फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Two people arrested for cheating in name of giving people jobs in Railways at Mohali of Punjab  

नौकरी के नाम पर खेल: रेलवे का जाली चेयरमैन बन लाखों ठगे, ऐसे बनाता था अपना शिकार

Wed, 28 Apr 2021 09:25 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 28 Apr 2021 09:25 PM IST
सार

आरोपी पिंजौर स्थित अपने एक कंप्यूटर सेंटर से ही सारे जाली दस्तावेज तैयार करते थे। वहीं, लोगों को फर्जी ज्वाइनिंग नियुक्ति पत्र व वर्दियां तक सौंप देते थे। देखने पर दसतावेज असली की तरह लगते थे।  

विज्ञापन
Two people arrested for cheating in name of giving people jobs in Railways at Mohali of Punjab  
मोहाली में पकड़े गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेलवे का जाली चेयरमैन और अफसर बनकर लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाले दो शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी इतने शातिर थे कि वह पिंजौर स्थित अपने एक कंप्यूटर सेंटर से ही सारे जाली दस्तावेज तैयार करते थे। वहीं, लोगों को फर्जी ज्वाइनिंग नियुक्ति पत्र व वर्दियां तक सौंप देते थे। देखने पर दसतावेज असली की तरह लगते थे। आरोपियों की पहचान गौतम कुमार उर्फ राजपूत मूल निवासी हरमिलाप नगर बलटाना हाल निवासी मार्डन वैली मोरिंडा रोड खरड़ और चुन्नी लाल निवासी रतपुल कालोनी पिंजौर, पंचकूला, हरियाणा के रूप में हुई है। 

विज्ञापन


आरोपी युवाओं को रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में इंस्पेक्टर, एसआई और एएसआई भर्ती करवाने के नाम पर ठगते थे। इन्होंने पंजाब, हरियाणा और यूपी के लोगों को शिकार बनाया था। एसएपसी सतिंदर सिंह ने बताया कि थाना सिटी खरड़ में आरोपियों पर धोखाधड़ी करने, जाली सकरारी दस्तावेज तैयार करने समेत आठ धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन



जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी युवाओं को ठगी का शिकार बनाते हैं। एसपी जांच हरमनदीप सिंह और डीएसपी जांच गुरचरण सिंह की अगुवाई वाली टीम ने मामले की जांच की। टीम ने गौतम कुमार को खरड़ मॉर्डन वैली से कार समेत पकड़ा, जबकि उसके साथी चुन्नी लाल को रेड कर प्राइम कंप्यूटर सेंटर पिंजौर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि गौतम कुमार उर्फ राजपूत पहले अंबाला कैंट में रेलवे विभाग में डीआरएम के साथ कांट्रेक्ट पर स्टेनो के पद पर काम करता था। ऐसे में उसे रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की भरती के बारे में जानकारी दी। जबकि चुन्नी लाल 1999 से कंप्यूटर सेंटर चला रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे तैयार करते थे जाली दस्तावेज 

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी शातिर तरीके से सारा काम करते थे। कंप्यूटर सेंटर में ही रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की भरती संबंधी जाली नोटिफिकेशन, सिलेबस, फिजिकल टेस्ट, मेडिकल टेस्ट व लिखित परीक्षा के रोल नंबर ओएमआर शीट, फाइनल सिलेक्शन लिस्ट, ज्वाइनिंग लेटर, आईडी कार्ड तैयार करके उस पर आरपीएफ भारतीय रेलवे का जाली लोगो, जाली मोहर तैयार करके स्कैन करके दस्तावेजों पर लगाते थे। मेडिकल आदि के लिए अलग से 25 हजार रुपये वसूलते थे।

ऐसे खुली थी आरोपियों की पोल
जानकारी के मुताबिक हरजिंदर सिंह निवासी गूनोमाजरा थाना ब्लॉक माजरी से आरोपियों ने रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में एएसआई रैंक के लिए चार लाख पचास हजार रुपये लिए थे। साथ ही उसे जाली ज्वाइनिंग लैटर दे दिया था। साथ ही सिलाई हुई वर्दी दिखाकर उसे लुभाते रहते थे। इस तरह आरोपियों ने हरिओम निवासी यूपी से एसआई रैंक पर भरती करवाने के लिए साढ़े चार लाख रुपये वसूले थे। जब उन्होंने इनकी पड़ताल की तो दोनों की पोल खुल गई

कांट्रेक्ट पर भी करते थे भर्ती 
पुलिस जांच में सामने आया है कि स्थाई नियुक्ति के अलावा आरोपी रेलवे स्टेशनों पर जाली कांट्रेक्ट पर रेलवे का काम मुहैया करवाते थे। इन्होंने गुरदेव कुमार, लक्ष्मण, प्रदीप निवासी आगरा यूपी, मनीष निवासी अमृतसर से पच्चीस पच्चीस हजार रुपये लिए थे। इतना ही नहीं आरोपियों का एक और साथी हिमांशु एक रेलवे ठेकेदार था। जिसने पांच साल का जाली एग्रीमेंट तैयार किया हुआ था। उसके साथ मिलकर आरोपी युवाओं को पांच साल के लिए जाली ज्वाइनिंग लैटर देते थे। इन लोगों से रेलवे स्टेशन पर दो महीने ढुलाई का काम करवाकर उन्हें अपने स्तर पर पच्चीस पच्चीस हजार रुपये वेतन देते थे
गौतम कुमार उर्फ राजपूत युवाओं से 15-15 हजार रुपये कमीशन के रूप में लेता था।

आरोपियों  से चंडीगढ़ नंबर की जो एंडेवर कार बरामद हुई है । उसके बोनट पर अंग्रेजी में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखा हुआ था। साथ ही गौतम कुमार दो चेयरमैन दिल्ली बोर्ड की प्लेट लगाई हुई थी। इसके साथ ही आरोपियों से आरपीएफ के इंस्पेक्टर, एएसआई, एसआई व अन्य रैंकों की वर्दियां, कंप्यूटर सेट, आरपीएफ में भरती करवाने के लिए तैयार किए गए जाली दस्तावेज की फाइल व डमी रिवाल्वर, खाकी कवर और छह जाली कारतूस बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed