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गर्भवती महिला की ऊंचाई और खून कम होने पर सीधा भेजा जाएगा सिविल अस्पताल

Fri, 28 Oct 2022 02:00 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2022 02:00 AM IST
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Civil hospital will be sent directly if the length and blood of a pregnant woman is less
मोहाली। वीआईपी जिले में मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए सेहत विभाग सक्रिय हो गया है। सेहत विभाग ने तय किया है कि अगर किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में किसी गर्भवती महिला मां को प्रथम जांच के दौरान बीपी बढ़ता हो, खून 7 ग्राम से कम या 5 फीट से कम ऊंचाई आदि हो तो उस को तत्काल जिला सरकारी अस्पताल स्तर पर रेफर किया जाए। उस समय उस रोगी के वारिस को यह भी समझाया जाना चाहिए कि किस प्रकार मां और बच्चे के जीवन के लिए जोखिम को कम किया जा सकता है। यह सब गर्भवती महिलाओें को भी बताना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने कहा कि इस दिशा में ठोक कदम उठाए जाएं।
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जिला सेहत विभाग मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए कई प्रयास कर रहा है। इसके मद्देनजर सिविल सर्जन ने जिले के सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले जो मौत हुई हैं, उनमें रही गलतियों से सीख लेनी होगी। मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए गर्भावस्था की समस्याओं की समय पर पहचान बहुत जरूरी है ताकि उनका इलाज समय पर शुरू किया जा सके। इस तरह डिलीवरी के दौरान कोई दिक्कत नहीं आएगी। जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. निधि कौशल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का एक प्रमुख उद्देश्य मातृ मृत्यु दर को कम करना है। इसलिए लोगों को बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए। जननी शिशु संरक्षण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग हर गर्भवती महिला को गर्भधारण से लेकर प्रसव तक सभी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। जिसमें चेकअप, लैब टेस्ट, स्कैनिंग, अस्पताल में लाना और छोड़ना शामिल है।
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इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी संस्थान में डिलीवरी पर मुफ्त भोजन और दवाइयां समेत आर्थिक मदद भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में ही विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। क्योंकि विशेषज्ञ चिकित्सक अधिक जानकार होते हैं। ऐसे व्यक्तियों के पास जाना जिन्हें गर्भवती माताओं की जांच करने में विशेषज्ञता नहीं है। ऐसे में मां और बच्चे दोनों के जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। इस बैठक में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. निधि कौशल के अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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