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पुल दे गए जवाब, लोग हो रहे हैं परेशान
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शहर के मुख्य चार पुलों की हालत है खराब
कम चौड़ाई व पानी की पाइप लोगों के लिए बनी मुसीबत
पुलों को सुधारने के लिए नगर निगम गमाडा को लिखेगा
अमित शर्मा
मोहाली। वर्ल्ड क्लास शहर के चार पुल अब जवाब दे रहे हैं। एक तो इन पुलों की हालत काफी खस्ता हो गई है। दूसरा पुलों के दोनों साइड की सड़के चौड़ी हो चुकी हैं। जबकि पुल की चौड़ाई कम होने से वहां पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं, कुछ पुलों पर तो पैदल चलने वालों के जगह तक नहीं हैं। ऐसे में हर समय खतरे की स्थिति बनी हुई है। यह मामला हाल ही में नगर निगम की मीटिंग में भी उठा था। मेयर कुलवंत सिंह ने पार्षदों को विश्वास दिलाया था कि जल्दी ही इस मामले में वह गमाडा को पत्र लिखेंगे। साथ ही गमाडा को पुलों को सुधारने की दिशा में कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक शहर में प्रमुख चार पुल हैं। जो कि काफी पुराने हो चुके हैं। वहीं, इनकी हालत भी काफी खराब हो गई है। इनमें सबसे अहम पुल बलौंगी कुंभड़ा रोड पर पटियाला की राव नदी पर बना हुआ है। इस पुल से खरड़ और कुराली समेत कई राज्यों से ट्रैफिक गुजरता है, लेकिन पुल की हालत काफी खराब है। पुल के दोनों तरफ जरा सी बारिश होने पर पानी भर जाता है। वहीं, रोजाना वहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस पुल को चौड़ा करने की मांग चल रही है। ऐसी ही स्थित फेज-सात दशहरा ग्राउंड से पीसीए स्टेडियम जा रही सड़क पर बने पुल की है। पुल की चौड़ाई कम है। दूसरी तरफ पैदल चलने वालों के लिए जगह तक नहीं बची है। क्योंकि पुल के दोनों साइड बड़ी-बड़ी पानी की पाइप गुजरती है। इसके अलावा कई टेलीफोन की तारे भी जाती है। पुल काफी खस्ता हो चुका है। इसी तरह लंबिया से नाइपर जा रही सड़क पर एनचो पर बना पुल भी कम चौड़ा है। भले ही पुल के दोनों तरफ ट्रैफिक लाइट्स लगाई गई है, लेकिन इसके बाद भी वहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। यही हालत पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बिल्डिंग के बैक साइड में बने पुल की है। पुल की चौड़ाई भी कम है। इसके अलावा हालत भी खराब है। वहां पर पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। इस मामले को पार्षद सतबीर सिंह धनोआ ने मीटिंग में उठाया था। जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया था।
पहले दिया था पंद्रह दिन का अल्टीमेटम
नगर निगम की मीटिंग में आने से पहले पुलों की खस्ता हालत का मामला पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने उठाया था। उन्होंने गमाडा को इस बारे में पत्र लिखकर तुरंत इस दिशा में कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने साफ किया था कि अगर पंद्रह दिन में हालत नहीं सुधरी तो उनकी तरफ से मामले में संघर्ष किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो वह हाईकोर्ट तक जाएंगे।
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कम चौड़ाई व पानी की पाइप लोगों के लिए बनी मुसीबत
पुलों को सुधारने के लिए नगर निगम गमाडा को लिखेगा
अमित शर्मा
मोहाली। वर्ल्ड क्लास शहर के चार पुल अब जवाब दे रहे हैं। एक तो इन पुलों की हालत काफी खस्ता हो गई है। दूसरा पुलों के दोनों साइड की सड़के चौड़ी हो चुकी हैं। जबकि पुल की चौड़ाई कम होने से वहां पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं, कुछ पुलों पर तो पैदल चलने वालों के जगह तक नहीं हैं। ऐसे में हर समय खतरे की स्थिति बनी हुई है। यह मामला हाल ही में नगर निगम की मीटिंग में भी उठा था। मेयर कुलवंत सिंह ने पार्षदों को विश्वास दिलाया था कि जल्दी ही इस मामले में वह गमाडा को पत्र लिखेंगे। साथ ही गमाडा को पुलों को सुधारने की दिशा में कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक शहर में प्रमुख चार पुल हैं। जो कि काफी पुराने हो चुके हैं। वहीं, इनकी हालत भी काफी खराब हो गई है। इनमें सबसे अहम पुल बलौंगी कुंभड़ा रोड पर पटियाला की राव नदी पर बना हुआ है। इस पुल से खरड़ और कुराली समेत कई राज्यों से ट्रैफिक गुजरता है, लेकिन पुल की हालत काफी खराब है। पुल के दोनों तरफ जरा सी बारिश होने पर पानी भर जाता है। वहीं, रोजाना वहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस पुल को चौड़ा करने की मांग चल रही है। ऐसी ही स्थित फेज-सात दशहरा ग्राउंड से पीसीए स्टेडियम जा रही सड़क पर बने पुल की है। पुल की चौड़ाई कम है। दूसरी तरफ पैदल चलने वालों के लिए जगह तक नहीं बची है। क्योंकि पुल के दोनों साइड बड़ी-बड़ी पानी की पाइप गुजरती है। इसके अलावा कई टेलीफोन की तारे भी जाती है। पुल काफी खस्ता हो चुका है। इसी तरह लंबिया से नाइपर जा रही सड़क पर एनचो पर बना पुल भी कम चौड़ा है। भले ही पुल के दोनों तरफ ट्रैफिक लाइट्स लगाई गई है, लेकिन इसके बाद भी वहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। यही हालत पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बिल्डिंग के बैक साइड में बने पुल की है। पुल की चौड़ाई भी कम है। इसके अलावा हालत भी खराब है। वहां पर पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। इस मामले को पार्षद सतबीर सिंह धनोआ ने मीटिंग में उठाया था। जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया था।
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पहले दिया था पंद्रह दिन का अल्टीमेटम
नगर निगम की मीटिंग में आने से पहले पुलों की खस्ता हालत का मामला पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने उठाया था। उन्होंने गमाडा को इस बारे में पत्र लिखकर तुरंत इस दिशा में कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने साफ किया था कि अगर पंद्रह दिन में हालत नहीं सुधरी तो उनकी तरफ से मामले में संघर्ष किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो वह हाईकोर्ट तक जाएंगे।
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