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सेना के खिलाफ कोर्ट में जाने को रेलवे तैयार
Firozpur
Updated Sat, 14 Sep 2013 05:38 AM IST
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फिरोजपुर। अंतरराष्ट्रीय रेलमार्ग (भारत-पाकिस्तान के रास्ते बिछा ट्रैक) उखाड़ने के मामले में डीसी ने कहा कि उन्होंने सेना को पुराना पुल तोड़कर नया बनाने की एनओसी दी थी ना की रेलवे ट्रैक उखाड़ने की। डीसी की इस बात से साफ है कि रेल पटरी उखाड़ने में सेना ने रेलवे के साथ धक्केशाही की है। रेल प्रशासन ने इस रैवेये को देख सेना के अधिकारियों को अदालत में खींचने की तैयारी की है।
रेल अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाक के साथ व्यापार करने की बात कह रहे हैं, यदि ऐसा होता है तो रेलवे कैसे दोनों देशों के बीच ट्रेन चलाएगी। सेना के अधिकारियों ने सतलुज दरिया से निकलने वाली दो नहरों के ऊपर बने पुराने पुल को तोड़ने से पहले रेलवे से एक तो अनुमति नहीं ली है दूसरा पुल के साथ रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए रेलवे ने अपना पुल बनाया हुआ था उसे भी तोड़ दिया।
रेल मंडल प्रबंधक एनसी गोयल कह चुके हैं कि रेलवे ने सेना के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए जीआरपी को शिकायत दर्ज करवाई है। डीसी मनजीत सिंह नारंग का कहना है कि उन्होंने पुराना पुल तोड़ने व नया बनाने की एनओसी दी है। रेलवे ट्रैक उखाड़ने की एनओसी नहीं दी है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि सेना उनके साथ धक्केशाही कर रही है। फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन से लेकर हुसैनीवाला बार्डर तक बिछी रेल पटरी एक ऐतिहासिक ट्रैक है। इसी ट्रैक पर यहां से कई ट्रेनें पाकिस्तान जाती और आती थीं।
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बॉक्स
व्यापार के लिए खुल सकता है हुसैनीवाला बार्डर
इंजीनियरिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ साल पहले हुसैनीवाला बार्डर खुलने की चर्चा की वजह से रेल प्रशासन ने सतलुज दरिया पर बने पुल के साथ-साथ ट्रैक बिछाने के लिए बने पुल की मरम्मत भी की थी। यह एक ऐतिहासिक ट्रैक है। पाकिस्तान बनने से पहले इसी ट्रैक पर पाकिस्तान व भारत के बीच ट्रेन चलती थी। इस ट्रेन के बंद होने के बाद भी हुसैनीवाला बार्डर तक रेल पटरी बिछी हुई है। साल में दो बार बैसाखी व शहीदी दिवस पर इस पर ट्रेन चलती हैं। रेल अधिकारियों का कहना है कि जब कभी व्यापार या हुसैनीवाला बार्डर खोलने का समझौता होता है तो फिर ट्रेन कैसे चलेगी।
कोट
मैंने पुल बनाने के लिए कोई जमीन सेना को नहीं दी है और ना ही ट्रैक उखाड़ने की अनुमति दी है। ट्रैक उखाड़ने के आदेश देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सेना ने खुद ट्रैक उखाड़ा है। उन्होंने तो पुल बनाने के लिए एनओसी दी है।
मंजीत सिंह नारंग, डीसी
सेना के वरिष्ठ अधिकारी रेल पटरी उखाड़े जाने के मामले की अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। रेलवे व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी बातचीत चल रही है।
-नरेश विग, सेना के प्रवक्ता
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रेल अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाक के साथ व्यापार करने की बात कह रहे हैं, यदि ऐसा होता है तो रेलवे कैसे दोनों देशों के बीच ट्रेन चलाएगी। सेना के अधिकारियों ने सतलुज दरिया से निकलने वाली दो नहरों के ऊपर बने पुराने पुल को तोड़ने से पहले रेलवे से एक तो अनुमति नहीं ली है दूसरा पुल के साथ रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए रेलवे ने अपना पुल बनाया हुआ था उसे भी तोड़ दिया।
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रेल मंडल प्रबंधक एनसी गोयल कह चुके हैं कि रेलवे ने सेना के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए जीआरपी को शिकायत दर्ज करवाई है। डीसी मनजीत सिंह नारंग का कहना है कि उन्होंने पुराना पुल तोड़ने व नया बनाने की एनओसी दी है। रेलवे ट्रैक उखाड़ने की एनओसी नहीं दी है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि सेना उनके साथ धक्केशाही कर रही है। फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन से लेकर हुसैनीवाला बार्डर तक बिछी रेल पटरी एक ऐतिहासिक ट्रैक है। इसी ट्रैक पर यहां से कई ट्रेनें पाकिस्तान जाती और आती थीं।
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व्यापार के लिए खुल सकता है हुसैनीवाला बार्डर
इंजीनियरिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ साल पहले हुसैनीवाला बार्डर खुलने की चर्चा की वजह से रेल प्रशासन ने सतलुज दरिया पर बने पुल के साथ-साथ ट्रैक बिछाने के लिए बने पुल की मरम्मत भी की थी। यह एक ऐतिहासिक ट्रैक है। पाकिस्तान बनने से पहले इसी ट्रैक पर पाकिस्तान व भारत के बीच ट्रेन चलती थी। इस ट्रेन के बंद होने के बाद भी हुसैनीवाला बार्डर तक रेल पटरी बिछी हुई है। साल में दो बार बैसाखी व शहीदी दिवस पर इस पर ट्रेन चलती हैं। रेल अधिकारियों का कहना है कि जब कभी व्यापार या हुसैनीवाला बार्डर खोलने का समझौता होता है तो फिर ट्रेन कैसे चलेगी।
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मैंने पुल बनाने के लिए कोई जमीन सेना को नहीं दी है और ना ही ट्रैक उखाड़ने की अनुमति दी है। ट्रैक उखाड़ने के आदेश देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सेना ने खुद ट्रैक उखाड़ा है। उन्होंने तो पुल बनाने के लिए एनओसी दी है।
मंजीत सिंह नारंग, डीसी
सेना के वरिष्ठ अधिकारी रेल पटरी उखाड़े जाने के मामले की अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। रेलवे व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी बातचीत चल रही है।
-नरेश विग, सेना के प्रवक्ता