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मानसा में फार्मासिस्ट व दर्जा चार कर्मचारियों का धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Fri, 11 Mar 2016 10:01 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : file
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राज्य के 1186 रुरल हेल्थ डिस्पेंसरियों के फार्मासिस्ट व दर्जा-4 कर्मचारियों ने बीते 10 सालों से उनकी सेवाएं नियमित न करने के रोषस्वरूप धरना लगाया।
उन्होंने शुक्रवार को जिला परिषद में एकत्रित होकर जहां अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग की, वहीं मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को मांगपत्र भी सौंपा। इस दौरान हरपाल शर्मा, हरपाल माखा व रजनी गेहले ने राज्य सरकार की ओर से चल रहे बजट सेशन के दौरान उनकी सेवाओं को नियमित करने का एलान कर जरूरी फंड आरक्षित रखने की मांग की।
फार्मासिस्ट व दर्जा-4 नेताओं ने कहा कि वे बीते 10 साल से ग्रामीण डिस्पेंसरियों में ठेके पर बहुत कम वेतन लेकर काम करते आ रहे हैं। उनके साथ काम करने वाले डॉक्टर 2011 में नियमित कर दिए गए थे, लेकिन उनकी सेवाएं नियमित नहीं की गई। पंजाब सरकार की तरफ से उनकी सेवाएं नियमित करने की बजाय हर छह माह के बाद अपनी काम चलाऊ नीति के तहत उनके ठेके की मियाद उसी वेतन पर आगे बढ़ा दी जाती है।
गौरव कुमार, गुरमेल बोड़ावाल, जसपाल दलेलवाला, अवतार सिंह, तरसेम रला, बलदेव सिंह, आशा रानी और अमरजीत कौर ने बताया कि बार बार वादे कर नियमित न करने व कम वेतन को लेकर कर्मचारियों ने आर पार की लड़ाई शुरू कर दी है। 17 मार्च को वे अपने परिवारों सहित पंजाब विधान सभा का घेराव करेंगे।
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उन्होंने शुक्रवार को जिला परिषद में एकत्रित होकर जहां अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग की, वहीं मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को मांगपत्र भी सौंपा। इस दौरान हरपाल शर्मा, हरपाल माखा व रजनी गेहले ने राज्य सरकार की ओर से चल रहे बजट सेशन के दौरान उनकी सेवाओं को नियमित करने का एलान कर जरूरी फंड आरक्षित रखने की मांग की।
फार्मासिस्ट व दर्जा-4 नेताओं ने कहा कि वे बीते 10 साल से ग्रामीण डिस्पेंसरियों में ठेके पर बहुत कम वेतन लेकर काम करते आ रहे हैं। उनके साथ काम करने वाले डॉक्टर 2011 में नियमित कर दिए गए थे, लेकिन उनकी सेवाएं नियमित नहीं की गई। पंजाब सरकार की तरफ से उनकी सेवाएं नियमित करने की बजाय हर छह माह के बाद अपनी काम चलाऊ नीति के तहत उनके ठेके की मियाद उसी वेतन पर आगे बढ़ा दी जाती है।
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गौरव कुमार, गुरमेल बोड़ावाल, जसपाल दलेलवाला, अवतार सिंह, तरसेम रला, बलदेव सिंह, आशा रानी और अमरजीत कौर ने बताया कि बार बार वादे कर नियमित न करने व कम वेतन को लेकर कर्मचारियों ने आर पार की लड़ाई शुरू कर दी है। 17 मार्च को वे अपने परिवारों सहित पंजाब विधान सभा का घेराव करेंगे।
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