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पेंशनर्स ने जीएम के खिलाफ धरना दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Tue, 08 Dec 2015 03:21 PM IST
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पीआरटीसी पेंशनर्स एसोसिएशन ने सोमवार को बठिंडा डिपो के जीएम के खिलाफ धरना दिया।
नारेबाजी करते हुए जीएम पर सीनियर सहायक को बचाने का आरोप लगाया। धरने की अगुवाई कर रहे गुरतेज सिंह जस्सी ने कहा कि बीती 28 अक्टूबर को जीएम को पेंशनर्स की तकलीफों का हल करने के लिए मांग पत्र दिया था और उसके बाद 30 नवंबर को दोबारा याद पत्र दिया था। जीएम ने एसोसिएशन के साथ अभी तकबैठक नहीं की। इससे पेंशनर्स में रोष पाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन शाखा में के सीनियर सहायक अरुण कुमार का पेंशनर्स के प्रति व्यवहार ठीक नही है और उसे एक अन्य मामले में ट्रैफिक मैनेजर बठिंडा ने जांच में आरोपी करार दिया है। आरोप लगाया की जीएम उसे बचा रहे हैं और उसे छुट्टी पर भेज दिया है, ताकि मामला शांत हो जाये। उन्होंने अरुण कुमार की सीट बदलने की मांग की। उन्होंने मांग की पे कमीशन की बढ़ोत्तरी के बकाए दिए जाएं। बुढ़ापा भत्ता समय पर लगाया जाए। फैमिली पेंशनर्स के बकाया की लिस्ट जारी की जाए।
हर माह पेंशन देने की एक पक्की तिथि निर्धारित की जाये। किलोमीटर स्कीम की लाखों रुपये की आमदनी जमा न होने की उच्चस्तरीय जांच करवाकर आरोपियों को सख्त सजा देकर रिकवरी की जाए। एसोसिएशन के आरोपों पर पक्ष जानने के लिए जीएम से संपर्क किया गया। प्रयासों के बाद भी उनसे बात नहीं हो सकी।
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नारेबाजी करते हुए जीएम पर सीनियर सहायक को बचाने का आरोप लगाया। धरने की अगुवाई कर रहे गुरतेज सिंह जस्सी ने कहा कि बीती 28 अक्टूबर को जीएम को पेंशनर्स की तकलीफों का हल करने के लिए मांग पत्र दिया था और उसके बाद 30 नवंबर को दोबारा याद पत्र दिया था। जीएम ने एसोसिएशन के साथ अभी तकबैठक नहीं की। इससे पेंशनर्स में रोष पाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन शाखा में के सीनियर सहायक अरुण कुमार का पेंशनर्स के प्रति व्यवहार ठीक नही है और उसे एक अन्य मामले में ट्रैफिक मैनेजर बठिंडा ने जांच में आरोपी करार दिया है। आरोप लगाया की जीएम उसे बचा रहे हैं और उसे छुट्टी पर भेज दिया है, ताकि मामला शांत हो जाये। उन्होंने अरुण कुमार की सीट बदलने की मांग की। उन्होंने मांग की पे कमीशन की बढ़ोत्तरी के बकाए दिए जाएं। बुढ़ापा भत्ता समय पर लगाया जाए। फैमिली पेंशनर्स के बकाया की लिस्ट जारी की जाए।
हर माह पेंशन देने की एक पक्की तिथि निर्धारित की जाये। किलोमीटर स्कीम की लाखों रुपये की आमदनी जमा न होने की उच्चस्तरीय जांच करवाकर आरोपियों को सख्त सजा देकर रिकवरी की जाए। एसोसिएशन के आरोपों पर पक्ष जानने के लिए जीएम से संपर्क किया गया। प्रयासों के बाद भी उनसे बात नहीं हो सकी।