{"_id":"d2728bd18d6ba84620a9f69b7089bcb9","slug":"quote-basmati-400-more-to-get-in-sirsa","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिरसा में 400 अधिक मिल रहा बासमती भाव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरसा में 400 अधिक मिल रहा बासमती भाव
अमर उजाला, बठिंडा
Updated Fri, 25 Oct 2013 10:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बठिंडा में सीमा पर पड़ते गांवों के किसान बासमती धान हरियाणा में बेच रहे हैं। सिरसा मंडी में किसानों को प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये तक अधिक भाव मिल रहा है।
मानसा, बठिंडा और मुक्तसर के कई किसान फसल हरियाणा ले जा रहे हैं। बठिंडा के ब्लाक संगत के गांव बांडी, पथराला, चक्क रुलदू सिंह वाला और कुटी चारा के किसान बासमती धान सिरसा बेच रहे हैं।
बठिंडा में करीब एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान होता है। इसमें 25 से 30 प्रतिशत क्षेत्रफल में बासमती लगाते हैं। जानकारी के अनुसार पंजाब के खरीद केंद्रों में किसानों को बासमती का मूल्य तीन हजार रुपये क्विंटल तक मिल रहा है।
विज्ञापन
उधर सिरसा मंडी में बासमती का भाव 3350 से 3400 रुपये तक है। बांडी के किसान लखवीर सिंह ने बताया कि उन्हें सिरसा मंडी में 3350 रुपये का भाव मिला है। उन्होंने कहा कि गांव के और किसान सिरसा गए हैं। कुटी के किसान ने बताया कि उसे हरियाणा में फसल बेचने का काफी लाभ हुआ है।
पंजाब खेती यूनिवर्सिटी के माहिर डॉ. गुरजिन्दर सिंह रोमाना का कहना है कि यूनिवर्सिटी की किस्म बासमती 1509 का झाड़ काफी अच्छा है। उन्होंने कहा कि फसल हरियाणा में बिकने से पंजाब की पैदावार में कटौती होगी। इससे हरियाणा की प्रति एकड़ झाड़ की दर पंजाब से बढ़ जाएगी।
बठिंडा जिले के खरीद केंद्रों में अब तक 4.06 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है। हरियाणा में फसल जाने से खजाने को चार प्रतिशत मार्केट फीस और देहाती विकास फंड का झटका लग रहा है।
मानसा जिले से भी काफी फसल जा रही है। मंडी बोर्ड ने पंजाब-हरियाणा सीमा और नाकाबंदी भी की है। उधर जिला मंडी अफसर गुरसेवक सिंह का कहना है कि बठिंडा से जिंस हरियाणा में नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा सीमा पर चेकिंग शुरू की है और पूरी पूछताछ के बाद ही जिंस को जाने दिया जाता है।
विज्ञापन
मानसा, बठिंडा और मुक्तसर के कई किसान फसल हरियाणा ले जा रहे हैं। बठिंडा के ब्लाक संगत के गांव बांडी, पथराला, चक्क रुलदू सिंह वाला और कुटी चारा के किसान बासमती धान सिरसा बेच रहे हैं।
विज्ञापन
बठिंडा में करीब एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान होता है। इसमें 25 से 30 प्रतिशत क्षेत्रफल में बासमती लगाते हैं। जानकारी के अनुसार पंजाब के खरीद केंद्रों में किसानों को बासमती का मूल्य तीन हजार रुपये क्विंटल तक मिल रहा है।
विज्ञापन
उधर सिरसा मंडी में बासमती का भाव 3350 से 3400 रुपये तक है। बांडी के किसान लखवीर सिंह ने बताया कि उन्हें सिरसा मंडी में 3350 रुपये का भाव मिला है। उन्होंने कहा कि गांव के और किसान सिरसा गए हैं। कुटी के किसान ने बताया कि उसे हरियाणा में फसल बेचने का काफी लाभ हुआ है।
पंजाब खेती यूनिवर्सिटी के माहिर डॉ. गुरजिन्दर सिंह रोमाना का कहना है कि यूनिवर्सिटी की किस्म बासमती 1509 का झाड़ काफी अच्छा है। उन्होंने कहा कि फसल हरियाणा में बिकने से पंजाब की पैदावार में कटौती होगी। इससे हरियाणा की प्रति एकड़ झाड़ की दर पंजाब से बढ़ जाएगी।
बठिंडा जिले के खरीद केंद्रों में अब तक 4.06 लाख मीट्रिक टन धान आ चुका है। हरियाणा में फसल जाने से खजाने को चार प्रतिशत मार्केट फीस और देहाती विकास फंड का झटका लग रहा है।
मानसा जिले से भी काफी फसल जा रही है। मंडी बोर्ड ने पंजाब-हरियाणा सीमा और नाकाबंदी भी की है। उधर जिला मंडी अफसर गुरसेवक सिंह का कहना है कि बठिंडा से जिंस हरियाणा में नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा सीमा पर चेकिंग शुरू की है और पूरी पूछताछ के बाद ही जिंस को जाने दिया जाता है।