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Mohali News: मोहाली में बारिश के दौरान हुए नुकसान के आंकलन का उपायुक्त और निगम आयुक्त ने किया दौरा
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मोहाली। भारी बारिश के बाद बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए उपायुक्त कोमल मित्तल ने नगर निगम आयुक्त परमिंदर पाल सिंह के साथ सोमवार को शहर का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। उपायुक्त ने बुरी तरह से प्रभावित पीसीएल से कुंभरा चौक तक क्षतिग्रस्त मुख्य सीवर लाइन और सीपी-67 चौक के पास बरसाती जल निकासी व्यवस्था का जायजा दौरा किया। उन्होंने निगम आयुक्त और इंजीनियरिंग कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य में तेजी लाने और स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन मामलों में निर्माण की खराब गुणवत्ता या ठेकेदारों की लापरवाही नुकसान की मूल वजह है, तो वहां जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने नगर निगम से जनता की असुविधा को कम करने के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों, सीवर लाइनों और बरसाती पानी की नालियों की मरम्मत के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना अपनाने को कहा। डीसी मित्तल ने कहा कि नगर निगम के अलावा सभी स्थानीय निकायों और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में बिना किसी देरी के मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश हैं।
लोक निर्माण विभाग, जल निकासी विभाग, मंडी बोर्ड और जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों को निकट समन्वय में काम करने और कनेक्टिविटी बहाल करने, जल निकासी में सुधार और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए संयुक्त समाधान प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने निवासियों को आश्वासन दिया कि मोहाली और आसपास के इलाकों में जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों और सीवर की समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।
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करीब 56 साल पहले बनी लाइन दे गई थी जवाब
मोहाली में करीब 56 साल पहले सीवरेज लाइन बिछाई गई थी। यह लाइन कमजोर पड़ गई थी। इसके ब्लॉक होने की वजह से गंदगी सड़कों पर बहती थी। इसके अलावा कई जगह से लाइन धंस रही थी और टेलीकॉम कंपनियां जब अंडरग्राउंड लाइन बिछाती थीं, उस समय भी लाइन को नुकसान पहुंच रहा था। इसके बाद इस लाइन को बदलने की दिशा में काम शुरू हुआ। यह प्रोजेक्ट करोड़ों रुपये की लागत से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट आने वाले 20-30 साल को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उम्मीद है कि इससे लोगों को फायदा होगा।
उप महापौर ने लिखा गमाडा को पत्र
उप-महापौर कुलजीत सिंह बेदी ने ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (गमाडा) के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर शहर के बुनियादी ढांचे की खस्ता हालत पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बेदी ने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि तत्काल और बड़े पैमाने पर कदम नहीं उठाए गए, तो मोहाली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से चरमरा जाएगा और शहरवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। सड़कें और सीवरेज व्यवस्था चरमरा गई
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उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन मामलों में निर्माण की खराब गुणवत्ता या ठेकेदारों की लापरवाही नुकसान की मूल वजह है, तो वहां जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने नगर निगम से जनता की असुविधा को कम करने के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों, सीवर लाइनों और बरसाती पानी की नालियों की मरम्मत के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना अपनाने को कहा। डीसी मित्तल ने कहा कि नगर निगम के अलावा सभी स्थानीय निकायों और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में बिना किसी देरी के मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश हैं।
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लोक निर्माण विभाग, जल निकासी विभाग, मंडी बोर्ड और जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों को निकट समन्वय में काम करने और कनेक्टिविटी बहाल करने, जल निकासी में सुधार और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए संयुक्त समाधान प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने निवासियों को आश्वासन दिया कि मोहाली और आसपास के इलाकों में जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों और सीवर की समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।
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करीब 56 साल पहले बनी लाइन दे गई थी जवाब
मोहाली में करीब 56 साल पहले सीवरेज लाइन बिछाई गई थी। यह लाइन कमजोर पड़ गई थी। इसके ब्लॉक होने की वजह से गंदगी सड़कों पर बहती थी। इसके अलावा कई जगह से लाइन धंस रही थी और टेलीकॉम कंपनियां जब अंडरग्राउंड लाइन बिछाती थीं, उस समय भी लाइन को नुकसान पहुंच रहा था। इसके बाद इस लाइन को बदलने की दिशा में काम शुरू हुआ। यह प्रोजेक्ट करोड़ों रुपये की लागत से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट आने वाले 20-30 साल को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उम्मीद है कि इससे लोगों को फायदा होगा।
उप महापौर ने लिखा गमाडा को पत्र
उप-महापौर कुलजीत सिंह बेदी ने ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (गमाडा) के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर शहर के बुनियादी ढांचे की खस्ता हालत पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बेदी ने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि तत्काल और बड़े पैमाने पर कदम नहीं उठाए गए, तो मोहाली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से चरमरा जाएगा और शहरवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। सड़कें और सीवरेज व्यवस्था चरमरा गई