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मतदान खत्म होते ही स्ट्रीट लाइटें बंद, सड़क पर छाया अंधेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर
Updated Mon, 06 Feb 2017 12:27 AM IST
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सड़क पर छाया अंधेरा
- फोटो : अमर उजाला
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शनिवार को शाम पांच बजे मतदान संपन्न होने के बाद गांव लोहगढ़ को पटियाला व अंबाला सड़क से जोड़ने वाले मार्गो पर स्ट्रीट लाइटें अचानक बंद हो गईं।
वार्ड-21 लोहगढ़ रोड स्थित सिगमा सिटी चौक के लोगों ने आरोप लगाया है कि बीते एक माह से लाइटें जगमगा कर विकास का भाव जगा रही थी, जो मतदान खत्म होते ही बंद हो गईं। लोहगढ़ गांव में 4 पार्षदों का निवास है।
अरविंद काला, हेमंत अग्रवाल, राजकुमार गंभीर, मनजीत सिंह, लक्ष्मी, सुषमा गोयल समेत अन्य लोगों ने भी नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को कोसा।
उन्होंने कहा कि दिन ढलते ही यहां अंधेरा छा जाता है। लोगों ने बताया कि चुनाव के दिनों में स्ट्रीट लाइटें जरूर चल रही थीं, लेकिन चार फरवरी को शाम छह बजे के बाद से बंद हो गईं। इस संबंध में जब क्षेत्रीय पार्षद तेजिंदर सिंह सिद्धू से बात करने की कोशिश की गई तो सारा दिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
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खुद को ठगा सा महसूस कर रहे लोग
सिगमा सिटी की गलियों में पेयजल की पाइपलाइन और सीवरेज लाइन डाली गई, उसके बाद सड़क बनाई नहीं गई। आचार संहिता लागू होने के बाद विकास कार्य रूक गया था। इस कारण कॉलोनी की सड़कें टूटी पड़ी हैं।
बारिश होने के बाद सड़कें चलने लायक नहीं हैं। जबकि साफ-सफाई न होने से लोगों को रोज परेशान होना पड़ता है। गंदगी होने के कारण मच्छरों की समस्या है, इस कारण लोग सो नहीं पाते। कॉलोनी के लोगों का कहना है मौजूदा जनप्रतिनिधियों को वोट देकर वह खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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वार्ड-21 लोहगढ़ रोड स्थित सिगमा सिटी चौक के लोगों ने आरोप लगाया है कि बीते एक माह से लाइटें जगमगा कर विकास का भाव जगा रही थी, जो मतदान खत्म होते ही बंद हो गईं। लोहगढ़ गांव में 4 पार्षदों का निवास है।
अरविंद काला, हेमंत अग्रवाल, राजकुमार गंभीर, मनजीत सिंह, लक्ष्मी, सुषमा गोयल समेत अन्य लोगों ने भी नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को कोसा।
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उन्होंने कहा कि दिन ढलते ही यहां अंधेरा छा जाता है। लोगों ने बताया कि चुनाव के दिनों में स्ट्रीट लाइटें जरूर चल रही थीं, लेकिन चार फरवरी को शाम छह बजे के बाद से बंद हो गईं। इस संबंध में जब क्षेत्रीय पार्षद तेजिंदर सिंह सिद्धू से बात करने की कोशिश की गई तो सारा दिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
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खुद को ठगा सा महसूस कर रहे लोग
सिगमा सिटी की गलियों में पेयजल की पाइपलाइन और सीवरेज लाइन डाली गई, उसके बाद सड़क बनाई नहीं गई। आचार संहिता लागू होने के बाद विकास कार्य रूक गया था। इस कारण कॉलोनी की सड़कें टूटी पड़ी हैं।
बारिश होने के बाद सड़कें चलने लायक नहीं हैं। जबकि साफ-सफाई न होने से लोगों को रोज परेशान होना पड़ता है। गंदगी होने के कारण मच्छरों की समस्या है, इस कारण लोग सो नहीं पाते। कॉलोनी के लोगों का कहना है मौजूदा जनप्रतिनिधियों को वोट देकर वह खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।