला और चंडीगढ़ से फायर टेंडर मांगवाने पड़े। 14 फायर टेंडर की मदद से तीन घंटे में आग बुझाई जा सकी। चंडीगढ़ से हाइड्रोलिक सीढ़ी मंगवाकर दूसरी मंजिल पर लगी आग को बुझाया जा सका।
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि जीरकपुर फायर ब्रिगेड के पास कोई एडवांस सिस्टम नहीं है। इलाके में ऊंची इमारतें बढ़ती जा रही हैं लेकिन विभाग के पास हाइड्रोलिक सीढ़ी तक नहीं है। विभाग के पास मात्र दो फायर टेंडर हैं जो बड़ी आग की घटनाओं में नाकाफी हैं। बलटाना की फर्नीचर मार्केट में दूसरी मंजिल पर लगी आग को बुझाने में चंडीगढ़ की मदद लेनी पड़ी। वहीं अगर किसी हाईराइज बिल्डिंग में आग लग जाए तो उसे बुझाना तो विभाग के वश की बात नहीं।
ज्वलनशील पदार्थ पड़े होने के कारण भड़की आग
जानकारी के अनुसार बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर लकड़ी के फर्नीचर के साथ फोम का सामान काफी मात्रा में पड़ा था। इसके अलावा फोम को चिपकने के लिए स्लोशन व थिनर भी पड़ा था। इसे आग लगते ही एकदम भड़क गई और कर्मचारियों को आग बुझाने का मौका तक नहीं मिला। बिना सुरक्षा व मंजूरी के ज्वलनशील पदार्थ व केमिकल रखना और विभाग द्वारा इसके खिलाफ कोई कार्रवाई न करना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
शोरूम में नहीं था कोई भी आग बुझाने का यंत्र
जानकारी के मुताबिक हर व्यापारिक बिल्डिंग को फायर ब्रिगेड द्वारा एनओसी लेना जरूरी है। वहां फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। नियमों के मुताबिक शुरुआती दौर में आग पर काबू पाने के लिए आग बुझाओ यंत्र होना बहुत जरूरी है।
हैरानी की बात है कि शोरूम में आग बुझाने का यंत्र मौजूद नहीं था। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां करीब सभी शोरूम बिना फायर विभाग की एनओसी के चल रहे हैं। इतना ही नहीं, किसी भी दुकानदार के पास किसी भी केमिकल को रखने की मंजूरी तक नहीं है।
हमें 10 बजकर 40 मिनट सूचना मिली। तुरंत दोनों गाड़ियां मौके पर भेज दी। आग भीषण होने के चलते डेराबस्सी से दो, पंचकूला से एक व चंडीगढ़ से एक फायर टेंडर समेत कुल 14 फायर टेंडर आग बुझाने में लगे। - राजीव कुमार, इंस्पेक्टर, दमकल विभाग, जीरकपुर।