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जेई, ठेकेदार, लाइनमैन व सहायक लाइनमैन के खिलाफ केस दर्ज
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डेराबस्सी। गांव परागपुर में बीते दिनों बिजली ठीक करने गए ठेकेदार के कर्मी 35 वर्षीय जसबीर सिंह निवासी गांव भगवानपुर की करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर पावरकॉम के जेई व ठेकेदार सहित चार के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज किया है। इससे पहले केस दर्ज करने में ढील बरतने के खिलाफ मृतक के परिवार ने वीरवार को शव लेने से मना कर दिया और पुलिस स्टेशन में रोष प्रदर्शन किया, जिसके बाद में पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
22 अप्रैल को गांव परागपुर में बिजली बंद होने की शिकायत पर पावरकॉम का सहायक लाइनमैन वीर सिंह ठेकेदार के पास काम करते कर्मी जसबीर सिंह के साथ मौके पर गया था। जसबीर बिजली ठीक करने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया। बिजली सप्लाई बंद न होने के कारण जसबीर को करेंट का जोरदार झटका लगा और वह नीचे गिर गया। उसे गंभीर हालत में पहले चंडीगढ़ सेक्टर-32 व उसके बाद पीजीआई दाखिल करवाया गया, जहां से उसे कुछ राहत मिलने पर 7 मई को डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां उसने बुधवार को दम तोड़ दिया। परिवार की ओर से मौत के लिए ठेकेदार व पावरकॉम के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। आरोप है कि पुलिस केस दर्ज करने में टालमटोल कर रही थी। गुस्साए परिजनों ने वीरवार को शव लेने से मना कर दिया व रोष प्रदर्शन किया। पावरकॉम की ओर से परिवार को काफी मनाने का प्रयास किया, परंतु परिवार कार्रवाई के लिए अड़ा रहा। इसके बाद पुलिस ने देर शाम को मृतक के भाई बलकार सिंह के बयान पर ठेकेदार मोहन लाल, जेई हरविंदर सिंह, लाइनमैन नानकराम व सहायक लाइनमैन वीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
नहीं लिया था बिजली बंद करवाने का परमिट
पुलिस जांच अधिकारी एएसआई मेवा सिंह ने बताया कि नियम के मुताबिक पावरकॉम के कर्मी ठेकेदार के पास काम करते कर्मी को ट्रांसफार्मर के ऊपर नहीं चढ़ा सकते। इसके अलावा बिजली का नुक्स ठीक करने से पहले पावरकॉम के संबंधित जेई व लाइनमैन की ओर से बिजली बंद करवाने का परमिट लेना जरूरी होता है, परंतु मौके पर ऐसा नहीं किया गया, जिस कारण जसबीर सिंह करंट की चपेट में आ गया। इसके अलावा ट्रांसफार्मर पर भी बिजली बंद करने के लिए जंपर नहीं लगा हुआ था। जसबीर अपने पीछे पत्नी व दो बच्चे छोड़ गया है। जसबीर ने अभी चार महीने पहले ही ठेकेदार के पास काम करना चालू किया था।
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22 अप्रैल को गांव परागपुर में बिजली बंद होने की शिकायत पर पावरकॉम का सहायक लाइनमैन वीर सिंह ठेकेदार के पास काम करते कर्मी जसबीर सिंह के साथ मौके पर गया था। जसबीर बिजली ठीक करने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया। बिजली सप्लाई बंद न होने के कारण जसबीर को करेंट का जोरदार झटका लगा और वह नीचे गिर गया। उसे गंभीर हालत में पहले चंडीगढ़ सेक्टर-32 व उसके बाद पीजीआई दाखिल करवाया गया, जहां से उसे कुछ राहत मिलने पर 7 मई को डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां उसने बुधवार को दम तोड़ दिया। परिवार की ओर से मौत के लिए ठेकेदार व पावरकॉम के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। आरोप है कि पुलिस केस दर्ज करने में टालमटोल कर रही थी। गुस्साए परिजनों ने वीरवार को शव लेने से मना कर दिया व रोष प्रदर्शन किया। पावरकॉम की ओर से परिवार को काफी मनाने का प्रयास किया, परंतु परिवार कार्रवाई के लिए अड़ा रहा। इसके बाद पुलिस ने देर शाम को मृतक के भाई बलकार सिंह के बयान पर ठेकेदार मोहन लाल, जेई हरविंदर सिंह, लाइनमैन नानकराम व सहायक लाइनमैन वीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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नहीं लिया था बिजली बंद करवाने का परमिट
पुलिस जांच अधिकारी एएसआई मेवा सिंह ने बताया कि नियम के मुताबिक पावरकॉम के कर्मी ठेकेदार के पास काम करते कर्मी को ट्रांसफार्मर के ऊपर नहीं चढ़ा सकते। इसके अलावा बिजली का नुक्स ठीक करने से पहले पावरकॉम के संबंधित जेई व लाइनमैन की ओर से बिजली बंद करवाने का परमिट लेना जरूरी होता है, परंतु मौके पर ऐसा नहीं किया गया, जिस कारण जसबीर सिंह करंट की चपेट में आ गया। इसके अलावा ट्रांसफार्मर पर भी बिजली बंद करने के लिए जंपर नहीं लगा हुआ था। जसबीर अपने पीछे पत्नी व दो बच्चे छोड़ गया है। जसबीर ने अभी चार महीने पहले ही ठेकेदार के पास काम करना चालू किया था।
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