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बिना गेट पास निकाले धान के 20 हजार बैग
अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sun, 06 Oct 2013 11:03 PM IST
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फिरोजपुर की दाना मंडी से बिना गेट पास के कथित तौर पर 20 हजार धान के बैग निकाले गए हैं। ये बैग उस शैलर में रखे गए हैं, जिसने पिछले सीजनों की करोड़ों रुपये की मार्केट फीस अदा नहीं की है।
ये सब कुछ मार्केट कमेटी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा है। उधर मार्केट कमेटी शहर के सचिव शेर सिंह ने कहा कि ऐसा मामला उनके ध्यान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी।
दूसरी तरफ डिप्टी कमिश्नर मंजीत सिंह नारंग का कहना है कि उन्होंने डीएफसी अंजुमन भास्कर को आदेश दिए थे कि जिन शैलरों ने पिछले सीजन की मार्केट कमेटी फीस अदा नहीं की है, उन्हें धान अलाट न की जाए। लेकिन उनके वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि फीस का लेन-देन मार्केट कमेटी के हाथ है, उनके विभाग के नहीं।
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इसलिए उन्हें धान अलाट की जा रही है। एक सवाल के जवाब में डीसी ने कहा कि जो बिना गेट पास के धान के बैग मंडी से निकाले जा रहे हैं, उस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
इसमें कोई भी अधिकारी आरोपी पाया गया उसे बख्शा नहीं जाएगा। मंडी के बिना गेट पास से धान की बोरियां बाहर नहीं जा सकती हैं। दूसरा जिन शैलरों ने फीस अदा नहीं की है, उन्हें इस तरह धान उठवाई जा रही है, तो किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
इधर, डीएफसी अंजुमन भास्कर ने कहा कि सरकारी खरीद हुई है। लेकिन बिना गेट पास के धान के बैग डिफाल्टर शैलर में लगाए जा रहे हैं, यह गलत है। इस मामले की वह खुद गहनता से जांच करेंगी।
22 करोड़ मार्केट फीस का भुगतान नहीं
फिरोजपुर जिले में 29 शैलर वाले ऐसे हैं जिन्होंने पिछले कई सीजनों की 22 करोड़ रुपये से अधिक मार्केट कमेटी की फीस अदा नहीं की है। ऐसे शैलर वालों को यदि सरकारी खरीद एजेंसियां धान अलाट भी कर देती हैं फिर भी मार्केट कमेटी का अधिकार बनता है कि उससे अपनी बनती फीस लेने के बाद माल उठवाया जाए।
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ये सब कुछ मार्केट कमेटी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा है। उधर मार्केट कमेटी शहर के सचिव शेर सिंह ने कहा कि ऐसा मामला उनके ध्यान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी।
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दूसरी तरफ डिप्टी कमिश्नर मंजीत सिंह नारंग का कहना है कि उन्होंने डीएफसी अंजुमन भास्कर को आदेश दिए थे कि जिन शैलरों ने पिछले सीजन की मार्केट कमेटी फीस अदा नहीं की है, उन्हें धान अलाट न की जाए। लेकिन उनके वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि फीस का लेन-देन मार्केट कमेटी के हाथ है, उनके विभाग के नहीं।
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इसलिए उन्हें धान अलाट की जा रही है। एक सवाल के जवाब में डीसी ने कहा कि जो बिना गेट पास के धान के बैग मंडी से निकाले जा रहे हैं, उस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
इसमें कोई भी अधिकारी आरोपी पाया गया उसे बख्शा नहीं जाएगा। मंडी के बिना गेट पास से धान की बोरियां बाहर नहीं जा सकती हैं। दूसरा जिन शैलरों ने फीस अदा नहीं की है, उन्हें इस तरह धान उठवाई जा रही है, तो किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
इधर, डीएफसी अंजुमन भास्कर ने कहा कि सरकारी खरीद हुई है। लेकिन बिना गेट पास के धान के बैग डिफाल्टर शैलर में लगाए जा रहे हैं, यह गलत है। इस मामले की वह खुद गहनता से जांच करेंगी।
22 करोड़ मार्केट फीस का भुगतान नहीं
फिरोजपुर जिले में 29 शैलर वाले ऐसे हैं जिन्होंने पिछले कई सीजनों की 22 करोड़ रुपये से अधिक मार्केट कमेटी की फीस अदा नहीं की है। ऐसे शैलर वालों को यदि सरकारी खरीद एजेंसियां धान अलाट भी कर देती हैं फिर भी मार्केट कमेटी का अधिकार बनता है कि उससे अपनी बनती फीस लेने के बाद माल उठवाया जाए।