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50 हजार के चक्कर में गंवाए 16 हजार
ब्यूरो, अमर उजाला, डेराबस्सी
Updated Sun, 06 Mar 2016 01:02 AM IST
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वारदात
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बैंक में शनिवार को पैसे जमा कराने आया एक व्यक्ति ठगी का शिकार हो गया। मजदूर 16 हजार रुपये और मोबाइल फोन गवां बैठा। ठगों ने बदले में उसके पैसों के बदले 50 हजार रुपये की गड्डी दी। जिसे खोलने पर केवल आगे पीछे ही 500 रुपये के दो नोट थे।
जबकि बाकी नोटों के आकार में खाली कागजों की कटिंग ही मिली। शिकायत मिलने पर पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। कमलेश कुमार वासी सीतामड़ी, बिहार जो हैबतपुर स्थित सम्राट प्लाइवुड फैक्टरी में काम करता है। पुलिस को शिकायत में उसने बताया कि वह अपने चाचा के खाते में 17 हजार रुपये जमा कराने सुबह साढ़े दस बजे बैंक ऑफ इंडिया की स्थानीय ब्रांच पहुंचा था।
बैंक में वाउचर भरने से पहले वह पेन मांगने बाहर निकला। बैंक में पहले ही दो युवक उसके पीछे खड़े थे। जो साथ ही बाहर निकल आए। उन युवकों ने कमलेश से मोबाइल और खुल्ले पैसे की मांग की। मोबाइल यह कहते हुए ले लिया कि वह काल करने के बाद रिचार्ज करके उसे लौटा देंगे। बदले में उसे गारंटी के तौर पर 50 हजार रुपये देने का लालच दिया।
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उसे रुमाल में लपेटी 500 के नोट वाली गड्डी भी दिखाई। कमलेश ने तसल्ली प्रकट करते हुए गड्डी के बदले 17 हजार रुपये उसे दे दिए। काफी देर इंतजार के बाद भी जब युवक मोबाइल के साथ नहीं लौटे तो उसने गड्डी खोली। लेकिन उसमें केवल ऊपर नीचे ही 500 के दो नोट निकले।
जबकि नीचे नोटों के आकार की कागजी रद्दी ही थी। सूचना पर पुलिस ने मौके का मुआयना किया। एचएचओ तरलोचन सिंह के अनुसार मामला संदिग्ध जान पड़ रहा है। क्याेंकि पैसे कमलेश के न होकर उसके चचा के थे। फिर भी बैंक से सीसीटीवी फुटेज से पड़ताल की जा रही है।
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जबकि बाकी नोटों के आकार में खाली कागजों की कटिंग ही मिली। शिकायत मिलने पर पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। कमलेश कुमार वासी सीतामड़ी, बिहार जो हैबतपुर स्थित सम्राट प्लाइवुड फैक्टरी में काम करता है। पुलिस को शिकायत में उसने बताया कि वह अपने चाचा के खाते में 17 हजार रुपये जमा कराने सुबह साढ़े दस बजे बैंक ऑफ इंडिया की स्थानीय ब्रांच पहुंचा था।
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बैंक में वाउचर भरने से पहले वह पेन मांगने बाहर निकला। बैंक में पहले ही दो युवक उसके पीछे खड़े थे। जो साथ ही बाहर निकल आए। उन युवकों ने कमलेश से मोबाइल और खुल्ले पैसे की मांग की। मोबाइल यह कहते हुए ले लिया कि वह काल करने के बाद रिचार्ज करके उसे लौटा देंगे। बदले में उसे गारंटी के तौर पर 50 हजार रुपये देने का लालच दिया।
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उसे रुमाल में लपेटी 500 के नोट वाली गड्डी भी दिखाई। कमलेश ने तसल्ली प्रकट करते हुए गड्डी के बदले 17 हजार रुपये उसे दे दिए। काफी देर इंतजार के बाद भी जब युवक मोबाइल के साथ नहीं लौटे तो उसने गड्डी खोली। लेकिन उसमें केवल ऊपर नीचे ही 500 के दो नोट निकले।
जबकि नीचे नोटों के आकार की कागजी रद्दी ही थी। सूचना पर पुलिस ने मौके का मुआयना किया। एचएचओ तरलोचन सिंह के अनुसार मामला संदिग्ध जान पड़ रहा है। क्याेंकि पैसे कमलेश के न होकर उसके चचा के थे। फिर भी बैंक से सीसीटीवी फुटेज से पड़ताल की जा रही है।