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Mohali News: 19 साल के युवक का दिल्ली में धड़केगा दिल, पीजीआई में दो मरीजों को मिला नया जीवन
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चंडीगढ़। पंजाब निवासी 19 वर्षीय युवक ने दुनिया से जाते हुए भी अपने अंग देकर तीन लोगों की जिंदगी बचाई है। सड़क दुर्घटना के बाद पीजीआई में भर्ती युवक को 13 जून को ब्रेन डेड घोषित किया गया। इसके बाद परिजनों से मिली अनुमति पर पीजीआई की टीम ने हृदय, लिवर और दोनों किडनी तीन गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्रदान की। अंगदाता का हृदय नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती मरीज को प्रत्यारोपित किया गया है जबकि दोनों किडनी और लिवर पीजीआई की प्रतीक्षा सूची में शामिल दो मरीजों को प्रत्यारोपित कर उनकी जान बचाई गई है। पीजीआई निदेशक विवेक लाल ने दाता परिवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मृत्यु के बाद का जीवन अवास्तविक लगता है, लेकिन अंगदान ने इसे सार्थक कर दिया है। दाता परिवार के साहस और उदारता को देखते हुए यह संदेश मिलता है कि अपने दुख को एक तरफ रख कर लिए गए निर्णय से दूसरों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। परिवार का यह कार्य नेक और प्रशंसनीय है। इससे दूसरों को प्रेरणा लेनी चाहिए।
सड़क दुर्घटना से सिर में आई गंभीर चोट
10 जून को बाइक पर जाते हुए असंतुलित होकर गिरने के कारण युवक के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान पीजीआई की टीम ने 13 जून को वुवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। युवक के पिता की सहमति से मृतक का अंगदान किया गया। हृदय का मिलान पीजीआई में न होने पर तत्काल नोटो के माध्यम से अन्य सेंट्रल से संपर्क किया गया। इसके बाद नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती 55 वर्षीय पुरुष से हृदय का मिलान हुआ।
इनसेट-
पीजीआई में एक साथ लिवर किडनी हुआ प्रत्यारोपित
अंगदान के माध्यम से मिली एक किडनी और लीवर को पीजीआई के एक मरीज में एक साथ प्रत्यारोपित किया गया है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार एक मरीज में किडनी और लिवर एक साथ प्रत्यारोपित करने का यह तीसरा मामला है। पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक व रोटो के नोडल अधिकारी प्रोफेसर विपिन कौशल ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से 14 जून को दोपहर 12.55 बजे अंगदाता के हृदय को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
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सड़क दुर्घटना से सिर में आई गंभीर चोट
10 जून को बाइक पर जाते हुए असंतुलित होकर गिरने के कारण युवक के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान पीजीआई की टीम ने 13 जून को वुवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। युवक के पिता की सहमति से मृतक का अंगदान किया गया। हृदय का मिलान पीजीआई में न होने पर तत्काल नोटो के माध्यम से अन्य सेंट्रल से संपर्क किया गया। इसके बाद नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती 55 वर्षीय पुरुष से हृदय का मिलान हुआ।
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इनसेट-
पीजीआई में एक साथ लिवर किडनी हुआ प्रत्यारोपित
अंगदान के माध्यम से मिली एक किडनी और लीवर को पीजीआई के एक मरीज में एक साथ प्रत्यारोपित किया गया है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार एक मरीज में किडनी और लिवर एक साथ प्रत्यारोपित करने का यह तीसरा मामला है। पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक व रोटो के नोडल अधिकारी प्रोफेसर विपिन कौशल ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से 14 जून को दोपहर 12.55 बजे अंगदाता के हृदय को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
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