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नौ साल के बाद दिसंबर में कजौली से मोहाली के लोगों को मिलेगा पानी
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मोहाली। कजौली वाटर वर्क्स से मिलने वाले 20 एमजीडी पानी के लिए 9 साल से चल रहा इंतजार इसी साल खत्म हो जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए पूरी ताकत लगाई हुई। 30 नवंबर तक प्रोजेक्ट का का पूूूरा होगा। अगर सब कुछ सही रहा तो दिसंबर से पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके बाद शहर में पानी की किल्लत पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। इतना ही नहीं इसके साथ ही खरड़ और कुराली को भी पहली बार नहरी पानी नसीब होगा। इलाके को 6 एमजीडी पानी मिलेगा। प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। साथ ही सरकार भी प्रोजेक्ट को लेकर अपडेट ले रही है।
जानकारी के मुुताबिक कजौली वाटर वर्क्स मोरिंडा जिले में स्थित है। वहीं से चंडीगढ़, मोहाली और चंडीमंदिर को पानी मुुहैया करवाया जाता है। कजौली वाटर वर्क्स के पहले दो फेज से 35 एमजीडी पानी का अतिरिक्त हिस्सा मिलना शुरू हो गया है, लेकिन मोहाली को अपने हिस्से का पानी नहीं मिल पा रहा था। इसके पीछे की वजह यह थी कि सिंहपुरा में बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम अधर में था। पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का की समय अवधि दिसंबर 2020 तय की गई थी, लेकिन कोविड की वजह से इस प्रोजेक्ट की समय अविध जुलाई 2021 कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद फिर प्रोजेक्ट की समय अवधि बढ़ाई गई है।
हालांकि इसी प्रोजेक्ट को लेकर चीफ सेक्रेटरी पंजाब की अगुवाई में मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में गमाडा अधिकारियों ने माना था कि कोरोना महामारी की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम जोरों से चल रहा। 80 फीसदी काम पूरा कर लिया गया। दिसंबर के पहले हफ्ते में पानी की सप्लाई चला दी जाएगा। उसी दिन से मोहाली के लोगों को 20 एमजीडी पानी अतिरिक्त मिलना शुरू हो जाएगा।
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200 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट जानकारी के मुताबिक मई 2012 में गमाडा ने 200 करोड़ की लागत से कजौली वाटर वर्क्स से मोहाली और चंडीगढ़ को अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने शुरू कर दिया था। इस प्रोजेक्ट में आधा खर्च चंडीगढ़ की तरफ से उठाया जाना था। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए कोर्ट तक जंग लड़ चुके डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी मानते है कि अधिकारियों के उदासीन रवैये से प्रोजेक्ट में देरी हुई ह ै। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस बार समय से पानी शहर को मिलेगा।
12 एमजीडी पानी की दिक्कत
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर में इस समय 32 एमजीडी पानी की जरूरत है। लेकिन श्हार को अभी तक केवल 20 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है। इसमें 10 एमजीडी पानी कजौली वाटर वर्क्स से मिलता है। जबकि 10 एमजीडी पानी 76 ट्यूबवेलों से मिल रहा है। जबकि 12 एमजीडी की कमी है, जो कि आने वाले समय में दूर हो जाएगा। वहीं, नए सेक्टरों को भी कजौली से पानी मुहैया करवाने की योजना है। इसके लिए सिंहपुर से नए सेक्टरों के लिए पानी की लाइन बिछाने का किया गया है। दूसरी तरफ मोहाली नगर निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से शहर की पूरी मशीनरी बदल रही है। साथ ही एडवांस सिस्टम लगाया जा रहा है।
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जानकारी के मुुताबिक कजौली वाटर वर्क्स मोरिंडा जिले में स्थित है। वहीं से चंडीगढ़, मोहाली और चंडीमंदिर को पानी मुुहैया करवाया जाता है। कजौली वाटर वर्क्स के पहले दो फेज से 35 एमजीडी पानी का अतिरिक्त हिस्सा मिलना शुरू हो गया है, लेकिन मोहाली को अपने हिस्से का पानी नहीं मिल पा रहा था। इसके पीछे की वजह यह थी कि सिंहपुरा में बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम अधर में था। पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का की समय अवधि दिसंबर 2020 तय की गई थी, लेकिन कोविड की वजह से इस प्रोजेक्ट की समय अविध जुलाई 2021 कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद फिर प्रोजेक्ट की समय अवधि बढ़ाई गई है।
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हालांकि इसी प्रोजेक्ट को लेकर चीफ सेक्रेटरी पंजाब की अगुवाई में मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में गमाडा अधिकारियों ने माना था कि कोरोना महामारी की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम जोरों से चल रहा। 80 फीसदी काम पूरा कर लिया गया। दिसंबर के पहले हफ्ते में पानी की सप्लाई चला दी जाएगा। उसी दिन से मोहाली के लोगों को 20 एमजीडी पानी अतिरिक्त मिलना शुरू हो जाएगा।
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200 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट जानकारी के मुताबिक मई 2012 में गमाडा ने 200 करोड़ की लागत से कजौली वाटर वर्क्स से मोहाली और चंडीगढ़ को अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने शुरू कर दिया था। इस प्रोजेक्ट में आधा खर्च चंडीगढ़ की तरफ से उठाया जाना था। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए कोर्ट तक जंग लड़ चुके डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी मानते है कि अधिकारियों के उदासीन रवैये से प्रोजेक्ट में देरी हुई ह ै। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस बार समय से पानी शहर को मिलेगा।
12 एमजीडी पानी की दिक्कत
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर में इस समय 32 एमजीडी पानी की जरूरत है। लेकिन श्हार को अभी तक केवल 20 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है। इसमें 10 एमजीडी पानी कजौली वाटर वर्क्स से मिलता है। जबकि 10 एमजीडी पानी 76 ट्यूबवेलों से मिल रहा है। जबकि 12 एमजीडी की कमी है, जो कि आने वाले समय में दूर हो जाएगा। वहीं, नए सेक्टरों को भी कजौली से पानी मुहैया करवाने की योजना है। इसके लिए सिंहपुर से नए सेक्टरों के लिए पानी की लाइन बिछाने का किया गया है। दूसरी तरफ मोहाली नगर निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से शहर की पूरी मशीनरी बदल रही है। साथ ही एडवांस सिस्टम लगाया जा रहा है।