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ऑर्बिट बस कांड में अदालत में नहीं हो सकी
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Sat, 16 Jan 2016 02:49 PM IST
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एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत ने ऑर्बिट बस में छेड़छाड़ के बाद चलती बस से कथित तौर पर फेंक कर मारी गई नाबालिग लड़की अर्शदीप कौर के मामले में अगली सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तारीख तय की है।
अर्शदीप कौर की मां छिंदर कौर के अलावा उसका नाबालिग बेटा व चश्मदीद गवाह अदालत में पेश हुए। इस दौरान पीड़ित महिला के साथ उसका पति सुखदेव सिंह भी मौजूद था। उसकी पहले ही गवाही हो चुकी है।
इस मौके पर सरकारी पक्ष ने अदालत को अवगत करवाया कि पीड़ित महिला छिंदर कौर की तनाव में होने से हालात ठीक नहीं है। इसके बाद अदालत ने आगामी सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तारीख तय कर दी।
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सरकारी पक्ष ने घटना के समय बस में सवार चश्मदीद गवाह तरसेम सिंह और विजय कुमार की गवाही भी छोड़ (कटवा) दी। अर्शदीप कौर के स्कूल रिकॉर्ड साथ हाजिर हुई अध्यापिका गुरशरन कौर के भी अदालत ने बयान कलम बंद कर लिए।
इस केस में कुल 48 सरकारी गवाह थे। इनमें से अर्शदीप कौर के पिता सुखदेव सिंह समेत 4 गवाहों के अदालत में बयान दर्ज हो चुके हैं और सरकारी पक्ष की ओर से शुक्रवार को सुनवाई के मौके दो अन्य गवाह छोड़ देने से अब इस केस में 42 गवाहों के अदालत में बयान बाकी हैं।
बीते माह 11 दिसंबर को नाबालिग अर्शदीप कौर के पिता सुखदेव सिंह पुलिस के पास दिए बयानों से पलट गए थे। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि इस घटना की पूरी जानकारी उसे उसकी पत्नी ने दी थी, लेकिन अदालत में उन्होंने पुलिस की कहानी से पलटते कहा था कि उन्हें घटना बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं थी।
इस केस में चश्मदीद गवाह बस सवार दंपति जगतार सिंह और अमरजीत कौर की गवाही हो चुकी है। ये चश्मदीद दंपति भी अदालत में पुलिस के पास दिए बयानों से पलट गए थे और कानूनी माहिर यह गवाह मुकरने से पुलिस की कहानी को कमजोर बता रहे हैं।
थाना बाघापुराना में नाबालिग अर्शदीप कौर से छेड़छाड़ के बाद चलती बस में से कथित तौर पर फेंक कर मारने के आरोप में सुखविंदर सिंह निवासी बहावल वाली थाना अबोहर जिला फाजिल्का, गुरदीप सिंह उर्फ जिम्मी निवासी दशमेश नगर मोगा और अमर राज दाना निवासी चक बखतू जिला बठिंडा और रणजीत सिंह बठिंडा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
बीते साल 24 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ इलाका ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट बाघापुराना की अदालत में आरोप पत्र दायर किया था। इस मामले में पंजाब सरकार की तरफ से गठित जस्टिस वीके बाली आयोग भी जांच कर रहे हैं। पीड़ित महिला छिंदर कौर को जांच के लिए कई बार तलब कर चुका है।
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अर्शदीप कौर की मां छिंदर कौर के अलावा उसका नाबालिग बेटा व चश्मदीद गवाह अदालत में पेश हुए। इस दौरान पीड़ित महिला के साथ उसका पति सुखदेव सिंह भी मौजूद था। उसकी पहले ही गवाही हो चुकी है।
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इस मौके पर सरकारी पक्ष ने अदालत को अवगत करवाया कि पीड़ित महिला छिंदर कौर की तनाव में होने से हालात ठीक नहीं है। इसके बाद अदालत ने आगामी सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तारीख तय कर दी।
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सरकारी पक्ष ने घटना के समय बस में सवार चश्मदीद गवाह तरसेम सिंह और विजय कुमार की गवाही भी छोड़ (कटवा) दी। अर्शदीप कौर के स्कूल रिकॉर्ड साथ हाजिर हुई अध्यापिका गुरशरन कौर के भी अदालत ने बयान कलम बंद कर लिए।
इस केस में कुल 48 सरकारी गवाह थे। इनमें से अर्शदीप कौर के पिता सुखदेव सिंह समेत 4 गवाहों के अदालत में बयान दर्ज हो चुके हैं और सरकारी पक्ष की ओर से शुक्रवार को सुनवाई के मौके दो अन्य गवाह छोड़ देने से अब इस केस में 42 गवाहों के अदालत में बयान बाकी हैं।
बीते माह 11 दिसंबर को नाबालिग अर्शदीप कौर के पिता सुखदेव सिंह पुलिस के पास दिए बयानों से पलट गए थे। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि इस घटना की पूरी जानकारी उसे उसकी पत्नी ने दी थी, लेकिन अदालत में उन्होंने पुलिस की कहानी से पलटते कहा था कि उन्हें घटना बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं थी।
इस केस में चश्मदीद गवाह बस सवार दंपति जगतार सिंह और अमरजीत कौर की गवाही हो चुकी है। ये चश्मदीद दंपति भी अदालत में पुलिस के पास दिए बयानों से पलट गए थे और कानूनी माहिर यह गवाह मुकरने से पुलिस की कहानी को कमजोर बता रहे हैं।
थाना बाघापुराना में नाबालिग अर्शदीप कौर से छेड़छाड़ के बाद चलती बस में से कथित तौर पर फेंक कर मारने के आरोप में सुखविंदर सिंह निवासी बहावल वाली थाना अबोहर जिला फाजिल्का, गुरदीप सिंह उर्फ जिम्मी निवासी दशमेश नगर मोगा और अमर राज दाना निवासी चक बखतू जिला बठिंडा और रणजीत सिंह बठिंडा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
बीते साल 24 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ इलाका ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट बाघापुराना की अदालत में आरोप पत्र दायर किया था। इस मामले में पंजाब सरकार की तरफ से गठित जस्टिस वीके बाली आयोग भी जांच कर रहे हैं। पीड़ित महिला छिंदर कौर को जांच के लिए कई बार तलब कर चुका है।